{"_id":"6748b78bb3f71af7ec04b48e","slug":"questions-started-being-raised-on-the-construction-of-malviya-marg-issue-overshadowed-on-social-media-basti-news-c-207-1-bst1001-128009-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: मालवीय मार्ग के निर्माण पर उठने लगे सवाल, सोशल मीडिया पर छाया मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: मालवीय मार्ग के निर्माण पर उठने लगे सवाल, सोशल मीडिया पर छाया मुद्दा
विज्ञापन
मालवीय मार्ग पर गड्डों में ईंट डालकर भरते मजदूर- संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लंबे समय से जर्जर मालवीय मार्ग की सड़क के मरम्मत कार्य से शहरवासी संतुष्ट नहीं हैं। निर्माण के नाम पर पेवर फिनिशर मशीन से सीधे तौर पर बिछाई जा रही तारकोल युक्त गिट्टी आमजन को रास नहीं आई।
पहले दिन ही सड़क का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया। समाज के कुछ जागरूक प्रहरी काली गिट्टी की परत बिछाती मशीनों का फोटो वायरल कर सोशल मीडिया पर इसे मुख्य मुद्दा बना दिया। फिर क्या सोशल मीडिया के मंच पर सड़क की गुणवत्ता पर ही सवाल उठने लगे। इसके बाद रात में ही बीडीए को कार्य बंद कराना पड़ा।
मालवीय मार्ग की मरम्मत का कार्य बुधवार को शुरू कर दिया गया। ठेकेदार ने मौके पर पेवर फिनिशर मशीन से तारकोल मिक्स गिट्टी की परत बिछानी शुरू कर दी। इसके तत्काल बाद निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे। शहरवासियों का कहना है कि मशीन और काली गिट्टी बिछाने से संतुष्टि नहीं है। अलबत्ता गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सड़क की मरम्मत का कार्य हो तभी खुशी मिलेगी।
विज्ञापन
फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर सड़क की मरम्मत कार्य को लेकर चर्चाएं गर्म हो चली हैं। लोगों का कहना है कि पांच वर्ष से इस सड़क की मरम्मत का इंतजार किया जा रहा है। अब समय आया तो 2.32 करोड़ का बजट जैसे-तैसे खपाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठा कि मरम्मत से पहले निर्माण स्थल पर नोटिस बोर्ड लगना चाहिए। इसमें निर्माण कार्य का ब्योरा, लागत और कार्यदायी संस्था का नाम अंकित हो। इसके अलावा पहले जर्जर सड़क पर स्क्रैच करके विधिवत सफाई होनी चाहिए। गड्ढों में बोल्डर गिराकर रोलर से चलाकर फिलिंग होनी चाहिए। इसके बाद पैचिंग का कार्य उचित है। ऐसा न करके सीधे पैचिंग करने से सड़क टिकाऊ नहीं रहेगी।
सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी आते ही बीडीए को पैचिंग का कार्य रोक देना पड़ा है। बृहस्पतिवार को सड़क पर गड्ढों की फिलिंग कराने के लिए बोल्डर गिराए जा रहे थे।
बीडीए के कोष से बन रही सड़क : नगर पालिका के अधीन मालवीय मार्ग के सड़क का मरम्मत कार्य बीडीए के अवस्थापना कोष से कराया जा रहा है। फव्वारा तिराहा से रोडवेज तिराहा तक सवा दो किमी लंबाई में 12 मीटर चौड़ी सड़क की मरम्मत करके नया पैचिंग कार्य होना है। इसके बाद डिवाइडर भी दुरुस्त किए जाने हैं। मगर शुरुआती दौर में मरम्मत की जगह सिर्फ पैचिंग कार्य ही लोगों को देखने को मिला। इसी के बाद शहरवासी भड़क उठे और सोशल मीडिया पर सवाल उठाने लगे।
नपा अध्यक्ष के प्रतिनिधि को देनी पड़ी सफाई : दरअसल निर्माण कार्य का शुभारंभ नपा अध्यक्ष नेहा वर्मा के पति/ प्रतिनिधि भाजपा नेता अंकुर वर्मा ने बुधवार को नारियल फोड़कर किया था। इसी के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। देर रात अंकुर वर्मा को कई लोगों की फेसबुक आईडी पर टिप्पणी लिखकर यह सफाई देनी पड़ी कि उन्होंने अधिकारियों से संपर्क करके निर्माण कार्य रोकवा दिया है। सड़क के मरम्मत कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
बस्ती। लंबे समय से जर्जर मालवीय मार्ग की सड़क के मरम्मत कार्य से शहरवासी संतुष्ट नहीं हैं। निर्माण के नाम पर पेवर फिनिशर मशीन से सीधे तौर पर बिछाई जा रही तारकोल युक्त गिट्टी आमजन को रास नहीं आई।
पहले दिन ही सड़क का निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया। समाज के कुछ जागरूक प्रहरी काली गिट्टी की परत बिछाती मशीनों का फोटो वायरल कर सोशल मीडिया पर इसे मुख्य मुद्दा बना दिया। फिर क्या सोशल मीडिया के मंच पर सड़क की गुणवत्ता पर ही सवाल उठने लगे। इसके बाद रात में ही बीडीए को कार्य बंद कराना पड़ा।
विज्ञापन
मालवीय मार्ग की मरम्मत का कार्य बुधवार को शुरू कर दिया गया। ठेकेदार ने मौके पर पेवर फिनिशर मशीन से तारकोल मिक्स गिट्टी की परत बिछानी शुरू कर दी। इसके तत्काल बाद निर्माण कार्य पर सवाल उठने लगे। शहरवासियों का कहना है कि मशीन और काली गिट्टी बिछाने से संतुष्टि नहीं है। अलबत्ता गुणवत्ता पूर्ण ढंग से सड़क की मरम्मत का कार्य हो तभी खुशी मिलेगी।
विज्ञापन
फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप पर सड़क की मरम्मत कार्य को लेकर चर्चाएं गर्म हो चली हैं। लोगों का कहना है कि पांच वर्ष से इस सड़क की मरम्मत का इंतजार किया जा रहा है। अब समय आया तो 2.32 करोड़ का बजट जैसे-तैसे खपाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठा कि मरम्मत से पहले निर्माण स्थल पर नोटिस बोर्ड लगना चाहिए। इसमें निर्माण कार्य का ब्योरा, लागत और कार्यदायी संस्था का नाम अंकित हो। इसके अलावा पहले जर्जर सड़क पर स्क्रैच करके विधिवत सफाई होनी चाहिए। गड्ढों में बोल्डर गिराकर रोलर से चलाकर फिलिंग होनी चाहिए। इसके बाद पैचिंग का कार्य उचित है। ऐसा न करके सीधे पैचिंग करने से सड़क टिकाऊ नहीं रहेगी।
सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणी आते ही बीडीए को पैचिंग का कार्य रोक देना पड़ा है। बृहस्पतिवार को सड़क पर गड्ढों की फिलिंग कराने के लिए बोल्डर गिराए जा रहे थे।
बीडीए के कोष से बन रही सड़क : नगर पालिका के अधीन मालवीय मार्ग के सड़क का मरम्मत कार्य बीडीए के अवस्थापना कोष से कराया जा रहा है। फव्वारा तिराहा से रोडवेज तिराहा तक सवा दो किमी लंबाई में 12 मीटर चौड़ी सड़क की मरम्मत करके नया पैचिंग कार्य होना है। इसके बाद डिवाइडर भी दुरुस्त किए जाने हैं। मगर शुरुआती दौर में मरम्मत की जगह सिर्फ पैचिंग कार्य ही लोगों को देखने को मिला। इसी के बाद शहरवासी भड़क उठे और सोशल मीडिया पर सवाल उठाने लगे।
नपा अध्यक्ष के प्रतिनिधि को देनी पड़ी सफाई : दरअसल निर्माण कार्य का शुभारंभ नपा अध्यक्ष नेहा वर्मा के पति/ प्रतिनिधि भाजपा नेता अंकुर वर्मा ने बुधवार को नारियल फोड़कर किया था। इसी के कुछ देर बाद सोशल मीडिया पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। देर रात अंकुर वर्मा को कई लोगों की फेसबुक आईडी पर टिप्पणी लिखकर यह सफाई देनी पड़ी कि उन्होंने अधिकारियों से संपर्क करके निर्माण कार्य रोकवा दिया है। सड़क के मरम्मत कार्य में गुणवत्ता से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।