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Basti News: नारायण ने दूर किया नारद का मोह
Tue, 05 Dec 2023 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Dec 2023 01:16 AM IST
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बहादुरपुर। कलवारी थाना क्षेत्र के शिव मंदिर खखोड़ा में आदर्श रामलीला समिति के कलाकारों ने रविवार को नारद मोह की लीला का मंचन किया। कलाकार महेंद्र चतुर्वेदी, संदीप, मुरारी, भूपेंद्र पांडेय आदि ने दिखाया कि अपनी तपस्या से इंद्र को भयभीत तथा कामदेव पर विजय प्राप्त करने के बाद देव ऋषि नारद को घमंड हो गया। घमंड से चूर नारद ने अपनी विजय गाथा त्रिदेव को सुनाई।
माया से वशीभूत नारद की स्थिति देख नारायण को अपने भक्त की चिंता होने लगी और इसे दूर करने के लिए योगमाया से सहायता मांगी। योगमाया की सहायता से नारद के मार्ग में एक सुंदर नगर का निमार्ण हो गया। नगर की राजकुमारी विश्वमोहिनी को देख नारद मोहित हो गये। उससे शादी करने के लिए नारद ने नारायण से उनके हरि स्वरूप को मांग लिया। वह स्वयंवर में सफलता न मिलने पर अपने स्वरूप को देख क्रोधित हो नारायण के पास पंहुचे। जहां राजकुमारी को देख श्राप दे दिया, जो बाद में रामजन्म का कारण बना। मोह दूर होने पर देव ऋषि पश्चाताप करने लगे।
कलाकारो ने दिखाया कि मनुष्य को सफलता और असफलता से विचलित हुए बिना अपना कर्म करते रहना चाहिए। इस मौके पर चंद्रभान चौबे, बाबूराम, हरिहर, रामअशीष दुबे, रामगोपाल, धनंजय, राजमणि, शिवम आदि मौजूद रहे।
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माया से वशीभूत नारद की स्थिति देख नारायण को अपने भक्त की चिंता होने लगी और इसे दूर करने के लिए योगमाया से सहायता मांगी। योगमाया की सहायता से नारद के मार्ग में एक सुंदर नगर का निमार्ण हो गया। नगर की राजकुमारी विश्वमोहिनी को देख नारद मोहित हो गये। उससे शादी करने के लिए नारद ने नारायण से उनके हरि स्वरूप को मांग लिया। वह स्वयंवर में सफलता न मिलने पर अपने स्वरूप को देख क्रोधित हो नारायण के पास पंहुचे। जहां राजकुमारी को देख श्राप दे दिया, जो बाद में रामजन्म का कारण बना। मोह दूर होने पर देव ऋषि पश्चाताप करने लगे।
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कलाकारो ने दिखाया कि मनुष्य को सफलता और असफलता से विचलित हुए बिना अपना कर्म करते रहना चाहिए। इस मौके पर चंद्रभान चौबे, बाबूराम, हरिहर, रामअशीष दुबे, रामगोपाल, धनंजय, राजमणि, शिवम आदि मौजूद रहे।
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