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फर्नीचर उद्योग के लिए कार्ययोजना तैयार
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फर्नीचर उद्योग के लिए कार्ययोजना तैयार
बस्ती। एक जनपद एक उत्पाद में परसरामपुर ब्लॉक के सिकंदरपुर एवं हैदराबाद में फर्नीचर उद्योग को निर्यात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जा रहा है। जनपद के फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का गठन किया जाएगा।
यह जानकारी डीएम प्रियंका निरंजन ने दी है। उन्होंने बताया कि सीएफसी गठित होने के बाद शासन से पांच से दस करोड़ रुपये प्राप्त हो जाएंगे। इसमें दस प्रतिशत धनराशि सीएफसी लगाएगी। सीएफसी से यहां के उद्यमियों को मशीन, आर्थिक सहायता तथा अन्य सुविधाएं एक स्थान पर प्राप्त होंगी।
उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग से संबद्ध निजी ई एंड वाई संस्था के माध्यम से फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार कराया गया है। इसे भी शासन को भेजा जाएगा। संस्था की ओर से किए गए सर्वे में यह तथ्य निकलकर आया है कि उद्यमियों के पास धन की कमी है। आधुनिक मशीनें भी नहीं हैं। स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। कच्ची सामग्री की उपलब्धता नहीं है। वुड सीजनिंग प्लांट अर्थात फर्नीचर बनाने में उपयोग होने वाली लकड़ी का केमिकल ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है, जिससे दीमक लगने की आशंका रहती है। गुणवत्ता वाली लकड़ी भी नहीं मिल पाती। सीएफसी गठित होने के बाद इन सारी समस्याओं का निदान हो सकेगा।
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डीएम कहा कि फर्नीचर उद्यमियों को सहारनपुर, बिजनौर भेजकर वहां के फर्नीचर उद्योग का भ्रमण कराया जाएगा। बनारस में बनने वाले लकड़ी के खिलौनों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। बताया कि सीएफसी में कम से कम 20 उद्यमी सदस्य होने चाहिए, जबकि सिकंदरपुर व हैदराबाद मिलाकर लगभग 60 उद्यमी हैं। उद्यमियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती लकड़ी प्राप्त हो सके, उसके लिए बस्ती एवं गोंडा वन निगम से कोटा निर्धारित कराया जाएगा। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अलग फीडर लगवाया जा रहा है। सीएफसी गठन होने के बाद यहॉ के फर्नीचर उत्पाद निजी कंपनियों अमेजन, फिलिपकार्ट में पंजीकृत कराए जाएंगे, जिससे इनकी ऑनलाइन बिक्री संभव हो सकेगी और उद्यमियों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा।
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बस्ती। एक जनपद एक उत्पाद में परसरामपुर ब्लॉक के सिकंदरपुर एवं हैदराबाद में फर्नीचर उद्योग को निर्यात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर लिया गया है। उसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जा रहा है। जनपद के फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) का गठन किया जाएगा।
यह जानकारी डीएम प्रियंका निरंजन ने दी है। उन्होंने बताया कि सीएफसी गठित होने के बाद शासन से पांच से दस करोड़ रुपये प्राप्त हो जाएंगे। इसमें दस प्रतिशत धनराशि सीएफसी लगाएगी। सीएफसी से यहां के उद्यमियों को मशीन, आर्थिक सहायता तथा अन्य सुविधाएं एक स्थान पर प्राप्त होंगी।
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उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग से संबद्ध निजी ई एंड वाई संस्था के माध्यम से फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जिला एक्सपोर्ट एक्शन प्लान तैयार कराया गया है। इसे भी शासन को भेजा जाएगा। संस्था की ओर से किए गए सर्वे में यह तथ्य निकलकर आया है कि उद्यमियों के पास धन की कमी है। आधुनिक मशीनें भी नहीं हैं। स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है। कच्ची सामग्री की उपलब्धता नहीं है। वुड सीजनिंग प्लांट अर्थात फर्नीचर बनाने में उपयोग होने वाली लकड़ी का केमिकल ट्रीटमेंट प्लांट नहीं है, जिससे दीमक लगने की आशंका रहती है। गुणवत्ता वाली लकड़ी भी नहीं मिल पाती। सीएफसी गठित होने के बाद इन सारी समस्याओं का निदान हो सकेगा।
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डीएम कहा कि फर्नीचर उद्यमियों को सहारनपुर, बिजनौर भेजकर वहां के फर्नीचर उद्योग का भ्रमण कराया जाएगा। बनारस में बनने वाले लकड़ी के खिलौनों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। बताया कि सीएफसी में कम से कम 20 उद्यमी सदस्य होने चाहिए, जबकि सिकंदरपुर व हैदराबाद मिलाकर लगभग 60 उद्यमी हैं। उद्यमियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती लकड़ी प्राप्त हो सके, उसके लिए बस्ती एवं गोंडा वन निगम से कोटा निर्धारित कराया जाएगा। निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए अलग फीडर लगवाया जा रहा है। सीएफसी गठन होने के बाद यहॉ के फर्नीचर उत्पाद निजी कंपनियों अमेजन, फिलिपकार्ट में पंजीकृत कराए जाएंगे, जिससे इनकी ऑनलाइन बिक्री संभव हो सकेगी और उद्यमियों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा।