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मुहर्रम : फिजा में गूंजीं या हुसैन की सदाएं
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बस्ती। हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत की याद दिलाने वाले मुहर्रम का जुलूस गमगीन माहौल में निकला। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 1952 ताजिया दफन किए गए। ताजियों के आगे नवयुवकों की टोली ढोल और ताशों के साथ गतके, तलवार आदि कलाओं को पेश कर रही थी। इस दौरान अकीदत के साथ शोहदा-ए-कर्बला याद किए गए और शहर या हुसैन की सदाओं से गूंज उठा।
इस बार मुहर्रम 16 जून से शुरू होकर 26 जून दसवीं तक चला। इस दौरान जिले में कुल 1952 स्थानों पर ताजिया रखे गए और अधिकांश स्थानों से जुलूस निकाले गए। पुलिस ने इनमें अति संवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणी में स्थानों को चिह्नित किया था। ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी की गई और भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी के जवान तैनात किए गए। शहर स्थित कटरा से कंपनीबाग से गांधीनगर से शाम चार बजे ताजिया जुलूस निकला, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान जिला अस्पताल तक पहुंचा, जहां ताजियों को विधिवत दफन किया गया।
मंगलबाजार से निकला जुलूस दक्षिण दरवाजा होते हुए कर्बला तक पहुंचा। यहां ताजिया दफन किए गए। कई जगहों पर ताजियों का मिलन हुआ। गनेशपुर क्षेत्र में कटरा, भाऊपुर, मंझरिया, गढ़वल, मरसठवा, गनेशपुर चौक से ताजिए का जुलूस निकाला गया। स्थानीय कर्बला में ताजिया शांतिपूर्ण ढंग से दफन किए गए। वाल्टरगंज क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। भानपुर, रुधौली, हर्रैया, बभनान, गौर, टिनिच, दुबौला, जलेबीगंज, हसीनाबाद, विक्रमजोत, छावनी, दुबौलिया, गायघाट, कुदरहा, बनकटी, मुंडेरवा में ताजियों का जुलूस निकाला गया। स्थानीय कर्बला में ताजिया दफन किए गए।
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नगर पंचायत नगर बाजार में निकला जुलूस : नगर बाजार। दसवीं मुहर्रम पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजियों का जुलूस निकला गया। में ताजियों को कर्बला में दफन कर दिया गया।
नगर बाजार में तकरीर करते हुए मौलाना मुनौव्वर हुसैन ने योमे आशूरा यानी दसवीं मुहर्रम पर प्रकाश डाला और कहा कि मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, लेकिन 9वीं और 10वीं तिथि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे ‘आशूरा’ के नाम से जाना जाता है। मुंडेरवा में 126 ताजिया दफन : मुंडेरवा। थाना क्षेत्र में 126 ताजिये के साथ 16 जगहों पर जुलूस शांति पूर्व निकाला गया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि बढडाढ, बोदवल बाजार, नटबाग, एकमा, कुर्थिया सहित 16 जगहों पर 126 ताजिये के साथ जुलूस निकला, उन्होंने बताया कि सबसे बडा बढ़डाढ़ में जुलूस निकलता है।
दुबौलिया में कई स्थानों पर मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। दुबौलिया, बैरागल, कटरिया, पूरेओरी राय, विशेश्वरगंज, निदूरी, रानीपुर लाद, सेमरा, दरियौना, डेईडिहा, बसंतपुर, हरिवंशपुर बुजुर्ग में शुक्रवार को जुमे की नमाज बाद दोपहर से ही ताजियों का जुलूस निकलना शुरू हो गया।
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इस बार मुहर्रम 16 जून से शुरू होकर 26 जून दसवीं तक चला। इस दौरान जिले में कुल 1952 स्थानों पर ताजिया रखे गए और अधिकांश स्थानों से जुलूस निकाले गए। पुलिस ने इनमें अति संवेदनशील, संवेदनशील और सामान्य श्रेणी में स्थानों को चिह्नित किया था। ड्रोन कैमरों के जरिये निगरानी की गई और भारी संख्या में पुलिस बल व पीएसी के जवान तैनात किए गए। शहर स्थित कटरा से कंपनीबाग से गांधीनगर से शाम चार बजे ताजिया जुलूस निकला, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला मैदान जिला अस्पताल तक पहुंचा, जहां ताजियों को विधिवत दफन किया गया।
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मंगलबाजार से निकला जुलूस दक्षिण दरवाजा होते हुए कर्बला तक पहुंचा। यहां ताजिया दफन किए गए। कई जगहों पर ताजियों का मिलन हुआ। गनेशपुर क्षेत्र में कटरा, भाऊपुर, मंझरिया, गढ़वल, मरसठवा, गनेशपुर चौक से ताजिए का जुलूस निकाला गया। स्थानीय कर्बला में ताजिया शांतिपूर्ण ढंग से दफन किए गए। वाल्टरगंज क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर ताजियों का जुलूस निकाला गया। भानपुर, रुधौली, हर्रैया, बभनान, गौर, टिनिच, दुबौला, जलेबीगंज, हसीनाबाद, विक्रमजोत, छावनी, दुबौलिया, गायघाट, कुदरहा, बनकटी, मुंडेरवा में ताजियों का जुलूस निकाला गया। स्थानीय कर्बला में ताजिया दफन किए गए।
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नगर पंचायत नगर बाजार में निकला जुलूस : नगर बाजार। दसवीं मुहर्रम पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजियों का जुलूस निकला गया। में ताजियों को कर्बला में दफन कर दिया गया।
नगर बाजार में तकरीर करते हुए मौलाना मुनौव्वर हुसैन ने योमे आशूरा यानी दसवीं मुहर्रम पर प्रकाश डाला और कहा कि मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है, लेकिन 9वीं और 10वीं तिथि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे ‘आशूरा’ के नाम से जाना जाता है। मुंडेरवा में 126 ताजिया दफन : मुंडेरवा। थाना क्षेत्र में 126 ताजिये के साथ 16 जगहों पर जुलूस शांति पूर्व निकाला गया। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि बढडाढ, बोदवल बाजार, नटबाग, एकमा, कुर्थिया सहित 16 जगहों पर 126 ताजिये के साथ जुलूस निकला, उन्होंने बताया कि सबसे बडा बढ़डाढ़ में जुलूस निकलता है।
दुबौलिया में कई स्थानों पर मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। दुबौलिया, बैरागल, कटरिया, पूरेओरी राय, विशेश्वरगंज, निदूरी, रानीपुर लाद, सेमरा, दरियौना, डेईडिहा, बसंतपुर, हरिवंशपुर बुजुर्ग में शुक्रवार को जुमे की नमाज बाद दोपहर से ही ताजियों का जुलूस निकलना शुरू हो गया।