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Basti News: हर महीने बहा रहे डेढ़ करोड़ रुपये, टोंटी तक नहीं पहुंच सका पानी

Thu, 10 Sep 2026 01:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:15 AM IST
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One and a half crore rupees are being spent every month, water could not reach the tap
जमदाशाही में स्थापित पानी की टंकी। संवाद
बस्ती। ग्रामीण अंचल में पेयजल संकट का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। जिले की 155 पुरानी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं की देखभाल और मरम्मत के नाम पर हर महीने औसतन डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई गांवों में घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। जल निगम (ग्रामीण) के रिकॉर्ड में 14 ब्लॉकों में इन परियोजनाओं से जुड़े 50 हजार से अधिक कनेक्शन दर्ज हैं, लेकिन धरातल पर आधे कनेक्शन भी सक्रिय नहीं बताए जा रहे हैं।
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अधिकांश पुरानी पेयजल परियोजनाओं की स्थिति खराब है। कई जगह टंकी से पानी की आपूर्ति बाधित है तो कहीं पाइपलाइन और टोटियां खराब पड़ी हैं। नतीजतन ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए चापाकल और निजी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सार्वजनिक शौचालयों और परिषदीय विद्यालयों में भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
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सूत्रों के अनुसार प्रत्येक कनेक्शन के रखरखाव और मरम्मत के लिए करीब 300 रुपये प्रतिमाह खर्च किए जाते हैं। एक परियोजना से 250 से 500 तक कनेक्शन जुड़े हैं। इस हिसाब से एक परियोजना पर हर महीने करीब एक से डेढ़ लाख रुपये मरम्मत के नाम पर खर्च होने का अनुमान है। जिले की सभी 155 परियोजनाओं को देखें तो यह राशि हर महीने करोड़ों रुपये तक पहुंचती है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
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निजी कंपनी के जिम्मे रखरखाव
पुरानी ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के रखरखाव की जिम्मेदारी शासन स्तर से नामित एक निजी कंपनी को दी गई है। सूत्रों का आरोप है कि कुछ ब्लॉकों में मरम्मत का काम विभागीय जिम्मेदारों की निगरानी में कराया जा रहा है। साऊघाट समेत कुछ क्षेत्रों में कंपनी के बजाय कथित तौर पर विभागीय जिम्मेदारों के करीबी ठेकेदारों से काम कराए जाने की भी शिकायतें हैं। सूत्रों के मुताबिक साऊघाट ब्लॉक के देवरियामाफी, ओड़वारा, मूड़ाडीहा, पैड़ा खरहरा, खुटहन और जमदाशाही समेत कई परियोजनाओं में लंबे समय से मरम्मत के नाम पर भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई जगह उन्हें मरम्मत कार्य होता दिखाई नहीं देता। ऐसे में परियोजनाओं से नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।

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जमदाशाही में 678 कनेक्शन, पानी बमुश्किल 100 घरों तक

साऊघाट ब्लॉक के जमदाशाही में 1.77 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2010 में पेयजल परियोजना स्थापित की गई थी। विभागीय रिकॉर्ड में यहां 678 कनेक्शन और 7,095 लाभार्थी दर्ज हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इनमें बमुश्किल 100 घरों तक ही पानी पहुंच पा रहा है। गांव के प्रहलाद, मो. आबिद और हसमत ने बताया कि पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं होती। सामुदायिक शौचालय, परिषदीय विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर भी पानी की समस्या बनी रहती है। ग्रामीण निजी संसाधनों से पानी का इंतजाम करने को मजबूर हैं।
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लोग बोले-
गांव में पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं होती है। बहुत पहले कनेक्शन लगा था, लेकिन पानी की सप्लाई न होने से टोंटों और पाइप भी गायब हो चुके हैं।

-नियाज अहमद, जमदाशाही
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विभाग कुछ भी दावा करे, लेकिन हकीकत गांव में साफ दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में सब ठीक दिखाया जा रहा है।

-बदरूल हसन, जमदाशाही

कोट
ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं की मरम्मत के लिए शासन स्तर से एक निजी कंपनी नामित है। उसके माध्यम से सभी ब्लॉकों में मरम्मत का कार्य कराया जाता है। पेयजल की आपूर्ति भी हो रही है। यदि कहीं शिकायत है तो जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

-शफीकुर्रहमान, एक्सईएन, जल निगम (ग्रामीण)
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