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Basti News: युवती की खुदकुशी मामले में केस दर्ज करने का आदेश
Tue, 29 Oct 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 29 Oct 2024 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार राय ने युवती के खुदकुशी के मामले में कैली हॉस्पिटल में ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। शहर कोतवाल को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का भी आदेश दिया गया है। सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर कस्बे की सुशीला देवी ने अधिवक्ता एसएन दुबे के माध्यम से सीजेएम की अदालत में प्रार्थन पत्र दिया। बताया कि उसकी 30 वर्षीय पुत्री आराधना बीमार चल रही थी।
9 सितंबर 2024 को लखनऊ में एक अस्पताल में उसका ऑपरेशन हुआ। 18 सितंबर को डिस्चार्ज होकर घर आ गई। 19 सितंबर को पुनः पेट में दर्द होने लगा। तब उसकी मां सुशीला ने दोपहर करीब दो बजे कैली हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
शाम करीब पांच बजे फिर दर्द होने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ ने यह कहते हुए देखने से मना कर दिया कि मरीज को किसी दूसरे डॉक्टर ने देखा है। आराधना दर्द से तड़पती रही।
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उसकी मां ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ से मिन्नतें करती रही। असहनीय दर्द से परेशान होकर के आराधना ने बाथरूम में रस्सी से गला कस कर आत्महत्या करने की कोशिश करने लगी। उसकी मां चिल्लाती रही और उसे पकड़ कर रस्सी काटने की लिए हाथ-पैर जोड़ती रही। आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ हंस रहे थे और वीडियो बनाने में मशगूल थे।
उसे रस्सी काट कर किसी तरह उतार कर इमरजेंसी में ले जाने लगी। वहां तैनात स्टॉफ ने नहीं ले जाने दिया।
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बस्ती। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार राय ने युवती के खुदकुशी के मामले में कैली हॉस्पिटल में ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है। शहर कोतवाल को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का भी आदेश दिया गया है। सोनहा थाना क्षेत्र के भानपुर कस्बे की सुशीला देवी ने अधिवक्ता एसएन दुबे के माध्यम से सीजेएम की अदालत में प्रार्थन पत्र दिया। बताया कि उसकी 30 वर्षीय पुत्री आराधना बीमार चल रही थी।
9 सितंबर 2024 को लखनऊ में एक अस्पताल में उसका ऑपरेशन हुआ। 18 सितंबर को डिस्चार्ज होकर घर आ गई। 19 सितंबर को पुनः पेट में दर्द होने लगा। तब उसकी मां सुशीला ने दोपहर करीब दो बजे कैली हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
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शाम करीब पांच बजे फिर दर्द होने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ ने यह कहते हुए देखने से मना कर दिया कि मरीज को किसी दूसरे डॉक्टर ने देखा है। आराधना दर्द से तड़पती रही।
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उसकी मां ड्यूटी पर तैनात स्टाॅफ से मिन्नतें करती रही। असहनीय दर्द से परेशान होकर के आराधना ने बाथरूम में रस्सी से गला कस कर आत्महत्या करने की कोशिश करने लगी। उसकी मां चिल्लाती रही और उसे पकड़ कर रस्सी काटने की लिए हाथ-पैर जोड़ती रही। आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ हंस रहे थे और वीडियो बनाने में मशगूल थे।
उसे रस्सी काट कर किसी तरह उतार कर इमरजेंसी में ले जाने लगी। वहां तैनात स्टॉफ ने नहीं ले जाने दिया।