{"_id":"5b39100c4f1c1b2b428b7b50","slug":"people-protested-for-flood-rescew-work","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ से बचाव के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
basti
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
विक्रमजोत में प्रदर्शन करते गांववाले।
- फोटो : amar ujala
विक्रमजोत। हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलते आ रहे वीएल (विक्रमजोत-लोलपुर) तटबंध के पास स्थित केशवपुर गांव के लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव के लिए निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर का काम जल्द पूरा न होने पर नाराजगी जताते हुए फोरलेन पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कार्यदायी संस्था से निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की मांग की। साथ ही डीएम के नाम ज्ञापन भी भेजा।
विक्रमजोत ब्लॉक के केशवपुर ग्रामपंचायत के 25-30 लोग रविवार को फोरलेन पर एकत्रित हुए। मांग की कि सिंचाई एवं बाढ़ प्रखंड की ओर से 2014 में जारी निविदा के अनुसार निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर बांध को शीघ्र पूरा कराया जाए। बढ़ से बचाव के लिए डीएम से गुहार लगाई। गांव वालों ने प्रदर्शन के साथ ही मांग की है कि बांध के नाम पर अधिग्रहीत की गई खेती योग्य जमीन के मुआवजे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए। जिससे किसानों की क्षति की भरपाई हो सके। लोगों का कहना था कि बाढ़ के दौरान तीन माह तक गांव रहने लायक नहीं रह जाता। लोगों को रहने, खाने और पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाए। जिससे ग्रामीणों को दर-दर न भटकना पड़े। रामदुलारे मिश्रा, बबलू प्रजापति, रामबहादुर, दयाशंकर, जगदीश यादव, शिव प्रसाद, जगन्नाथ, राजेश कुमार, अनिल कुमार, राम लखन, अमित राम, सजीवन, जगदंबा प्रसाद, राम मूरत, राम कुमार यादव, भीम, जगदीश प्रसाद, महावीर, रामेश्वर, धर्मराज, भारती, पांचू यादव, हृदय राम, राम लोचन, राम शरण, राम भवन, सूर्यभान, अवध राज यादव, दूधनाथ यादव, केशवराम, मेवालाल, सरजू प्रसाद ,धर्मेंद्र कुमार, पारसनाथ, रमेश सिंह सहित तमाम ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल रहे।
अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे ग्रामीण
मानसून आने के साथ ही घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। घाघरा नदी से सटे गांव केशवपुर, रामनगर, रानीपुर, कठवनिया के लोग गांवों अस्तित्व बचाने के लिए विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। निर्माणाधीन लोलपुर विक्रमजोत बांध का निर्माण जनपद की सीमा से सटे इन गांवों में नहीं हो पाया है। जबकि घाघरा की तेज धारा कटान करती हुई राष्ट्रीय राजमार्ग और केशवपुर गांव के निकट पहुंचने को बेताब है। बांध जल्द बनवाकर इसे रोका न गया तो इस वर्ष की बाढ़ के दौरान गांव कटान की चपेट में आ सकता है। मुख्य धारा से हाईवे महज 300 मीटर दूरी पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विक्रमजोत ब्लॉक के केशवपुर ग्रामपंचायत के 25-30 लोग रविवार को फोरलेन पर एकत्रित हुए। मांग की कि सिंचाई एवं बाढ़ प्रखंड की ओर से 2014 में जारी निविदा के अनुसार निर्माणाधीन विक्रमजोत-लोलपुर बांध को शीघ्र पूरा कराया जाए। बढ़ से बचाव के लिए डीएम से गुहार लगाई। गांव वालों ने प्रदर्शन के साथ ही मांग की है कि बांध के नाम पर अधिग्रहीत की गई खेती योग्य जमीन के मुआवजे की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाए। जिससे किसानों की क्षति की भरपाई हो सके। लोगों का कहना था कि बाढ़ के दौरान तीन माह तक गांव रहने लायक नहीं रह जाता। लोगों को रहने, खाने और पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाए। जिससे ग्रामीणों को दर-दर न भटकना पड़े। रामदुलारे मिश्रा, बबलू प्रजापति, रामबहादुर, दयाशंकर, जगदीश यादव, शिव प्रसाद, जगन्नाथ, राजेश कुमार, अनिल कुमार, राम लखन, अमित राम, सजीवन, जगदंबा प्रसाद, राम मूरत, राम कुमार यादव, भीम, जगदीश प्रसाद, महावीर, रामेश्वर, धर्मराज, भारती, पांचू यादव, हृदय राम, राम लोचन, राम शरण, राम भवन, सूर्यभान, अवध राज यादव, दूधनाथ यादव, केशवराम, मेवालाल, सरजू प्रसाद ,धर्मेंद्र कुमार, पारसनाथ, रमेश सिंह सहित तमाम ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल रहे।
विज्ञापन
अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहे ग्रामीण
मानसून आने के साथ ही घाघरा का जलस्तर बढ़ने लगा है। घाघरा नदी से सटे गांव केशवपुर, रामनगर, रानीपुर, कठवनिया के लोग गांवों अस्तित्व बचाने के लिए विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं। निर्माणाधीन लोलपुर विक्रमजोत बांध का निर्माण जनपद की सीमा से सटे इन गांवों में नहीं हो पाया है। जबकि घाघरा की तेज धारा कटान करती हुई राष्ट्रीय राजमार्ग और केशवपुर गांव के निकट पहुंचने को बेताब है। बांध जल्द बनवाकर इसे रोका न गया तो इस वर्ष की बाढ़ के दौरान गांव कटान की चपेट में आ सकता है। मुख्य धारा से हाईवे महज 300 मीटर दूरी पर है।
विज्ञापन