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गड्ढों से गुजरता है ओपेक का रास्ता

Sun, 05 Aug 2018 12:38 AM IST
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो) Updated Sun, 05 Aug 2018 12:38 AM IST
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Passes through the oceans OPEC route
गड्ढों से गुजरता है ओपेक का रास्ता - फोटो : अमर उजाला
 बस्ती। ओपेक चिकित्सालय कैली की चार किमी सड़क पर अच्छा भला आदमी यात्रा कर ले तो बीमार हो जाएगा। बीमार व्यक्ति इस मार्ग से गुजरेगा तो उसकी हालत और खराब हो सकती है। यह अलग बात है कि इस मार्ग को दुरुस्त करने के लिए दो बार गड्ढा मुक्त अभियान भी चला कर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, मगर सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।  
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जिला अस्पताल से सोनूपार की चार किमी यात्रा लोगों के लिए परेशानी भरी होती है। यह अलग बात है कि सड़क को बेहतरीन बनाने की कवायद कई बार हुई, मगर नाली के अभाव में चंद रोज में ही सड़क फिर जस की तस हो जाती है। जिला अस्पताल से करीब सौ मीटर आगे सड़क तो गायब है। यहां ईंट बिछाया गया है, मगर यह ईंट भी जवाब दे चुकी है, जिससे करीब 50 मीटर तक इस मार्ग पर लोगों को हिचकोले खाकर यात्रा करनी पड़ती है। यह स्थिति यहीं तक होती तो और बात है। इसके आगे तो पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। बाइक हो या फिर कार बगैर हिचकोला खाए यहां से गुजर पाना मुश्किल है। दो वर्ष पूर्व इस सड़क को ठीक करने के लिए पीडब्लूडी ने 96 लाख रुपये खर्च किया, मगर कुछ ही दिनों बाद सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद जब गड्ढा मुक्ति की बारी आई तब फिर से इसकी मरम्मत हुई। इस कार्य में लाखों रुपये खर्च हुए, मगर हालात जैसे पहले थे वैसे ही अब फिर हो गए हैं। जहां ओपेक चिकित्सालय है वहीं संभागीय परिवहन विभाग का कार्यालय भी इसी मार्ग पर है। जहां दिन भर सैकड़ों वाहन आते-जाते हैं।  क्षेत्र के रामनरेश कहते हैं कि कैली मार्ग पर यात्रा मुश्किल भरा है। इस सड़क पर कई जगह गड्ढे हैं। इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोग कैसे आते-जाते हैं, यह वही बता सकते हैं। गृहणी निर्मला कहती हैं कि इमरजेंसी में मरीज को लेकर इस मार्ग से अस्पताल ले जाने में उसकी हालत और खराब हो जाएगी। इस मार्ग से जाने पर जहां बीमार की हालत और बिगड़ सकती है वहीं तीमारदार भी बीमार हो सकता है। संगम कहते हैं कि ओपेक चिकित्सालय कैली ही नहीं इस मार्ग से सोनूपार, महसो तथा महुली तक के लोग आते जाते थे, मगर अब धीरे-धीरे इस मार्ग से आना जाना कम हो गया है। क्योंकि जहां यात्रा से राहगीरों को हादसे का खतरा रहता है, वहीं गाड़ी में भी खराबी आ जाती है। इस मार्ग से हर दिन यात्रा करने वाले महेश सिंह कहते हैं कि कैली मार्ग से यात्रा करने में अब डर लगता है। इसलिए रास्ता बदल दिए हैं। हालांकि  सोनूपार चौराहे से कैली तक करीब आधा किमी दूरी रास्ता भी खराब है।पीडब्लूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता डीएन यादव ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है। ओपेक चिकित्सालय कैली मार्ग का प्रस्ताव तैयार है। उसे नए सिरे से बनायजाएगा।
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