{"_id":"69f3b6e143c7fb11dd086136","slug":"private-vehicle-owners-are-not-showing-interest-passengers-are-waiting-for-buses-to-run-on-two-routes-basti-news-c-207-1-bst1005-157813-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: रुचि नहीं दिखा रहे निजी वाहन स्वामी...दो रूटों पर बस चलने के इंतजार में यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: रुचि नहीं दिखा रहे निजी वाहन स्वामी...दो रूटों पर बस चलने के इंतजार में यात्री
विज्ञापन
बस्ती। डीएम की अध्यक्षता में गठित विशेष टीम ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन सेवा के तहत तीन ग्रामीण मार्गों पर निजी बस संचालन के आवेदनों को स्वीकृति दी थी। इसमें दो रूट पर 28 अप्रैल तक बस संचालन के लिए निर्देश भी दिए गए थे, मगर इसमें निजी बस संचालक रुचि नहीं दिखा रहे, इससे चयनित रूट पर परिवहन की सुविधा अभी तक शुरू नहीं कराई जा सकी है।
इस पहल का उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है जो वर्तमान में आवागमन के साधनों से वंचित हैं। निगम का कहना है कि 28 अप्रैल से इन चयनित दोनों ग्रामीण रूटों पर निजी बसों का संचालन शुरू होना था, मगर बसें न लगाने से अभी सेवा शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 ग्रामीण परिवहन सेवाओं को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल थे। समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं और मौजूदा परिवहन सुविधाओं का मूल्यांकन किया। हालांकि, यह योजना युवाओं को उतनी आकर्षित नहीं कर पाई जितनी उम्मीद थी।
विज्ञापन
इसका मुख्य कारण निजी बसों से समान सड़क कर वसूलना बताया जा रहा है। युवाओं का तर्क है कि 28 सीटर बस के लिए 70 से 80 हजार रुपये का सड़क कर लगेगा। चालक-परिचालक का वेतन और रखरखाव खर्च निकालने के बाद मुनाफा बहुत कम रह जाएगा।
विज्ञापन
इस पहल का उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है जो वर्तमान में आवागमन के साधनों से वंचित हैं। निगम का कहना है कि 28 अप्रैल से इन चयनित दोनों ग्रामीण रूटों पर निजी बसों का संचालन शुरू होना था, मगर बसें न लगाने से अभी सेवा शुरू नहीं हुई। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 ग्रामीण परिवहन सेवाओं को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल थे। समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं और मौजूदा परिवहन सुविधाओं का मूल्यांकन किया। हालांकि, यह योजना युवाओं को उतनी आकर्षित नहीं कर पाई जितनी उम्मीद थी।
विज्ञापन
इसका मुख्य कारण निजी बसों से समान सड़क कर वसूलना बताया जा रहा है। युवाओं का तर्क है कि 28 सीटर बस के लिए 70 से 80 हजार रुपये का सड़क कर लगेगा। चालक-परिचालक का वेतन और रखरखाव खर्च निकालने के बाद मुनाफा बहुत कम रह जाएगा।