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Basti News: 97 मजदूरों की उपस्थिति, मौके पर एक भी नहीं मिले करते कार्य
Sun, 20 Oct 2024 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 20 Oct 2024 11:32 PM IST
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आसपास के लोगों ने कहा- 10 दिन पहले कुछ मजदूरों ने किया है कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरपुर। सरकार की ओर से मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में श्रमिकों को साल भर में कम से कम सौ दिन का रोजगार देने के लिए शुरू किया गया है। मामला बहादुरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद से जुड़ा है, जहां मनरेगा पोर्टल पर 97 मजदूर काम कर रहे हैं। मगर रविवार को एक भी मजदूर मौके पर कार्य करते नहीं मिले। आसपास के लोगो ने बताया कि एक सप्ताह पहले करीब 10-12 मजदूरों ने तीन-चार दिन काम किया था।
ग्राम पंचायत के सुजावलपुर गांव में परमात्मा के घर से रामसुमेर के घर तक पक्की सड़क की पटरी की सफाई व मरम्मत के नाम पर मस्टररोल नंबर 10369, 10370, 10371, 10372, 10374, 10375, 10376, 10377 व 10378 के माध्यम से 14 अक्टूबर से 97 मजदूरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का कार्य ग्राम पंचायत में तैनात रोजगार सेवक या मनरेगा मेट द्वारा किया जाता है।
इसकी निगरानी सचिव, कलस्टर प्रभारी, एपीओ को करना होता है। जबकि तकनीकी सहायक स्वीकृति पर भुगतान होता है। यद्यपि गांव में बातचीत में यह तथ्य भी सामने आया है कि मनरेगा में निर्धारित मूल्य पर गांव में काम करने वाले श्रमिक नहीं मिलते हैं। क्योंकि उन्हें घरेलू कार्य करने पर ज्यादा दिहाड़ी मिलरी है।
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कोट
ग्राम पंचायत में 97 मजदूरों के लिए मस्टररोल चल रहा है। यदि मौके पर मजदूर काम नहीं कर रहे और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है तो गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-मयंक मजुल गौतम, एपीओ बहादुरपुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरपुर। सरकार की ओर से मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में श्रमिकों को साल भर में कम से कम सौ दिन का रोजगार देने के लिए शुरू किया गया है। मामला बहादुरपुर ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुस्तफाबाद से जुड़ा है, जहां मनरेगा पोर्टल पर 97 मजदूर काम कर रहे हैं। मगर रविवार को एक भी मजदूर मौके पर कार्य करते नहीं मिले। आसपास के लोगो ने बताया कि एक सप्ताह पहले करीब 10-12 मजदूरों ने तीन-चार दिन काम किया था।
ग्राम पंचायत के सुजावलपुर गांव में परमात्मा के घर से रामसुमेर के घर तक पक्की सड़क की पटरी की सफाई व मरम्मत के नाम पर मस्टररोल नंबर 10369, 10370, 10371, 10372, 10374, 10375, 10376, 10377 व 10378 के माध्यम से 14 अक्टूबर से 97 मजदूरों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का कार्य ग्राम पंचायत में तैनात रोजगार सेवक या मनरेगा मेट द्वारा किया जाता है।
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इसकी निगरानी सचिव, कलस्टर प्रभारी, एपीओ को करना होता है। जबकि तकनीकी सहायक स्वीकृति पर भुगतान होता है। यद्यपि गांव में बातचीत में यह तथ्य भी सामने आया है कि मनरेगा में निर्धारित मूल्य पर गांव में काम करने वाले श्रमिक नहीं मिलते हैं। क्योंकि उन्हें घरेलू कार्य करने पर ज्यादा दिहाड़ी मिलरी है।
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ग्राम पंचायत में 97 मजदूरों के लिए मस्टररोल चल रहा है। यदि मौके पर मजदूर काम नहीं कर रहे और ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है तो गलत है। ऐसा करने वालों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-मयंक मजुल गौतम, एपीओ बहादुरपुर