{"_id":"5b65f5bf4f1c1ba03e8b51ce","slug":"people-get-worried-due-to-sharpness","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान तेज होने से लोग चिंतित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान तेज होने से लोग चिंतित
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:21 AM IST
विज्ञापन
कटान तेज होने से लोग चिंतित
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती/दुबौलिया। सरयू नदी एक बार फिर उफान पर है। जिले में नदी खतरे के निशान से 13 सेमी. ऊपर बह रही है। इससे कटरिया - चांदपुर तटबंध के किनारे बसे लोग भयभीत हैं।
तटबंध के किनारे बसे लोगों को अब यह चिंता सताने लगी है कि जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार यही रही तो उन्हें जरूरी सामान समेटकर कुछ समय के लिए कहीं ओर शरण लेनी पड़ सकती है। उन्हें यह चिंता भी सता रही है कि पानी घरों तक पहुंचने पर सामान बर्बाद हो जाएंगे। इससे उन्हें परेशानी के साथ ही आर्थिक क्षति भी हो सकती है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कटान शुरू हो गया है। लगातार बोरियों का बेस बैठ रहा है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे खलवा गांव के पास कटान जारी था। शुक्रवार की रात तटबंध में कटान नहीं होने से अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक ने राहत की सांस ली थी। शनिवार दोपहर से फिर कटान शुरू हो गया है। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और एसडीओ जितेंद्र कुमार मरम्मत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे। तभी अचानक खलवां गांव के पास बंधे का बेस करीब 20 मीटर बैठ गया। मौके पर कार्य कर रहे मजदूरों को वहां मरम्मत के लिए लगाया गया। दिलासपुर और नाऊपुरवा के पास नदी तेजी से कटान कर बांध की तरफ बढ़ रही है। पारा गांव के पास बने स्परों की दशा भी दिनोंदिन खराब होती जा रही है। तटबंध पर नदी के दबाव का यह सिलसिला लगभग एक माह से है जिससे तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं। नाऊ का पुरवा, दिलासपुरा के अलावा टकटकवा, बरदिया लोहार, पैठिया आदि गांवों के निकट सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। राम निरंजन, त्रिभुवन, लीलावती, बोधना आदि का कहना है कि उनकी जमीन नदी में मिलती जा रही है। इससे खेती प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि कहीं वह सरयू की कटान से वह भूमिहीन न हो जाएं।
भूमिहीन होने की स्थिति में उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा है ।
विज्ञापन
तटबंध के किनारे बसे लोगों को अब यह चिंता सताने लगी है कि जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार यही रही तो उन्हें जरूरी सामान समेटकर कुछ समय के लिए कहीं ओर शरण लेनी पड़ सकती है। उन्हें यह चिंता भी सता रही है कि पानी घरों तक पहुंचने पर सामान बर्बाद हो जाएंगे। इससे उन्हें परेशानी के साथ ही आर्थिक क्षति भी हो सकती है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कटान शुरू हो गया है। लगातार बोरियों का बेस बैठ रहा है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे खलवा गांव के पास कटान जारी था। शुक्रवार की रात तटबंध में कटान नहीं होने से अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक ने राहत की सांस ली थी। शनिवार दोपहर से फिर कटान शुरू हो गया है। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और एसडीओ जितेंद्र कुमार मरम्मत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे। तभी अचानक खलवां गांव के पास बंधे का बेस करीब 20 मीटर बैठ गया। मौके पर कार्य कर रहे मजदूरों को वहां मरम्मत के लिए लगाया गया। दिलासपुर और नाऊपुरवा के पास नदी तेजी से कटान कर बांध की तरफ बढ़ रही है। पारा गांव के पास बने स्परों की दशा भी दिनोंदिन खराब होती जा रही है। तटबंध पर नदी के दबाव का यह सिलसिला लगभग एक माह से है जिससे तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं। नाऊ का पुरवा, दिलासपुरा के अलावा टकटकवा, बरदिया लोहार, पैठिया आदि गांवों के निकट सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। राम निरंजन, त्रिभुवन, लीलावती, बोधना आदि का कहना है कि उनकी जमीन नदी में मिलती जा रही है। इससे खेती प्रभावित हो रही है और फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि कहीं वह सरयू की कटान से वह भूमिहीन न हो जाएं।
विज्ञापन
भूमिहीन होने की स्थिति में उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा है ।