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Basti News: मानसिक विकास पर कला का सकारात्मक प्रभाव
Thu, 01 Jun 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 01 Jun 2023 12:22 AM IST
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चित्रकला कार्यशाला में चित्रों में रंग भरते बच्चे।
बस्ती। चित्र कला एक ऐसी दिव्य अनुभूति है, जिसे रंग, रूप, रेखाओं के जरिये सहज ही अभिव्यक्त किया जा सकता है। कला विशेष रूप से बालक-बालिकाओं के मानसिक विकास पर सकारात्मक असर डालती है। वैसे तो सीखने की कोई उम्र नहीं होती, किंतु बालकों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ कला संस्कार भी दिए जाएं तो वे मनोविकारों से मुक्त रह कर प्रतिभा संपन्न बन सकते हैं।
यह कहना है ग्रीष्मकालीन चित्र कला प्रशिक्षण कार्यशाला संयोजक डॉ. रमा शर्मा का। वह राज्य ललित कला अकादमी की ओर से सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग में आयोजित चित्रकला कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कहा कि कलात्मक अभिरुचियों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए एक मंच प्रदान करना इस कार्यशाला का उद्देश्य है। निरंतर कला कर्मों मैं व्यस्त रह कर सीखने की उत्सुकता बालक-बालिकाओं मैं रचनात्मकता के स्तर को बढ़ाती है। स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र सुमित भट्ट ने बताया कि चित्रकला हमारी आंखों को सौंदर्य प्रदान करने के साथ ही मन को भी आनंदित करती है । अभिभावक प्रदीप पांडेय ने कहा की एकाग्रता के साथ चित्रकला का सान्निध्य बच्चों में क्रियाशीलता का विकास करता है, जिससे सोचने समझने की शक्ति प्रबल होती है।
इस मौके पर ईशा अग्रवाल, निधि, पलक सोनी, आंचल, यशी, गौरी, प्रियांशी, कृति, पीहू आदि मौजूद रहे।
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यह कहना है ग्रीष्मकालीन चित्र कला प्रशिक्षण कार्यशाला संयोजक डॉ. रमा शर्मा का। वह राज्य ललित कला अकादमी की ओर से सरस्वती बालिका विद्या मंदिर रामबाग में आयोजित चित्रकला कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। कहा कि कलात्मक अभिरुचियों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए एक मंच प्रदान करना इस कार्यशाला का उद्देश्य है। निरंतर कला कर्मों मैं व्यस्त रह कर सीखने की उत्सुकता बालक-बालिकाओं मैं रचनात्मकता के स्तर को बढ़ाती है। स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र सुमित भट्ट ने बताया कि चित्रकला हमारी आंखों को सौंदर्य प्रदान करने के साथ ही मन को भी आनंदित करती है । अभिभावक प्रदीप पांडेय ने कहा की एकाग्रता के साथ चित्रकला का सान्निध्य बच्चों में क्रियाशीलता का विकास करता है, जिससे सोचने समझने की शक्ति प्रबल होती है।
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इस मौके पर ईशा अग्रवाल, निधि, पलक सोनी, आंचल, यशी, गौरी, प्रियांशी, कृति, पीहू आदि मौजूद रहे।