{"_id":"5d4b11258ebc3e6ca302bf9d","slug":"now-treat-sugar-blood-pressure-for-free-basti-news-gkp316895215","type":"story","status":"publish","title_hn":"एचडब्ल्यूसी में पांच रोगों का फ्री में होगा इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एचडब्ल्यूसी में पांच रोगों का फ्री में होगा इलाज
विज्ञापन
अब एचडब्ल्यूसी में कराएं शुगर, ब्लड प्रेशर जैसे पांच रोगों का फ्री इलाज
बस्ती। 30 साल से ऊपर आयु वर्ग के लोगों की सेहत का भी ख्याल अब क्षेत्र की आशा रखेंगी। आशा एनसीडी यानी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज वाले पांच तरह के रोग के मरीजों की पहचान कर उनका पंजीकरण एचडब्लूसी अर्थात हेल्थ वेलनेस सेंटर में कराएंगी, जहां से ऐसे मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए एएनएम सेंटर बस्ती में आशाओं का प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जिले में प्रथम चरण में साऊंघाट, मरवटिया, कप्तानगंज व सल्टौआ क्षेत्र में 21 हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इसमें एक कम्युनिटी हेल्थ आफिसर की तैनाती होगी, जिसका उद्देश्य नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराना होगा।
उपकेंद्र स्तर पर खोले जाने वाले हेल्थ वेलनेस सेंटर के अंतर्गत सात-आठ आशा काम करती हैं। जिला प्रबंधक कम्युनिटी प्रोसेस दुर्गेश मल्ल ने बताया कि सेंटर के संचालन में आशा/संगिनी की मुख्य भूमिका होगी। बाहर से आए प्रशिक्षक गिरजेश पाठक व गौरी शंकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। जांच के दौरान बीमारी के लक्षण पाए जाने पर आशा मरीज को सेंटर में पंजीकरण कराएंगी, जहां से चीफ हेल्थ आफिसर मरीज को रेफर करेंगे। एक बार इलाज शुरू हो जाने के बाद मरीज को दवा सेंटर से ही मुहैया कराई जाएगी।
विज्ञापन
---
पांच बीमारियों का होगा इलाज
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के तहत ब्लड प्रेशर, शुगर, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय के मुंह का कैंसर का इलाज किए जाएंगे।
---
कराया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
चीफ हेल्थ आफीसर डिप्टी सीएमओ डा. सीके वर्मा ने बताया कि चार ब्लॉकों के 21 उपकेंद्रों की आशा को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद वे क्षेत्र में मरीजों की पहचान कर हेल्थ वेलनेस सेंटर में पंजीकरण कराएंगे। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज पर कंट्रोल के लिए यह कार्यक्रम बेहद कारगर साबित होगा।
विज्ञापन
बस्ती। 30 साल से ऊपर आयु वर्ग के लोगों की सेहत का भी ख्याल अब क्षेत्र की आशा रखेंगी। आशा एनसीडी यानी नॉन कम्युनिकेबल डिजीज वाले पांच तरह के रोग के मरीजों की पहचान कर उनका पंजीकरण एचडब्लूसी अर्थात हेल्थ वेलनेस सेंटर में कराएंगी, जहां से ऐसे मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए एएनएम सेंटर बस्ती में आशाओं का प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जिले में प्रथम चरण में साऊंघाट, मरवटिया, कप्तानगंज व सल्टौआ क्षेत्र में 21 हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इसमें एक कम्युनिटी हेल्थ आफिसर की तैनाती होगी, जिसका उद्देश्य नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराना होगा।
विज्ञापन
उपकेंद्र स्तर पर खोले जाने वाले हेल्थ वेलनेस सेंटर के अंतर्गत सात-आठ आशा काम करती हैं। जिला प्रबंधक कम्युनिटी प्रोसेस दुर्गेश मल्ल ने बताया कि सेंटर के संचालन में आशा/संगिनी की मुख्य भूमिका होगी। बाहर से आए प्रशिक्षक गिरजेश पाठक व गौरी शंकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। जांच के दौरान बीमारी के लक्षण पाए जाने पर आशा मरीज को सेंटर में पंजीकरण कराएंगी, जहां से चीफ हेल्थ आफिसर मरीज को रेफर करेंगे। एक बार इलाज शुरू हो जाने के बाद मरीज को दवा सेंटर से ही मुहैया कराई जाएगी।
विज्ञापन
---
पांच बीमारियों का होगा इलाज
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज के तहत ब्लड प्रेशर, शुगर, मुंह का कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय के मुंह का कैंसर का इलाज किए जाएंगे।
---
कराया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
चीफ हेल्थ आफीसर डिप्टी सीएमओ डा. सीके वर्मा ने बताया कि चार ब्लॉकों के 21 उपकेंद्रों की आशा को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद वे क्षेत्र में मरीजों की पहचान कर हेल्थ वेलनेस सेंटर में पंजीकरण कराएंगे। नॉन कम्युनिकेबल डिजीज पर कंट्रोल के लिए यह कार्यक्रम बेहद कारगर साबित होगा।