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Basti News: ट्रेनिंग के लिए भटक रहे पॉलिटेक्निक छात्र, विद्युत निगम ने लौटाया
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एसई कार्यालय में ट्रेनिंग के लिए पहुंचे पॉलिटेक्निक छात्र। संवाद
बस्ती। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छबिलहा खोर के प्रथम वर्ष के छात्र ट्रेनिंग के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। उन्हें कॉलेज प्रशासन की तरफ से विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता के नाम छात्र का फोटो लगा पत्र देकर निगम कार्यालय भेज दिया जा रहा है। जहां से छात्रों को वापस कर दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को कॉलेज से इस तरह का पत्र लेकर काफी संख्या में छात्र एसई कार्यालय में पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें ट्रेनिंग दिलाने से मना कर दिया गया।
एसई खालिद सिद्दीकी के कार्यालय में पॉलिटेक्निक छात्र काफी देर तक ट्रेनिंग कराने के लिए अनुनय विनय करते रहे। वह अपने साथ कॉलेज से मिले प्रपत्र भी दिखाए। जवाब में एसई ने कहा कि उन्हें उच्चाधिकारियों से इस तरह का कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं है। एसई का तर्क था कि संबंधित संस्था को छात्रों की ट्रेनिंग के लिए निदेशक विद्युत निगम को पत्र लिखना चाहिए। वहां से अनुमोदन के साथ उनके कार्यालय में आदेश आएगा। तभी छात्रों को ट्रेनिंग कराया जा सकता है। बिना मुख्यालय के आदेश के ट्रेनिंग कराने पर प्रमाण पत्र देने में कठिनाई होगी।
वहीं छात्र राम सहाय, हितेश, अभिषेक, युवराज, अनुज मिश्रा, अतुल प्रजापति आदि ने कहा कि उन्हें कॉलेज की तरफ से विद्युत निगम के नाम पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। पहले हम लोग विद्युत उपकेंद्र पर गए थे। वहां तैनात जेई ने एसई कार्यालय में भेजा है। यहां ट्रेनिंग कराने से साफ मना किया जा रहा है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा हैं कि हम लोग आगे क्या करें।
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जबकि इसके पहले पॉलिटेक्निक छात्रों की ट्रेनिंग संस्था से जारी पत्र पर होती रही है। पहली बार इतनी लंबी प्रक्रिया बताई जा रही है। हम लोग पढ़ाई छोड़कर ट्रेनिंग के लिए भटक रहे हैं। कुछ छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि ट्रेनिंग की व्यवस्था संस्थान को सुनिश्चित करनी चाहिए। छात्रों को पत्र देकर विद्युत निगम कार्यालय भेजा जा रहा है। यहां कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।
कोट
पॉलिटेक्निक छात्रों को ट्रेनिंग या अप्रेंटिस कराने का अधिकार हमें नहीं है। इसके लिए संबंधित कॉलेज या संस्था को हमारे मुख्यालय को पत्र लिखना चाहिए। वहां से ऑनलाइन छात्रों की हमें सूची प्राप्त होती है। तभी ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
-खालिद सिद्दीकी, एसई, विद्युत वितरण मंडल, बस्ती।
कोट
शासनादेश के अनुरूप विद्युत निगम में छात्रों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। यदि छात्रों को लौटा दिया गया है तो यह शासनादेश के विपरीत कार्य है। वैसे जानकारी होने पर ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिस में बात की गई है। वहां से छात्रों के ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
-मो. अब्दुल्लाह, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, छबिलहा खोर।
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एसई खालिद सिद्दीकी के कार्यालय में पॉलिटेक्निक छात्र काफी देर तक ट्रेनिंग कराने के लिए अनुनय विनय करते रहे। वह अपने साथ कॉलेज से मिले प्रपत्र भी दिखाए। जवाब में एसई ने कहा कि उन्हें उच्चाधिकारियों से इस तरह का कोई लिखित निर्देश प्राप्त नहीं है। एसई का तर्क था कि संबंधित संस्था को छात्रों की ट्रेनिंग के लिए निदेशक विद्युत निगम को पत्र लिखना चाहिए। वहां से अनुमोदन के साथ उनके कार्यालय में आदेश आएगा। तभी छात्रों को ट्रेनिंग कराया जा सकता है। बिना मुख्यालय के आदेश के ट्रेनिंग कराने पर प्रमाण पत्र देने में कठिनाई होगी।
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वहीं छात्र राम सहाय, हितेश, अभिषेक, युवराज, अनुज मिश्रा, अतुल प्रजापति आदि ने कहा कि उन्हें कॉलेज की तरफ से विद्युत निगम के नाम पत्र देकर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। पहले हम लोग विद्युत उपकेंद्र पर गए थे। वहां तैनात जेई ने एसई कार्यालय में भेजा है। यहां ट्रेनिंग कराने से साफ मना किया जा रहा है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा हैं कि हम लोग आगे क्या करें।
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जबकि इसके पहले पॉलिटेक्निक छात्रों की ट्रेनिंग संस्था से जारी पत्र पर होती रही है। पहली बार इतनी लंबी प्रक्रिया बताई जा रही है। हम लोग पढ़ाई छोड़कर ट्रेनिंग के लिए भटक रहे हैं। कुछ छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि ट्रेनिंग की व्यवस्था संस्थान को सुनिश्चित करनी चाहिए। छात्रों को पत्र देकर विद्युत निगम कार्यालय भेजा जा रहा है। यहां कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।
कोट
पॉलिटेक्निक छात्रों को ट्रेनिंग या अप्रेंटिस कराने का अधिकार हमें नहीं है। इसके लिए संबंधित कॉलेज या संस्था को हमारे मुख्यालय को पत्र लिखना चाहिए। वहां से ऑनलाइन छात्रों की हमें सूची प्राप्त होती है। तभी ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
-खालिद सिद्दीकी, एसई, विद्युत वितरण मंडल, बस्ती।
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शासनादेश के अनुरूप विद्युत निगम में छात्रों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। यदि छात्रों को लौटा दिया गया है तो यह शासनादेश के विपरीत कार्य है। वैसे जानकारी होने पर ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिस में बात की गई है। वहां से छात्रों के ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
-मो. अब्दुल्लाह, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, छबिलहा खोर।