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Basti News: जिला अस्पताल में अव्यवस्था से मरीज बेहाल, पर्चा बनवाने में लग रहा डेढ़ घंटे तक समय
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जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर लगी भीड़ संवाद
बस्ती। जिला अस्पताल में अव्यवस्था मरीजों पर भारी पड़ रही है। पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सक को दिखाने तक मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को पर्चा काउंटर पर लंबी कतार लगी रही। महिला और पुरुषों के लिए दो-दो अलग काउंटर बनाए गए हैं लेकिन भीड़ को व्यवस्थित करने की व्यवस्था बेअसर नजर आई। कई लोग कतार से हटकर पर्चा बनवाने का प्रयास करते दिखे। मरीजों ने बताया कि पर्चा बनवाने में ही एक से डेढ़ घंटे तक का समय लग जा रहा है। वहीं कुछ मरीजों ने बताया कि डॉक्टर छोटी पर्ची पर बाहर से दवाएं लिख रहे हैं।
शनिवार को ओपीडी के लिए कुल 1245 मरीज पंजीकृत किए गए। सुबह करीब 11 बजे पर्चा काउंटर पर बड़ी संख्या में मरीज कतार में खड़े थे। त्वचा रोग की ओपीडी के बाहर सबसे अधिक भीड़ रही। चिकित्सक डाॅ. औवैदुल्लाह ने बताया कि इन दिनों दाद, खमौरी और एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। वह अब तक करीब 150 मरीज देख चुके हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार, खांसी और पेट दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्रतिदिन 180 से अधिक मरीजों को देखा जा रहा है।
रुधौली निवासी सुनीता ने बताया कि वह अपने बच्चे को दिखाने आई थीं। पर्चा बनवाने में एक घंटे का समय लग गया। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए भी लंबी कतार में लगना पड़ा। कुछ मरीज बिना कतार के अंदर जाकर चिकित्सक के पास पर्चा जमा कर दे रहे थे। इससे कतार में लगे अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी।
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रोशनी देवी ने बताया कि चिकित्सक ने बाहर से 10 दिन की दवा लिखी है, लेकिन पैसे नहीं होने के कारण वह पांच दिन की ही दवा ले सकीं।
12 बजे तक हुए 116 एक्सरे
अस्पताल के एक्सरे कक्ष के पास दोपहर में भी मरीजों की भीड़ रही। लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। दोपहर 12 बजे तक 116 एक्सरे जांच हो चुकी थी। एक जांच में करीब पांच से आठ मिनट का समय लग रहा था। शुक्रवार को 163 एक्सरे जांच हुई थी।
पैथालॉजी के पास मिली खून लगी रुई
जिला अस्पताल की पैथालॉजी के पास भी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां खून लगी रुई जमीन में पड़ी दिखी। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं गया। पैथालॉजी के बाहर भी मरीजों की भीड़ रही। दोपहर 12 बजे तक 167 लोगों के सैंपल लिए जा चुके थे। शुक्रवार को 249 लोगों के खून और यूरिन के नमूने लिए गए थे। इनमें कुल 1306 प्रकार की जांच की गई। एलटी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सैंपल कम होने पर जांच तेजी से होती है। सैंपल की संख्या बढ़ने पर जांच में समय अधिक लगता है। खून का सैंपल जिस ट्यूब में होता है, कुछ देर बाद उसके कण नीचे बैठने लगते हैं। जांच से पहले ट्यूब को मशीन में डालकर मूव कराया जाता है, जिससे सभी कण अच्छी तरह मिल जाएं। इसके बाद सैंपल को जांच मशीन में डाला जाता है। खून की एक सामान्य जांच की प्रक्रिया पूरी करने में करीब दो मिनट का समय लगता है।
बाहर की दवा न लिखने के निर्देश पहले ही दिए गए हैं। शिकायत सही मिलने पर संबंधित चिकित्सक को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। पैथालॉजी में लापरवाही के मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- डाॅ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल
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शनिवार को ओपीडी के लिए कुल 1245 मरीज पंजीकृत किए गए। सुबह करीब 11 बजे पर्चा काउंटर पर बड़ी संख्या में मरीज कतार में खड़े थे। त्वचा रोग की ओपीडी के बाहर सबसे अधिक भीड़ रही। चिकित्सक डाॅ. औवैदुल्लाह ने बताया कि इन दिनों दाद, खमौरी और एलर्जी के मरीज बढ़े हैं। वह अब तक करीब 150 मरीज देख चुके हैं।
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वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि बुखार, खांसी और पेट दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। प्रतिदिन 180 से अधिक मरीजों को देखा जा रहा है।
रुधौली निवासी सुनीता ने बताया कि वह अपने बच्चे को दिखाने आई थीं। पर्चा बनवाने में एक घंटे का समय लग गया। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए भी लंबी कतार में लगना पड़ा। कुछ मरीज बिना कतार के अंदर जाकर चिकित्सक के पास पर्चा जमा कर दे रहे थे। इससे कतार में लगे अन्य मरीजों को परेशानी हो रही थी।
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रोशनी देवी ने बताया कि चिकित्सक ने बाहर से 10 दिन की दवा लिखी है, लेकिन पैसे नहीं होने के कारण वह पांच दिन की ही दवा ले सकीं।
12 बजे तक हुए 116 एक्सरे
अस्पताल के एक्सरे कक्ष के पास दोपहर में भी मरीजों की भीड़ रही। लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। दोपहर 12 बजे तक 116 एक्सरे जांच हो चुकी थी। एक जांच में करीब पांच से आठ मिनट का समय लग रहा था। शुक्रवार को 163 एक्सरे जांच हुई थी।
पैथालॉजी के पास मिली खून लगी रुई
जिला अस्पताल की पैथालॉजी के पास भी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां खून लगी रुई जमीन में पड़ी दिखी। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं गया। पैथालॉजी के बाहर भी मरीजों की भीड़ रही। दोपहर 12 बजे तक 167 लोगों के सैंपल लिए जा चुके थे। शुक्रवार को 249 लोगों के खून और यूरिन के नमूने लिए गए थे। इनमें कुल 1306 प्रकार की जांच की गई। एलटी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सैंपल कम होने पर जांच तेजी से होती है। सैंपल की संख्या बढ़ने पर जांच में समय अधिक लगता है। खून का सैंपल जिस ट्यूब में होता है, कुछ देर बाद उसके कण नीचे बैठने लगते हैं। जांच से पहले ट्यूब को मशीन में डालकर मूव कराया जाता है, जिससे सभी कण अच्छी तरह मिल जाएं। इसके बाद सैंपल को जांच मशीन में डाला जाता है। खून की एक सामान्य जांच की प्रक्रिया पूरी करने में करीब दो मिनट का समय लगता है।
बाहर की दवा न लिखने के निर्देश पहले ही दिए गए हैं। शिकायत सही मिलने पर संबंधित चिकित्सक को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। पैथालॉजी में लापरवाही के मामले में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- डाॅ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल