{"_id":"64764dda305d5f90e70d6497","slug":"mp-mla-court-summoned-mp-and-his-two-brothers-basti-news-c-7-1-187376-2023-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद और उनके दो भाइयों को किया तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: एमपी एमएलए कोर्ट ने सांसद और उनके दो भाइयों को किया तलब
Wed, 31 May 2023 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 31 May 2023 12:56 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) अर्पिता यादव ने लोकसभा चुनाव के दिन सांसद के गांव के बूथ पर हुए विवाद मामले में सांसद हरीश द्विवेदी और उनके दो भाइयों को तलब किया है। समन के अनुसार तीनों को 15 जून को अदालत में हाजिर होना है।
उल्लेखनीय है कि तेलियाडीह गांव के पंकज दुबे ने सांसद हरीश द्विवेदी और उनके भाई सुभाष दुबे व गर्जन उर्फ बागीश दुबे के विरुद्ध नगर थाने में शिकायत की थी। कहा कि 12 मई 2019 को लोकसभा का चुनाव के दिन तेलियाडीह बूथ पर सांसद अपने भाइयों व अन्य के साथ आए और उनके साथ मारपीट की। नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट 28 जनवरी 2020 को प्रेषित किया। अंतिम रिपोर्ट के बारे में जानकारी होने पर वादी मुकदमा पंकज दुबे ने 25 नवंबर 2021 को अंतिम रिपोर्ट निरस्त करने के लिए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने 22 अप्रैल 2022 को प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट में वर्णित धाराओं में सांसद व उनके भाइयों को तलब करने का आदेश दिया। इसके विरुद्ध सांसद आदि ने निगरानी दाखिल किया। सत्र न्यायालय की एमपी एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश मीनू शर्मा ने छह दिसंबर 2022 को सांसद की निगरानी स्वीकार कर निचली अदालत के तलबी आदेश को निरस्त कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निगरानी न्यायालय के पारित दिशा निर्देशों के अनुपालन में नए सिरे से सुनवाई की। मजिस्ट्रेट के आदेश में कहा गया कि अदालत के पेशकार ने वादी मुकदमा का बयान त्रुटि बस दर्ज कर लिया था। अदालत ने आरोपियों को पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तलब किया था, न्यायालय ने परिवादी के बयान को अपने आदेश में उल्लेखित नहीं किया है, न्यायालय ने वर्तमान आदेश को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 (1)(सी) के तहत पारित करते हुए आरोपितों को धारा 323, 324, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के आरोप में तलब किया है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि तेलियाडीह गांव के पंकज दुबे ने सांसद हरीश द्विवेदी और उनके भाई सुभाष दुबे व गर्जन उर्फ बागीश दुबे के विरुद्ध नगर थाने में शिकायत की थी। कहा कि 12 मई 2019 को लोकसभा का चुनाव के दिन तेलियाडीह बूथ पर सांसद अपने भाइयों व अन्य के साथ आए और उनके साथ मारपीट की। नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट 28 जनवरी 2020 को प्रेषित किया। अंतिम रिपोर्ट के बारे में जानकारी होने पर वादी मुकदमा पंकज दुबे ने 25 नवंबर 2021 को अंतिम रिपोर्ट निरस्त करने के लिए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने 22 अप्रैल 2022 को प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट में वर्णित धाराओं में सांसद व उनके भाइयों को तलब करने का आदेश दिया। इसके विरुद्ध सांसद आदि ने निगरानी दाखिल किया। सत्र न्यायालय की एमपी एमएलए कोर्ट की न्यायाधीश मीनू शर्मा ने छह दिसंबर 2022 को सांसद की निगरानी स्वीकार कर निचली अदालत के तलबी आदेश को निरस्त कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निगरानी न्यायालय के पारित दिशा निर्देशों के अनुपालन में नए सिरे से सुनवाई की। मजिस्ट्रेट के आदेश में कहा गया कि अदालत के पेशकार ने वादी मुकदमा का बयान त्रुटि बस दर्ज कर लिया था। अदालत ने आरोपियों को पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तलब किया था, न्यायालय ने परिवादी के बयान को अपने आदेश में उल्लेखित नहीं किया है, न्यायालय ने वर्तमान आदेश को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 (1)(सी) के तहत पारित करते हुए आरोपितों को धारा 323, 324, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के आरोप में तलब किया है।
विज्ञापन