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बमबम हुआ मानसून, शहर के घरों में घुसा पानी--
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कप्तानगंज थाना जाने वाली सड़क पर भरा बारिश का पानी।
- फोटो : BASTI
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बमबम हुआ मानसून, शहर के घरों में घुसा पानी
नालियांउफनाईं तो वार्डों से लेकर सड़कों तक भरा पानी
डीएम आवास के पास पेड़ गिरने से उद्यान की बाउंड्री ढही
बरसात के पूर्व नगरपालिका की तैयारियों का दिखा सच
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता से सोमवार से झमाझम बारिश शुरू हो गई है। गंदे पानी की निकासी को लेकर नगरपालिका की ओर से किए गए दावों की पोल दो दिन की बरसात ने खोल कर रख दी है। वार्डों से लेकर सड़कों पर भरा पानी गवाही दे रहा है कि पालिका का प्रयास नाकाफी साबित हुआ।
सोमवार की रात हुई झमाझम बारिश से शहर के रामेश्वरपुरी, बभनगांवा, आवास विकास, पुरानी बस्ती, दक्षिण दरवाजा, महरीखांवा सहित अन्य वार्डों में पानी भर गया। नाले व नालियां चोक होने की वजह से बारिश का इकट्ठा हुआ पानी नहीं निकल पा रहा था। कुछ जगह ऐसे भी थे, जहां लोगों के घरों में पानी भर गया। इसी पानी के बीच से लोगों को आना-जाना पड़ रहा है। सड़कों की यदि बात तो धर्मशाला रोड पूरी तरह से पानी से डूबा हुआ था, यही हाल बालकराम की गाली होते हुए बैरिहवां चौराहे की तरफ जाने वाले मार्ग का था। यह मार्ग भी पानी से लबालब था। पानी भरने के चलते सड़क के किनारे व बीच में बनी नालियां राहगीरों को दिख नहीं रही थी। जहां पुलिया टूटी थी, उसके पड़ोस के लोग राहगीरों को आगाह कर रहे थे। दक्षिण दरवाजा से लेकर करुआ बाबा मार्ग का नजारा तालाब जैसा था। कटरा काली मंदिर होते हुए आवास विकास को जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह पानी से भरा हुआ था।
बारिश के चलते गिरे पेड़, टूटा पोल
झमाझम हुई बारिश के चलते जिलाधिकारी आवास के समीप एक विशालकाय वृक्ष गिर गया। इसके चलते उद्यान विभागी चहारदीवारी भी ढह गई। यही नहीं अमरुतहिया में भी एक नीम का पेड़ गिर गया। पेड़ विद्युत पोल पर गिरा, जिसके जिसके चलते पूरे मोहल्ले के सप्लाई बंद करनी पड़ी।
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नगर पालिका अध्यक्ष की सुनिए
जल निकासी को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्र कहती हैं कि पालिका के पास पर्याप्त संसाधन हैं। जहां पानी भर जाने जैसी समस्या है, वहां पंपिंग सेंट लगवाया गया है। कहतीं हैं पानी भरने की सूचना और स्थिति जानने के लिए वार्डों का निरीक्षण किया है। जहां आवश्यकता है, वहां पंपिंग सेंट लगवाया जाएगा।
कल तक रहेंगे यही हालात: डॉ. पद्माकर
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्याल कुमारगंज अयोध्या से सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक बस्ती, गोरखपुर और फैजाबाद मंडल में घने बादल और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। 11 जुलाई तक हल्के व माध्यम बारिश के आसार हैं। बताया कि बंगाल की खाड़ी से भरपूर नमी ला चुकी पुरवाई ने वायुमंडल में आर्द्रता का स्तर 100 फीसदी कर दिया है। इससे अभी दो-तीन दिन मौसम ऐसे ही रहेगा।
बारिश के चलते बनकटी क्षेत्र की सड़कों पर भरा पानी
वाहनों से तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। क्षेत्र के विभिन्न इलाके में बारिश के चलते जल जमाव हो गया। कई जगह तो सड़कें कीचड़ से सन गई। जो राहगीरों के लिए चुनौती से कम नहीं साबित हो रही थी। इन रास्तों से बिना संभले चलने की कोई भूल का मतलब कीचड़ में गिर जाना। देईसांड़, महादेवा, लालगंज, बरहुआ, पक्काबाजार, डेल्हापार, बानपुर सहित अन्य मार्गों का भी यही हाल था। यहां की सड़कें बरसाती पानी से डूबी हुई थी। जल निकासी के लिए कोई प्रबंध न होने से लोगों में गुस्सा भी है। बस्ती-महुली मुख्य मार्ग सहित बानपुर से देईसांड़, देईसाड़ से खोरिया हरैया, टिकवाजोत से डिहिया बसौढ़ी, बनकटी से खैराटी, ब्लॉक मुख्यालय से कनेहटी, पक्कवा से इंटहर मार्ग, पंखोंबारी से बड्डाड़ से चित़ाखोर मार्गों पर लोग संभल कर चलते नजर आए। इन मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिनपर वाहनों से चलना तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा है। कस्बे के बलिराम गौड़, रामचंद्र तिवारी, मुरलीधर शुक्ला, जगदीश चौधरी, विरेन्द्र सिंह, शिवाकान्त मिश्रा, रामजी जायसवाल, डॉ आरपी शुक्ला, जितेंद्र सिंह, रविचंद पांडेय, राजबली, विरेन्दर, बाबू राम चौधरी सहित अन्य लोगों ने सड़क मरम्मत कराए जाने व जल निकासी की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
बारिश के बीच किसानों ने शुरू की धान रोपाई
रोपाई के लिए मजदूरों को भी मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। बारिश को लेकर चिंतित किसानों पर भगवान इंद्र की कृपा बरस ही गई। दो दिनों से हो रही बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। अब वे अपने खेतों में धान के पौधों की रोपाई शुरू कर दिए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ गर्मी व उमस से परेशान लोगों के बारिश से राहत मिली है।
क्षेत्र के नगर बाजार, नचना, बिरऊपुर, रौसिंघापार, पोखरनी, पोखरा बाजार, माडन, धुसुरिया, बकैनिया आदि गांव के किसान खेतों में धान की रोपाई में जुट गए हैं। बरसात से खेतों में जमा पानी देख किसान फूले नहीं समा रहे हैं। किसान रामजतन, जमील अहमद, मनीराम, बनवारी प्रजापति, सीता राम आदि ने कहा कि समय से बिजली नहीं मिल पाने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। जिनके पास निजी संसाधन थे, वे किसी तरह से अपने खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई कर रहे थे। ज्यादातर किसान बरसात के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए देख रहे थे। ऐसे में यह बरसात वरदान से कम नहीं है। परिवार सहित दर्जनों मजदूर खेतों में परिवार सहित धान की रोपाई कर रहे हैं। मजदूर गुड्डू, अनामिका, सेवक आदि ने बताया कि धान रोपाई के समय रोजगार मिल जाता है। बरसात में खाली बैठने से अच्छा है कि खेतों में काम करके कमाई कर ली जाए। बताते हैं कि रोपाई के लिए दो हजार रुपये प्रति एकड़ मिल रहा है। वहीं, बच्चे अपने मर्जा व उत्साह से धान रोपाई में लगे हैं।
फोटो
किसी के लिए वरदान तो किसी के लिए मुसीबत
पानी भरने, पेड़ गिरने और तार टूटने से आफत
खेतों में भरा पानी तो रोपाई करने में जुटे किसान
अमर उजाला ब्यूूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता ने पानी-पानी कर दिया है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली के तार टूट जाने से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है तो खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसान धान रोपाई में जुट गया, जिससे मजदूरों की किल्लत भी बढ़ गई है।
छावनी प्रतिनिधि के मुताबिक रामजानकी मार्ग के बगल दोनों तरफ बनी नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। कस्बे के प्रदीप कुमार, प्रेमकुमार गुप्ता, शत्रुघ्न गुप्ता, संतोष आदि ने बताया कि बरसात के पानी के साथ नाली का गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। नाली की सफाई नहीं होने से प्रदीप सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। लोगों ने एडीओ पंचायत शिकायत करनी चाही लेकिन मोबाइल बंद निकला। जबकि डीपीआरओ ब्रह्मचारी द्विवेदी नेकहा कि हर न्याय पंचायत में 25-25 सफाई कर्मी लगाये गए हैं। मामले की जांच कराऊंगा। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक किसान धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। रामजानकी मार्ग के पाऊं कस्बे से बाबा सोमेश्वरनाथ मंदिर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर पानी भरने से आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक स्कूल, अस्पताल और ब्लॉक परिसर में पानी भर गया है। बरदहिया, सर्विस रोड से आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। कप्तानगंज ब्लॉक परिसर में चल रहे पशु अस्पताल, वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के अंदर तक बारिश का पानी घुस गया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार राय और रेंजर अजय शंकर शुक्ला ने बताया कि बीडीओ और जन प्रतिनिधियों से पहले भी शिकायत की गई थी लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। पगार गांव के प्राथमिक स्कूल में पानी भर गया है। जिससे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धान रोपाई को नहीं मिल रहे मजदूर
मानिकचन्द प्रतिनिधि के मुताबिक खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई में तेजी आ गई है। किसान हमीदुल्लाह का कहना है कि सभी के खेतों में पानी भर जाने से लोग सुबह से ही रोपाई करने लगे। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की आ गई है। किसान अजमत अली ने बताया कि मजदूर नही मिल पा रहे हैं। प्रति बीघा धान रोपाई एक हजार रुपये देने के लिए ढूंढ रहा हूं। वहीं, रामलौट चौधरी का कहना है कि बरसात होने से डीजल के दाम बच गए। बरसात के पानी से धान की रोपाई चल रही है।
दीवार ढहने से किशोरी घायल
महराजगंज प्रतिनिधि के मुुताबिक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के थूहा गांव के महिमा (14) पुत्री बाबूराम मंगलवार को दिन में करीब 11 बजे घर पर थी। अचानक दीवार का एक हिस्सा गिरने से घायल हो गई थी। परिजनों ने उसे पहले सीएचसी कप्तानगंज पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हालत काफी गम्भीर होने के कारण जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है।
रेलवे गेट धंसा, छप्पर गिरा
बारिश के चलते बस्ती लखनऊ रेल खंड स्थित पिपरा जपती गेट संख्या 205 सी का गेट धंस रहा है। गेटमैन राजू ने बताया कि पीडब्ल्यूआई और स्टेशन मास्टर को सूचना दी है। बेसमेंट धंसने से ट्रेनों के समय गेट बंद करने में दिक्कतें हो रही हैं। बैटरी तथा अन्य सामानों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। स्टेशन मास्टर वाल्टरगंज कैलाश चंद्र ने बताया कि घटना की कोई जानकारी नहीं है। पीडब्ल्यूआई पीके सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत कराई गई। कलवारी प्रतिनिधि के मुताबिक कलवारी मुस्तहकम के मेवालाल के लिए आफत बन गई। उनका छप्पर गिर गया। हालांकि, सभी सदस्य बाल-बाल बचे। मेवालाल पत्नी सोना तथा बच्चों के साथ रहते हैं। जिस समय छप्पर गिरा सभी लोग मौजूद थे।
नम हुई जमीन, तेज हवा में गिरे पेड़
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बढ़या गांव के निकट नगर रोड पर पुराना पेड़ सड़क के बीच में गिर गया। जिससे नगर और आसपास जाने वाले यात्रियों को दिनभर परेशान होना पड़ा। क्षेत्र के बलराम त्रिपाठी, चिंता यादव, दिनेश मिश्रा ने बताया कि सड़क से पेड़ हटाने के लिए पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। देर तक नहीं पहुंचने पर गांवों के लोगों ने खुद रास्ता बनवाया। वहीं, हाईवे के गोटवा, खजुहा गांव के निकट पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। सूचना पर पहुंची एनएचएआई की टीम ने जेसीबी से पेड़ को हटवा दिया।
इसी तरह बस्ती डुमरियागंज मार्ग स्थित बेलहरा चौराहे पर पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। वाल्टरगंज पुलिस को सूचना दी गई। कांस्टेबल सतीश पांडेय आदि ने ग्रामीणों के सहयोग से टहनियों को काट कर आवागमन सुचारु कराया। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक रामजानकी मार्ग के गंगऊपुर पेट्रोलपंप के पास एक पेड़ गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। पेड़ गिरने से 11 हजार की सप्लाई वाला तार टूट गया है। इससे दर्जनों गांवों की बिजली बाधित हो गई है।
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नालियांउफनाईं तो वार्डों से लेकर सड़कों तक भरा पानी
डीएम आवास के पास पेड़ गिरने से उद्यान की बाउंड्री ढही
बरसात के पूर्व नगरपालिका की तैयारियों का दिखा सच
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता से सोमवार से झमाझम बारिश शुरू हो गई है। गंदे पानी की निकासी को लेकर नगरपालिका की ओर से किए गए दावों की पोल दो दिन की बरसात ने खोल कर रख दी है। वार्डों से लेकर सड़कों पर भरा पानी गवाही दे रहा है कि पालिका का प्रयास नाकाफी साबित हुआ।
सोमवार की रात हुई झमाझम बारिश से शहर के रामेश्वरपुरी, बभनगांवा, आवास विकास, पुरानी बस्ती, दक्षिण दरवाजा, महरीखांवा सहित अन्य वार्डों में पानी भर गया। नाले व नालियां चोक होने की वजह से बारिश का इकट्ठा हुआ पानी नहीं निकल पा रहा था। कुछ जगह ऐसे भी थे, जहां लोगों के घरों में पानी भर गया। इसी पानी के बीच से लोगों को आना-जाना पड़ रहा है। सड़कों की यदि बात तो धर्मशाला रोड पूरी तरह से पानी से डूबा हुआ था, यही हाल बालकराम की गाली होते हुए बैरिहवां चौराहे की तरफ जाने वाले मार्ग का था। यह मार्ग भी पानी से लबालब था। पानी भरने के चलते सड़क के किनारे व बीच में बनी नालियां राहगीरों को दिख नहीं रही थी। जहां पुलिया टूटी थी, उसके पड़ोस के लोग राहगीरों को आगाह कर रहे थे। दक्षिण दरवाजा से लेकर करुआ बाबा मार्ग का नजारा तालाब जैसा था। कटरा काली मंदिर होते हुए आवास विकास को जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह पानी से भरा हुआ था।
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बारिश के चलते गिरे पेड़, टूटा पोल
झमाझम हुई बारिश के चलते जिलाधिकारी आवास के समीप एक विशालकाय वृक्ष गिर गया। इसके चलते उद्यान विभागी चहारदीवारी भी ढह गई। यही नहीं अमरुतहिया में भी एक नीम का पेड़ गिर गया। पेड़ विद्युत पोल पर गिरा, जिसके जिसके चलते पूरे मोहल्ले के सप्लाई बंद करनी पड़ी।
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जल निकासी को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्र कहती हैं कि पालिका के पास पर्याप्त संसाधन हैं। जहां पानी भर जाने जैसी समस्या है, वहां पंपिंग सेंट लगवाया गया है। कहतीं हैं पानी भरने की सूचना और स्थिति जानने के लिए वार्डों का निरीक्षण किया है। जहां आवश्यकता है, वहां पंपिंग सेंट लगवाया जाएगा।
कल तक रहेंगे यही हालात: डॉ. पद्माकर
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्याल कुमारगंज अयोध्या से सेवानिवृत्त मौसम विज्ञानी डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के मुताबिक बस्ती, गोरखपुर और फैजाबाद मंडल में घने बादल और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। 11 जुलाई तक हल्के व माध्यम बारिश के आसार हैं। बताया कि बंगाल की खाड़ी से भरपूर नमी ला चुकी पुरवाई ने वायुमंडल में आर्द्रता का स्तर 100 फीसदी कर दिया है। इससे अभी दो-तीन दिन मौसम ऐसे ही रहेगा।
बारिश के चलते बनकटी क्षेत्र की सड़कों पर भरा पानी
वाहनों से तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। क्षेत्र के विभिन्न इलाके में बारिश के चलते जल जमाव हो गया। कई जगह तो सड़कें कीचड़ से सन गई। जो राहगीरों के लिए चुनौती से कम नहीं साबित हो रही थी। इन रास्तों से बिना संभले चलने की कोई भूल का मतलब कीचड़ में गिर जाना। देईसांड़, महादेवा, लालगंज, बरहुआ, पक्काबाजार, डेल्हापार, बानपुर सहित अन्य मार्गों का भी यही हाल था। यहां की सड़कें बरसाती पानी से डूबी हुई थी। जल निकासी के लिए कोई प्रबंध न होने से लोगों में गुस्सा भी है। बस्ती-महुली मुख्य मार्ग सहित बानपुर से देईसांड़, देईसाड़ से खोरिया हरैया, टिकवाजोत से डिहिया बसौढ़ी, बनकटी से खैराटी, ब्लॉक मुख्यालय से कनेहटी, पक्कवा से इंटहर मार्ग, पंखोंबारी से बड्डाड़ से चित़ाखोर मार्गों पर लोग संभल कर चलते नजर आए। इन मार्गों पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। जिनपर वाहनों से चलना तो दूर पैदल चलना भी जोखिम भरा है। कस्बे के बलिराम गौड़, रामचंद्र तिवारी, मुरलीधर शुक्ला, जगदीश चौधरी, विरेन्द्र सिंह, शिवाकान्त मिश्रा, रामजी जायसवाल, डॉ आरपी शुक्ला, जितेंद्र सिंह, रविचंद पांडेय, राजबली, विरेन्दर, बाबू राम चौधरी सहित अन्य लोगों ने सड़क मरम्मत कराए जाने व जल निकासी की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
बारिश के बीच किसानों ने शुरू की धान रोपाई
रोपाई के लिए मजदूरों को भी मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। बारिश को लेकर चिंतित किसानों पर भगवान इंद्र की कृपा बरस ही गई। दो दिनों से हो रही बारिश से किसानों में खुशी की लहर है। अब वे अपने खेतों में धान के पौधों की रोपाई शुरू कर दिए हैं। तो वहीं दूसरी तरफ गर्मी व उमस से परेशान लोगों के बारिश से राहत मिली है।
क्षेत्र के नगर बाजार, नचना, बिरऊपुर, रौसिंघापार, पोखरनी, पोखरा बाजार, माडन, धुसुरिया, बकैनिया आदि गांव के किसान खेतों में धान की रोपाई में जुट गए हैं। बरसात से खेतों में जमा पानी देख किसान फूले नहीं समा रहे हैं। किसान रामजतन, जमील अहमद, मनीराम, बनवारी प्रजापति, सीता राम आदि ने कहा कि समय से बिजली नहीं मिल पाने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही थी। जिनके पास निजी संसाधन थे, वे किसी तरह से अपने खेतों की सिंचाई कर धान की रोपाई कर रहे थे। ज्यादातर किसान बरसात के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए देख रहे थे। ऐसे में यह बरसात वरदान से कम नहीं है। परिवार सहित दर्जनों मजदूर खेतों में परिवार सहित धान की रोपाई कर रहे हैं। मजदूर गुड्डू, अनामिका, सेवक आदि ने बताया कि धान रोपाई के समय रोजगार मिल जाता है। बरसात में खाली बैठने से अच्छा है कि खेतों में काम करके कमाई कर ली जाए। बताते हैं कि रोपाई के लिए दो हजार रुपये प्रति एकड़ मिल रहा है। वहीं, बच्चे अपने मर्जा व उत्साह से धान रोपाई में लगे हैं।
फोटो
किसी के लिए वरदान तो किसी के लिए मुसीबत
पानी भरने, पेड़ गिरने और तार टूटने से आफत
खेतों में भरा पानी तो रोपाई करने में जुटे किसान
अमर उजाला ब्यूूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता ने पानी-पानी कर दिया है। कई जगह पेड़ गिरने और बिजली के तार टूट जाने से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है तो खेतों में पानी भरने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसान धान रोपाई में जुट गया, जिससे मजदूरों की किल्लत भी बढ़ गई है।
छावनी प्रतिनिधि के मुताबिक रामजानकी मार्ग के बगल दोनों तरफ बनी नालियां पूरी तरह से चोक हो गई हैं। गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। कस्बे के प्रदीप कुमार, प्रेमकुमार गुप्ता, शत्रुघ्न गुप्ता, संतोष आदि ने बताया कि बरसात के पानी के साथ नाली का गंदा पानी घरों में पहुंच रहा है। नाली की सफाई नहीं होने से प्रदीप सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। लोगों ने एडीओ पंचायत शिकायत करनी चाही लेकिन मोबाइल बंद निकला। जबकि डीपीआरओ ब्रह्मचारी द्विवेदी नेकहा कि हर न्याय पंचायत में 25-25 सफाई कर्मी लगाये गए हैं। मामले की जांच कराऊंगा। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक किसान धान की रोपाई करने में जुट गए हैं। रामजानकी मार्ग के पाऊं कस्बे से बाबा सोमेश्वरनाथ मंदिर सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर पानी भरने से आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महराजगंज प्रतिनिधि के मुताबिक स्कूल, अस्पताल और ब्लॉक परिसर में पानी भर गया है। बरदहिया, सर्विस रोड से आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। कप्तानगंज ब्लॉक परिसर में चल रहे पशु अस्पताल, वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय के अंदर तक बारिश का पानी घुस गया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार राय और रेंजर अजय शंकर शुक्ला ने बताया कि बीडीओ और जन प्रतिनिधियों से पहले भी शिकायत की गई थी लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। पगार गांव के प्राथमिक स्कूल में पानी भर गया है। जिससे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धान रोपाई को नहीं मिल रहे मजदूर
मानिकचन्द प्रतिनिधि के मुताबिक खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई में तेजी आ गई है। किसान हमीदुल्लाह का कहना है कि सभी के खेतों में पानी भर जाने से लोग सुबह से ही रोपाई करने लगे। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की आ गई है। किसान अजमत अली ने बताया कि मजदूर नही मिल पा रहे हैं। प्रति बीघा धान रोपाई एक हजार रुपये देने के लिए ढूंढ रहा हूं। वहीं, रामलौट चौधरी का कहना है कि बरसात होने से डीजल के दाम बच गए। बरसात के पानी से धान की रोपाई चल रही है।
दीवार ढहने से किशोरी घायल
महराजगंज प्रतिनिधि के मुुताबिक कप्तानगंज थाना क्षेत्र के थूहा गांव के महिमा (14) पुत्री बाबूराम मंगलवार को दिन में करीब 11 बजे घर पर थी। अचानक दीवार का एक हिस्सा गिरने से घायल हो गई थी। परिजनों ने उसे पहले सीएचसी कप्तानगंज पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हालत काफी गम्भीर होने के कारण जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक बालिका की हालत नाजुक बनी हुई है।
रेलवे गेट धंसा, छप्पर गिरा
बारिश के चलते बस्ती लखनऊ रेल खंड स्थित पिपरा जपती गेट संख्या 205 सी का गेट धंस रहा है। गेटमैन राजू ने बताया कि पीडब्ल्यूआई और स्टेशन मास्टर को सूचना दी है। बेसमेंट धंसने से ट्रेनों के समय गेट बंद करने में दिक्कतें हो रही हैं। बैटरी तथा अन्य सामानों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। स्टेशन मास्टर वाल्टरगंज कैलाश चंद्र ने बताया कि घटना की कोई जानकारी नहीं है। पीडब्ल्यूआई पीके सिंह ने बताया कि कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत कराई गई। कलवारी प्रतिनिधि के मुताबिक कलवारी मुस्तहकम के मेवालाल के लिए आफत बन गई। उनका छप्पर गिर गया। हालांकि, सभी सदस्य बाल-बाल बचे। मेवालाल पत्नी सोना तथा बच्चों के साथ रहते हैं। जिस समय छप्पर गिरा सभी लोग मौजूद थे।
नम हुई जमीन, तेज हवा में गिरे पेड़
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बढ़या गांव के निकट नगर रोड पर पुराना पेड़ सड़क के बीच में गिर गया। जिससे नगर और आसपास जाने वाले यात्रियों को दिनभर परेशान होना पड़ा। क्षेत्र के बलराम त्रिपाठी, चिंता यादव, दिनेश मिश्रा ने बताया कि सड़क से पेड़ हटाने के लिए पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। देर तक नहीं पहुंचने पर गांवों के लोगों ने खुद रास्ता बनवाया। वहीं, हाईवे के गोटवा, खजुहा गांव के निकट पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। सूचना पर पहुंची एनएचएआई की टीम ने जेसीबी से पेड़ को हटवा दिया।
इसी तरह बस्ती डुमरियागंज मार्ग स्थित बेलहरा चौराहे पर पेड़ गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। वाल्टरगंज पुलिस को सूचना दी गई। कांस्टेबल सतीश पांडेय आदि ने ग्रामीणों के सहयोग से टहनियों को काट कर आवागमन सुचारु कराया। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक रामजानकी मार्ग के गंगऊपुर पेट्रोलपंप के पास एक पेड़ गिर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। पेड़ गिरने से 11 हजार की सप्लाई वाला तार टूट गया है। इससे दर्जनों गांवों की बिजली बाधित हो गई है।