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ग्राम न्यायालय के गठन का विरोध जारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:57 PM IST
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बस्ती। तहसील मुख्यालयों पर ग्राम न्यायालय के गठन के विरोध में जिले के
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अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी विरोध जारी रखा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन
एसडीएम सदर रामप्रसाद को दिया।
सिविल न्यायालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस निकाल कर डीएम कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि ग्राम न्यायालय अधिनियम से वादकारियों का अहित होगा। गरीब वादकारियों के हितों की रक्षा नहीं हो सकेगी।
साथ ही न्यायिक अधिकारियों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। जिला मुख्यालय से हर्रैया व रुधौली का क्षेत्राधिकार बमुश्किल दस किलोमीटर पर शुरु होता है। जिला मुख्यालय पर वादकारियों को न्याय मिलने में सुविधा है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि बस्ती जिले की हर्रैया और रुधौली मुख्यालय पर ग्राम न्यायालय की स्थापना की कार्यवाही समाप्त की जाए। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया गया।
इस मौके पर सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद चौधरी, जनपद बार के अध्यक्ष जवाहरलाल मिश्र, महामंत्री रविशरण सिंह, यंगबार के अध्यक्ष भानुप्रताप शुक्ल, महामंत्री शेषनाथ पाठक, कमिशभनर्स बार के अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, महामंत्री महेश कुमार श्रीवास्तव, उपेंद्र नाथ दुबे, शशि प्रकाश शुक्ल, शिवपूजन मिश्र, रणजीत सिंह, टीएन लाल, राजेश विक्रम सिंह, अखंड पाल, दुर्गेश सिंह, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अरविंद दुबे, आनंद दुबे, मानस मयंक शुक्ल, हरिकृष्ण मिश्रा, राजकुमार द्विवेदी, रामसुेरश वर्मा, अनिल त्रिपाठी, दिनेश नरायन, रामसागर चौधरी, मारुत कुमार शुक्ल, अजय श्रीवास्तव, लालजी त्रिपाठी, रामकृपाल चौधरी, शरद चतुर्वेदी, राधेश्याम यादव आदि उपस्थित रहे।
सिविल न्यायालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस निकाल कर डीएम कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि ग्राम न्यायालय अधिनियम से वादकारियों का अहित होगा। गरीब वादकारियों के हितों की रक्षा नहीं हो सकेगी।
साथ ही न्यायिक अधिकारियों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। जिला मुख्यालय से हर्रैया व रुधौली का क्षेत्राधिकार बमुश्किल दस किलोमीटर पर शुरु होता है। जिला मुख्यालय पर वादकारियों को न्याय मिलने में सुविधा है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि बस्ती जिले की हर्रैया और रुधौली मुख्यालय पर ग्राम न्यायालय की स्थापना की कार्यवाही समाप्त की जाए। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया गया।
इस मौके पर सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमात्मा प्रसाद चौधरी, जनपद बार के अध्यक्ष जवाहरलाल मिश्र, महामंत्री रविशरण सिंह, यंगबार के अध्यक्ष भानुप्रताप शुक्ल, महामंत्री शेषनाथ पाठक, कमिशभनर्स बार के अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, महामंत्री महेश कुमार श्रीवास्तव, उपेंद्र नाथ दुबे, शशि प्रकाश शुक्ल, शिवपूजन मिश्र, रणजीत सिंह, टीएन लाल, राजेश विक्रम सिंह, अखंड पाल, दुर्गेश सिंह, अरुण कुमार श्रीवास्तव, अरविंद दुबे, आनंद दुबे, मानस मयंक शुक्ल, हरिकृष्ण मिश्रा, राजकुमार द्विवेदी, रामसुेरश वर्मा, अनिल त्रिपाठी, दिनेश नरायन, रामसागर चौधरी, मारुत कुमार शुक्ल, अजय श्रीवास्तव, लालजी त्रिपाठी, रामकृपाल चौधरी, शरद चतुर्वेदी, राधेश्याम यादव आदि उपस्थित रहे।