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फोरलेन: मनमानी के चलते बना डेंजर जोन
basti
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:17 PM IST
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अवैध कट पार करता राहगीर।
- फोटो : amar ujala
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बस्ती। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की सुरक्षा कोर के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन डेंजर जोन बना हुआ है। 295 किमी के बीच शायद ही कोई मील का पत्थर बचा होगा, जिसके बीच इंसानों का खून न बहा हो। 35 किमी के बीच दो टोल प्लाजा पर टैक्स चुकाने के बावजूद सड़क पर मनमानी है। अयोध्या से सहजनवां के बीच के फोरलेन की सुरक्षा का जिम्मा संभाले अधिकारी श्याम औतार शर्मा के अनुसार प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर अतिक्रमण के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
गत सोमवार को लखनऊ से लौटे डीएम डॉ. राजशेखर विक्रमजोत से हर्रैया के बीच फोरलेन के हिचकोलों, धुंध में जानलेवा अवैध कट देख हतप्रभ थे। लोगों की जान पर खतरा भांपते हुए चलती कार में बैठे ही डीएम को आदेश जारी करना पड़ा। मगर उनका निर्देश भी अमल में लाने के बजाए सुरक्षा अधिकारी महज माहौल बनाने में जुटे हैं। अकेले करीब 85 किलोमीटर हाइवे वाले क्षेत्र वाले बस्ती जिले में हर हफ्ते औसतन तीन-चार मौतें और 30 से 35 मुसाफिरों के घायल होने के आंकड़े सामान्य हैं। हाल के तीन वर्ष के बीच हुए हादसों में 154 मौतों और पांच सौ से ज्यादा लोगों के घायल होने का आंकड़ा देखकर किसी को भी पसीना छूटने लगता है। डीएम का कहना है कि इसे लेकर जल्द ही महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
ढाबे और पेट्रोलपंप के सामने अवैध कट
जिले की सीमा विक्रमजोत से घघौवा से शुरू होती ही। संतकबीरनगर के कांटे तक करीब 25 दर्जन बड़े ढाबे हैं जहां पार्किंग नहीं होने से भारी वाहन फोरलेन पर ही खड़े रहते हैं। कुहासे में अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। करीब डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंप हैं जिनके सामने डिवाइडर काटकर रास्ता बना लिया गया है। अवैध कट से निकलते वाहनों से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी भी हाईवे पर बनी रहती है। इन सबसे अधिक गड्ढे भी जानलेवा हो चुके हैं।
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रुधौली में डिवाइडर पर होर्डिंग्स से कब्जा
सड़क हादसों से बचाव के लिए सड़क के बीच में डिवाइडर एनएचएआई ने बना दिए हैं। लेकिन होर्डिंग और कब्जे से डिवाइडर कराह रहे हैं। इसके चलते दुर्घटनाएं भी होती हैं। लुंबिनी-दुद्धी टू लेन सड़क को वर्ष 2015-16 में एनएच के लिए स्वीकृत हुआ। कस्बे में निर्माण वर्ष 2018 की शुरुआत में पूरा कर दिया गया। सड़क के दोनों तरफ नाले व बीच में डिवाइडर बने। खूबसूरत फूलों के पौधे तो लगा दिए गए अब व्यापारियों ने अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की होर्डिंग लगाकर कब्जा कर लिया। एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष वैश्य का कहना है कि डिवाइडर पर होर्डिंग लगाना नियम विरुद्ध है। डीएम को पत्र लिखा जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष धीरसेन निषाद का कहना है कि उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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गत सोमवार को लखनऊ से लौटे डीएम डॉ. राजशेखर विक्रमजोत से हर्रैया के बीच फोरलेन के हिचकोलों, धुंध में जानलेवा अवैध कट देख हतप्रभ थे। लोगों की जान पर खतरा भांपते हुए चलती कार में बैठे ही डीएम को आदेश जारी करना पड़ा। मगर उनका निर्देश भी अमल में लाने के बजाए सुरक्षा अधिकारी महज माहौल बनाने में जुटे हैं। अकेले करीब 85 किलोमीटर हाइवे वाले क्षेत्र वाले बस्ती जिले में हर हफ्ते औसतन तीन-चार मौतें और 30 से 35 मुसाफिरों के घायल होने के आंकड़े सामान्य हैं। हाल के तीन वर्ष के बीच हुए हादसों में 154 मौतों और पांच सौ से ज्यादा लोगों के घायल होने का आंकड़ा देखकर किसी को भी पसीना छूटने लगता है। डीएम का कहना है कि इसे लेकर जल्द ही महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
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ढाबे और पेट्रोलपंप के सामने अवैध कट
जिले की सीमा विक्रमजोत से घघौवा से शुरू होती ही। संतकबीरनगर के कांटे तक करीब 25 दर्जन बड़े ढाबे हैं जहां पार्किंग नहीं होने से भारी वाहन फोरलेन पर ही खड़े रहते हैं। कुहासे में अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। करीब डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंप हैं जिनके सामने डिवाइडर काटकर रास्ता बना लिया गया है। अवैध कट से निकलते वाहनों से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। छुट्टा पशुओं की धमाचौकड़ी भी हाईवे पर बनी रहती है। इन सबसे अधिक गड्ढे भी जानलेवा हो चुके हैं।
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रुधौली में डिवाइडर पर होर्डिंग्स से कब्जा
सड़क हादसों से बचाव के लिए सड़क के बीच में डिवाइडर एनएचएआई ने बना दिए हैं। लेकिन होर्डिंग और कब्जे से डिवाइडर कराह रहे हैं। इसके चलते दुर्घटनाएं भी होती हैं। लुंबिनी-दुद्धी टू लेन सड़क को वर्ष 2015-16 में एनएच के लिए स्वीकृत हुआ। कस्बे में निर्माण वर्ष 2018 की शुरुआत में पूरा कर दिया गया। सड़क के दोनों तरफ नाले व बीच में डिवाइडर बने। खूबसूरत फूलों के पौधे तो लगा दिए गए अब व्यापारियों ने अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों की होर्डिंग लगाकर कब्जा कर लिया। एनएच के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष वैश्य का कहना है कि डिवाइडर पर होर्डिंग लगाना नियम विरुद्ध है। डीएम को पत्र लिखा जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष धीरसेन निषाद का कहना है कि उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।