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Basti News: वायरल में लो हो रही प्लेटलेट्स.. बारिश में टेंशन भी हाई, बढ़ रहे डेंगू के मरीज
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जिला अस्पताल के पैथालॉजी में जांच कराने उमड़े मरीज
- ब्लड कम होने के साथ चिड़चिड़ापन का शिकार हो रहे लोग
- हाईपरटेंशन के रोगियों को डॉक्टर दे रहे बचाव के लिए टिप्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में वायरल मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ये हैं कि जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर बेड भरे पड़े हैं। वायरल से जहां प्लेट्लेट्स लो हो रही है, वहीं चिड़चिड़ापन के भी मरीज शिकार हो रहे हैं। इनमें हाईपरटेंशन की शिकायत है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर बचाव के तौर-तरीके बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 1064 मरीज पहुंचे। मेडिसिन विभाग में चिकित्सक किसी मरीज को सामान्य वायरल बताकर घर भेज रहे थे, तो किसी को भर्ती कर रहे थे। इसकी वजह यह भी रही कि बुखार के 75 फीसदी केस में प्लेटलेट्स कम आ रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर दिन भर्ती होने वाले वायरल से पीड़ित मरीजों का औसत 70 से ज्यादा का है। उधर, सोमवार को हुई बारिश के बाद डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।
ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स और ब्लड लेने वालों की संख्या भी बढ़ी है। बुजुर्गों में यह समस्या अधिक है। एक बेड खाली होता है तो दूसरे को भर्ती कर लिया जाता है। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार के अधिक मामले आ रहे हैं। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है। प्लेट्लेट्स कम हो रही है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. एके दूबे ने बताया कि ओपीडी में हाईपरटेंशन वाले मरीज आ रहे हैं। उन्हें दवा देकर भेज दिया जा रहा है।
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ढाई से तीन सौ सैंपल रोजाना
जिला अस्पताल की लैब में रोजाना ढाई से तीन सौ सैंपल जांच के लिए पहुंच रहे हैं। लैब के आंकड़ों पर गौर करें तो मलेरिया, विडाल समेत डेंगू के सैंपल लिए जा रहे। इसमें डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही, लेकिन रिपोर्ट में ढिलाई के चलते सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है।
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प्लेटलेट्स भी बनीं मुसीबत
पैथोलॉजी लैब में जांच कराने आ रहे बुखार के 75 प्रतिशत केस में प्लेटलेट्स कम आ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि बुखार के 30 फीसदी ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जिनमें प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे है। इससे साफ है कि वायरल में भी मरीज की प्लेटलेट्स गिर रही है।
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बारिश ने बढ़ा दी चिंता
बारिश और उमस के बीच जहां डेंगू का खतरा बढ़ गया है। तीन दिन में डेंगू के चार केस की पुष्टि हुई है। अब इसकी संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। हालांकि अभी मृतकों की पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत देने वाला है। चिकनगुनिया अब भी सक्रिय है। चिकनगुनिया में एक मामला ही दिख रहा है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग निजी लैबों में जांच करा रहे हैं, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया के वास्तविक आंकड़ों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
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इलाज के साथ बेड रेस्ट की दे रहे सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया भी वायरल जैसा है। इसके इलाज में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। जरूरी है कि चिकित्सक के सुपरविजन में इलाज लें और पर्याप्त आराम करें। डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। इसलिए भी आराम जरूरी है।
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यह हैं लक्षण
डेंगू : अचानक तेज बुखार आना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ शरीर में लाल चकत्ते बनना। साथ ही उल्टी-दस्त, चक्कर आना, प्लेटलेट्स का गिरना और कमजोरी महसूस होना।
चिकनगुनिया : सिर व मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में सूजन। सूखी उबकाई आना और शरीर में अत्यधिक थकान महसूस होना।
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डेंगू की रिपोर्ट न भेजने वाले पर होगी कार्रवाई
बस्ती। डेंगू के मसले पर चौतरफा आलोचना का शिकार हो रहे स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती की है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि जो डेंगू की डेली रिपोर्ट नहीं भेजेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जनपद में डेंगू की जांच की सुविधा है। इनमें रैपिड और एलाइजा टेस्ट दोनों की सुविधा उपलब्ध है। इन जांचों की रिपोर्ट भी अधिकारी उन्हें प्रतिदिन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने डेंगू के आंकड़ों में हो रही लापरवाही पर चेतावनी दी है। आंकड़े भेजने में भी लापरवाही हो रही है। चिकित्सक डेंगू के बारे में कुछ रिपोर्ट देते हैं, जबकि अधिकारी दूसरी रिपोर्ट दे रहे हैं। इससे भ्रम फैल रहा है। उन्होंने निजी लैब और जिला अस्पताल के अधिकारियों से कहा कि डेंगू के आंकड़े सही-सही दिए जाएं। संवाद
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- हाईपरटेंशन के रोगियों को डॉक्टर दे रहे बचाव के लिए टिप्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में वायरल मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात ये हैं कि जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर बेड भरे पड़े हैं। वायरल से जहां प्लेट्लेट्स लो हो रही है, वहीं चिड़चिड़ापन के भी मरीज शिकार हो रहे हैं। इनमें हाईपरटेंशन की शिकायत है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर बचाव के तौर-तरीके बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में मंगलवार को 1064 मरीज पहुंचे। मेडिसिन विभाग में चिकित्सक किसी मरीज को सामान्य वायरल बताकर घर भेज रहे थे, तो किसी को भर्ती कर रहे थे। इसकी वजह यह भी रही कि बुखार के 75 फीसदी केस में प्लेटलेट्स कम आ रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हर दिन भर्ती होने वाले वायरल से पीड़ित मरीजों का औसत 70 से ज्यादा का है। उधर, सोमवार को हुई बारिश के बाद डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।
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ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स और ब्लड लेने वालों की संख्या भी बढ़ी है। बुजुर्गों में यह समस्या अधिक है। एक बेड खाली होता है तो दूसरे को भर्ती कर लिया जाता है। फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार के अधिक मामले आ रहे हैं। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है। प्लेट्लेट्स कम हो रही है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. एके दूबे ने बताया कि ओपीडी में हाईपरटेंशन वाले मरीज आ रहे हैं। उन्हें दवा देकर भेज दिया जा रहा है।
ढाई से तीन सौ सैंपल रोजाना
जिला अस्पताल की लैब में रोजाना ढाई से तीन सौ सैंपल जांच के लिए पहुंच रहे हैं। लैब के आंकड़ों पर गौर करें तो मलेरिया, विडाल समेत डेंगू के सैंपल लिए जा रहे। इसमें डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट आ रही, लेकिन रिपोर्ट में ढिलाई के चलते सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है।
प्लेटलेट्स भी बनीं मुसीबत
पैथोलॉजी लैब में जांच कराने आ रहे बुखार के 75 प्रतिशत केस में प्लेटलेट्स कम आ रही है। डॉक्टरों ने बताया कि बुखार के 30 फीसदी ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जिनमें प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे है। इससे साफ है कि वायरल में भी मरीज की प्लेटलेट्स गिर रही है।
बारिश ने बढ़ा दी चिंता
बारिश और उमस के बीच जहां डेंगू का खतरा बढ़ गया है। तीन दिन में डेंगू के चार केस की पुष्टि हुई है। अब इसकी संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। हालांकि अभी मृतकों की पुष्टि नहीं हुई है, जो राहत देने वाला है। चिकनगुनिया अब भी सक्रिय है। चिकनगुनिया में एक मामला ही दिख रहा है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग निजी लैबों में जांच करा रहे हैं, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया के वास्तविक आंकड़ों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
इलाज के साथ बेड रेस्ट की दे रहे सलाह
चिकित्सकों का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया भी वायरल जैसा है। इसके इलाज में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। जरूरी है कि चिकित्सक के सुपरविजन में इलाज लें और पर्याप्त आराम करें। डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। इसलिए भी आराम जरूरी है।
यह हैं लक्षण
डेंगू : अचानक तेज बुखार आना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द के साथ शरीर में लाल चकत्ते बनना। साथ ही उल्टी-दस्त, चक्कर आना, प्लेटलेट्स का गिरना और कमजोरी महसूस होना।
चिकनगुनिया : सिर व मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों में सूजन। सूखी उबकाई आना और शरीर में अत्यधिक थकान महसूस होना।
डेंगू की रिपोर्ट न भेजने वाले पर होगी कार्रवाई
बस्ती। डेंगू के मसले पर चौतरफा आलोचना का शिकार हो रहे स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती की है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि जो डेंगू की डेली रिपोर्ट नहीं भेजेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जनपद में डेंगू की जांच की सुविधा है। इनमें रैपिड और एलाइजा टेस्ट दोनों की सुविधा उपलब्ध है। इन जांचों की रिपोर्ट भी अधिकारी उन्हें प्रतिदिन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने डेंगू के आंकड़ों में हो रही लापरवाही पर चेतावनी दी है। आंकड़े भेजने में भी लापरवाही हो रही है। चिकित्सक डेंगू के बारे में कुछ रिपोर्ट देते हैं, जबकि अधिकारी दूसरी रिपोर्ट दे रहे हैं। इससे भ्रम फैल रहा है। उन्होंने निजी लैब और जिला अस्पताल के अधिकारियों से कहा कि डेंगू के आंकड़े सही-सही दिए जाएं। संवाद