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Basti News: खानपान में लापरवाही से युवाओं में बढ़ रही पथरी की शिकायत
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जिला अस्पताल में मरीज की जांच करते चिकित्सक डॉ. वीके वर्मा संवाद
बस्ती। युवा वर्ग में भी पथरी की शिकायत तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल पहुंच रहे अधिकांश पेट संबंधी रोगियों में पथरी और पेशाब के रास्ते ब्लड निकलने की शिकायत मिल रही है। ऐसे रोगियों की जांच में पथरी निकल रहा है। उन्हें परामर्श देकर घर भेज रहे हैं। उपचार के बाद भी पथरी की शिकायत दूर न होने पर ऑपरेशन के लिए सलाह दे रहे हैं।
चिकित्सकों ने बताया कि गलत खानपान और पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने और बदलती जीवन शैली के कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के जनरल सर्जरी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिसमें पथरी की शिकायतें मिल रही है। बढ़ती पथरी के मरीजों की संख्या के पीछे चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में प्यास कम लगने पर कम मात्रा में पानी पीने को कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी के मामले बढ़ गए हैं।
चिकित्सक पर्याप्त पानी पीने की सलाह के साथ जरूरी दवाएं दे रहे हैं। साथ ही बाहरी खाद्य पदार्थ के सेवन से बचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जनरल सर्जन डॉ. विजय तिवारी ने बताया कि इन दिनों पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन 80 से 90 की ओपीडी हो रही है। इसमें चार से पांच मरीजों में पथरी की समस्या मिल रही है। सर्दी में गर्मी की तुलना में लोग कम पानी पीते हैं, जबकि सामान्य रूप से एक व्यक्ति को पूरे दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए।
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चिकित्साधिकारी डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि आधुनिक जीवन शैली अपनाने और पारंपरिक संतुलित भोजन के बजाय फास्ट फूड लोग ज्यादा खा रहे हैं। इसलिए पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गुर्दे में पथरी, कैल्शियम पथरी की परेशानी रोगियों में देखने को मिल रही है।
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डॉक्टर अवकाश पर, अल्ट्रासाउंड जांच ठप
जिला अस्पताल में एक जनवरी से अल्ट्रासाउंड जांच की सेवा ठप है। कारण, यहां तैनात चिकित्सक डॉ. वीके सोनकर 20 जनवरी तक अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगाकर वहां सूचना चस्पा कर दिया है। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे मरीजों को बाहर से जाकर जांच करानी पड़ रही है।
कोट
अल्ट्रासाउंड जांच चिकित्सक के अवकाश पर होने के चलते नहीं हो रही है। ओपीडी के साथ अन्य जांच हो रही है। सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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चिकित्सकों ने बताया कि गलत खानपान और पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने और बदलती जीवन शैली के कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के जनरल सर्जरी और मेडिसिन विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच मरीज ऐसे आ रहे हैं, जिसमें पथरी की शिकायतें मिल रही है। बढ़ती पथरी के मरीजों की संख्या के पीछे चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में प्यास कम लगने पर कम मात्रा में पानी पीने को कारण गुर्दे और पित्त की थैली में पथरी के मामले बढ़ गए हैं।
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चिकित्सक पर्याप्त पानी पीने की सलाह के साथ जरूरी दवाएं दे रहे हैं। साथ ही बाहरी खाद्य पदार्थ के सेवन से बचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जनरल सर्जन डॉ. विजय तिवारी ने बताया कि इन दिनों पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन 80 से 90 की ओपीडी हो रही है। इसमें चार से पांच मरीजों में पथरी की समस्या मिल रही है। सर्दी में गर्मी की तुलना में लोग कम पानी पीते हैं, जबकि सामान्य रूप से एक व्यक्ति को पूरे दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए।
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चिकित्साधिकारी डॉ. वीके वर्मा ने बताया कि आधुनिक जीवन शैली अपनाने और पारंपरिक संतुलित भोजन के बजाय फास्ट फूड लोग ज्यादा खा रहे हैं। इसलिए पथरी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि गुर्दे में पथरी, कैल्शियम पथरी की परेशानी रोगियों में देखने को मिल रही है।
डॉक्टर अवकाश पर, अल्ट्रासाउंड जांच ठप
जिला अस्पताल में एक जनवरी से अल्ट्रासाउंड जांच की सेवा ठप है। कारण, यहां तैनात चिकित्सक डॉ. वीके सोनकर 20 जनवरी तक अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगाकर वहां सूचना चस्पा कर दिया है। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए आ रहे मरीजों को बाहर से जाकर जांच करानी पड़ रही है।
कोट
अल्ट्रासाउंड जांच चिकित्सक के अवकाश पर होने के चलते नहीं हो रही है। ओपीडी के साथ अन्य जांच हो रही है। सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।