{"_id":"5d2236d08ebc3e6cd710cdc6","slug":"problems-of-ruined-waste-water-basti-news-gkp3130309179","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं का अंबार, सड़क जर्जर-पेयजल हो रहा बर्बाद, जलभराव से लोग परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं का अंबार, सड़क जर्जर-पेयजल हो रहा बर्बाद, जलभराव से लोग परेशान
विज्ञापन
दुबौलीदूबे में कीचड़ से सनी सड़क।
- फोटो : BASTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाइप में रिसाव से बर्बाद हो रहा रोज सैकड़ों लीटर पानी
विक्रमजोत। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत दुबौली दूबे में तीन साल पहले पांच गांवों में जलापूर्ति के लिए जल निगम ने एक वर्ष पहले ओवरहेड टैंक बनवाई थी। लेकिन इसके पाइप लाइन में जगह-जगह रिसाव के चलते अस्सी फीसदी पेयजल बर्बाद हो रहा है, जिससे पानी का दबाव कम होने से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इन गांव के प्रमुख मार्गों पर पाइप में रिसाव से जलभराव रहता है। इसके चलते आवागमन ठप है ही साथ ही इंटरलाकिंग मार्ग व खड़ंजा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
गांव के श्यामसुन्दर यादव ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव के डॉ. रामकिशोर, रामसूरत वर्मा, मातवर वर्मा, भीमराव, पवन कुमार दुबे, राम मोहन वर्मा, बब्लू वर्मा, नकुल राव आदि ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र इसे ठीक नहीं कराया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
जल निगम के सहायक अभियंता विकेक कुमार का कहना है कि नियामतपुर में वाटर हेड टैंक को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया जा चुका है। ग्राम पंचायत पेयजल समिति को जल मूल्य वसूली व देखरेख कि जिम्मेदारी दी गई है। फिर भी ग्रामीणों की शिकायत पर तकनीकी खराबी और वाटर सप्लाई पाइप की मरम्मत के लिए टीम भेजी जाएगी।
विज्ञापन
जर्जर देईपार भैसहवा मार्ग से दर्जनभर गांव के लोग परेशान
- जर्जर मार्ग के मरम्मत में कोताही, ग्रामीण परेशान
- धूल से बढ़ रहे सांस के मरीज, यात्रा में भी कठिनाई
सल्टौआ। ब्लॉक क्षेत्र में स्थित लोक निर्माण विभाग का देईपार भैसहवा मार्ग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। मरम्मत व देखरेख के अभाव में इस सड़क की हालत जर्जर हो गई है। सड़क किनारे रहने वालों की भी जान आफत में फंसी है। यहां वाहनों के आवागमन के चलते दिन भर धूल का गुबार बना रहता है, जिससे लोग सांस की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं।
बस्ती-डुमरियागंज मार्ग सैकड़ों गांवों को शहर से जोड़ता है। वर्ष 1980 में देईपार भैसहवा मार्ग का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वाहनों के आवागमन से यह सड़क जर्जर हो गई। क्षेत्र के विनोद कुमार, गंगाराम, जितेंद्र, राजू, पिंटू, शिवम, शिवकुमार, दिनेश चंद्र, मनीष कुमार, राजेश कुमार, राजन, सत्यराम ने सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के जेई नयन मणि गुप्ता कहते हैं कि सड़क जर्जर है यह विभाग के संज्ञान में है। इसका सर्वे कराकर आंगणन तैयार किया जाएगा और जल्द इसके निर्माण की कवायद शुरू की जाएगी।
इस मार्ग से ये जुड़े हैं गांव
उक्त मार्ग से पचानू, मनवा, रेहार जंगल, हसनापुर, सेखुई, गोरखर, चौकवा, सिकंदरपुर, सूरतगढ़, अमरौली शुमाली, पिटाउट, भिरिया, तुरकौलिया, डुमरी, चिरैयाडांड जुड़े हैं।
हल्की बारिश से तालाब तब्दील हो जाता है कस्बा
सड़क व गलियाें में नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं
मुंडेरवा। गोरखपुर बस्ती मार्ग पर स्थित मुंडेरवा कस्बा जिले का बड़ा बाजार है। कस्बा तीन ग्राम सभा मुंडेरवा, जगदीशपुर और किठिऊरी को मिला कर बसा है। लेकिन तीनों ग्राम सभाओं में पानी निकासी की समस्या के कारण बरसात में पूरा कस्बा तालाब में तब्दील हो जाता है। इसके कारण बरसात के सीजन में आवागमन मुश्किल हो जाता है। मुंडेरवा और किठिऊरी कस्बे में सड़क के दोनो तरफ नालियां बनी हैं, लेकिन कुछ दुकानदार अपने सामने की नाली पाट लिए हैं, जिससे बरसात का पानी नहीं निकलता। इसके चलते पानी सड़क पर एकत्रित हो जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत शुगर मिल तिराहे और बीच कस्बे में है, जहां लोगों ने सड़क और पटरी पर अतिक्रमण कर रखा है। लोगो को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शुगर तिराहे से महादेवा रोड पर एक से डेढ़ फीट बरसात का पानी लग जाता है।
क्षेत्र के सर्वेश भट्ट, शिवम भट्ट, सत्यप्रकाश जायसवाल, अर्षित जायसवाल, सच्चितानन्द, हृदयराम यादव, मनीष श्रीवास्तव, राज मौर्या आदि का कहना है व्यवस्थागत खामियों का दुष्परिणाम कस्बा वासी भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
विक्रमजोत। ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत दुबौली दूबे में तीन साल पहले पांच गांवों में जलापूर्ति के लिए जल निगम ने एक वर्ष पहले ओवरहेड टैंक बनवाई थी। लेकिन इसके पाइप लाइन में जगह-जगह रिसाव के चलते अस्सी फीसदी पेयजल बर्बाद हो रहा है, जिससे पानी का दबाव कम होने से घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इन गांव के प्रमुख मार्गों पर पाइप में रिसाव से जलभराव रहता है। इसके चलते आवागमन ठप है ही साथ ही इंटरलाकिंग मार्ग व खड़ंजा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
गांव के श्यामसुन्दर यादव ने बताया कि जल निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
गांव के डॉ. रामकिशोर, रामसूरत वर्मा, मातवर वर्मा, भीमराव, पवन कुमार दुबे, राम मोहन वर्मा, बब्लू वर्मा, नकुल राव आदि ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र इसे ठीक नहीं कराया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
जल निगम के सहायक अभियंता विकेक कुमार का कहना है कि नियामतपुर में वाटर हेड टैंक को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया जा चुका है। ग्राम पंचायत पेयजल समिति को जल मूल्य वसूली व देखरेख कि जिम्मेदारी दी गई है। फिर भी ग्रामीणों की शिकायत पर तकनीकी खराबी और वाटर सप्लाई पाइप की मरम्मत के लिए टीम भेजी जाएगी।
विज्ञापन
जर्जर देईपार भैसहवा मार्ग से दर्जनभर गांव के लोग परेशान
- जर्जर मार्ग के मरम्मत में कोताही, ग्रामीण परेशान
- धूल से बढ़ रहे सांस के मरीज, यात्रा में भी कठिनाई
सल्टौआ। ब्लॉक क्षेत्र में स्थित लोक निर्माण विभाग का देईपार भैसहवा मार्ग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। मरम्मत व देखरेख के अभाव में इस सड़क की हालत जर्जर हो गई है। सड़क किनारे रहने वालों की भी जान आफत में फंसी है। यहां वाहनों के आवागमन के चलते दिन भर धूल का गुबार बना रहता है, जिससे लोग सांस की बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं।
बस्ती-डुमरियागंज मार्ग सैकड़ों गांवों को शहर से जोड़ता है। वर्ष 1980 में देईपार भैसहवा मार्ग का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वाहनों के आवागमन से यह सड़क जर्जर हो गई। क्षेत्र के विनोद कुमार, गंगाराम, जितेंद्र, राजू, पिंटू, शिवम, शिवकुमार, दिनेश चंद्र, मनीष कुमार, राजेश कुमार, राजन, सत्यराम ने सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग के जेई नयन मणि गुप्ता कहते हैं कि सड़क जर्जर है यह विभाग के संज्ञान में है। इसका सर्वे कराकर आंगणन तैयार किया जाएगा और जल्द इसके निर्माण की कवायद शुरू की जाएगी।
इस मार्ग से ये जुड़े हैं गांव
उक्त मार्ग से पचानू, मनवा, रेहार जंगल, हसनापुर, सेखुई, गोरखर, चौकवा, सिकंदरपुर, सूरतगढ़, अमरौली शुमाली, पिटाउट, भिरिया, तुरकौलिया, डुमरी, चिरैयाडांड जुड़े हैं।
हल्की बारिश से तालाब तब्दील हो जाता है कस्बा
सड़क व गलियाें में नालियां ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगती हैं
मुंडेरवा। गोरखपुर बस्ती मार्ग पर स्थित मुंडेरवा कस्बा जिले का बड़ा बाजार है। कस्बा तीन ग्राम सभा मुंडेरवा, जगदीशपुर और किठिऊरी को मिला कर बसा है। लेकिन तीनों ग्राम सभाओं में पानी निकासी की समस्या के कारण बरसात में पूरा कस्बा तालाब में तब्दील हो जाता है। इसके कारण बरसात के सीजन में आवागमन मुश्किल हो जाता है। मुंडेरवा और किठिऊरी कस्बे में सड़क के दोनो तरफ नालियां बनी हैं, लेकिन कुछ दुकानदार अपने सामने की नाली पाट लिए हैं, जिससे बरसात का पानी नहीं निकलता। इसके चलते पानी सड़क पर एकत्रित हो जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत शुगर मिल तिराहे और बीच कस्बे में है, जहां लोगों ने सड़क और पटरी पर अतिक्रमण कर रखा है। लोगो को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। शुगर तिराहे से महादेवा रोड पर एक से डेढ़ फीट बरसात का पानी लग जाता है।
क्षेत्र के सर्वेश भट्ट, शिवम भट्ट, सत्यप्रकाश जायसवाल, अर्षित जायसवाल, सच्चितानन्द, हृदयराम यादव, मनीष श्रीवास्तव, राज मौर्या आदि का कहना है व्यवस्थागत खामियों का दुष्परिणाम कस्बा वासी भुगत रहे हैं।