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प्रसव के 24 घंटे भीतर खाते में होगा भुगतान
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प्रसव के 24 घंटे के अंदर खाते में होगा भुगतान
प्रसूताओं को देर से भुगतान पर डीएम हुईं खफा
ग्रामीण में 1400, शहर में एक हजार की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जननी सुरक्षा योजना में प्रसव के 24 घंटे के अंदर आर्थिक सहायता का भुगतान उसके खाते मेें करने के लिए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आर्थिक मदद में विलंब पर खफा डीएम ने कहा कि किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 1400 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में एक हजार रुपये महिलाओं को पौष्टिक आहार के लिए दिए जाते हैं। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि दुबौलिया में 61, भानपुर में 64, बनकटी में 70 प्रतिशत भुगतान किया गया है जबकि अन्य ब्लॉक में 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान किया गया है। यह भी निर्देश दिए हैं कि सर्वाधिक कम भुगतान वाले ब्लॉक में प्रत्येक केस में भुगतान न होने का कारण सहित रिपोर्ट देनी होगी। इसके आधार पर कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कहा कि आशा की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि वह महिला के गर्भवती होने की पुष्टि होते ही उसका रजिस्ट्रेशन कराए। नाम, पता, आधार कार्ड, खाता नंबर आदि सभी सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। इसलिए प्रसव के 24 घंटे के भीतर उसके खाते में धनराशि भेज दी जाए। आशा के मानदेय भुगतान की समीक्षा हुई। 3119 रुपये मानदेय प्रत्येक आशा को प्रति माह भुगतान को और बढ़ाने का एमओआईसी को निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया कि अपने कार्य क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक प्रसव की सूचना आशा को देनी होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
महिला अस्पताल काउंसलर से जवाब तलब
परिवार नियोजन कार्यक्रम मामले में महिला अस्पताल में तैनात काउंसलर का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं। आईयूसीडी/परिवार नियोजन के विभिन्न साधन प्रयोग करने में जिला महिला अस्पताल का प्रतिशत 03 है। जबकि पूरे जिले का औसत प्रतिशत 19 है। इसके साथ ही उन्होंने हॉस्पिटल मैनेजर को भी नाटिस देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रत्येक माह की नौ तारीख को आयोजित होने मातृ दिवस को प्रभावी ढंग से संचालित करें।
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में लापरवाही
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में 272 केस अप्रूवल के लिए पेंडिंग पाए जाने पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए हैं कि 112 केस की जांच कर अपूर्णता का कारण सहित रिपोर्ट दें। बैठक में सीडीओ अरविन्द पाण्डेय, सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा, डिप्टी सीएमओ डॉ. फखरेयार हुसेन, डॉ. सीके वर्मा, पुरुष एवं महिला अस्पताल के सीएमएस, सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन डीपीएम राकेश पाण्डेय ने किया।
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प्रसूताओं को देर से भुगतान पर डीएम हुईं खफा
ग्रामीण में 1400, शहर में एक हजार की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जननी सुरक्षा योजना में प्रसव के 24 घंटे के अंदर आर्थिक सहायता का भुगतान उसके खाते मेें करने के लिए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आर्थिक मदद में विलंब पर खफा डीएम ने कहा कि किसी प्रकार का बहाना नहीं चलेगा। दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में 1400 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में एक हजार रुपये महिलाओं को पौष्टिक आहार के लिए दिए जाते हैं। जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि दुबौलिया में 61, भानपुर में 64, बनकटी में 70 प्रतिशत भुगतान किया गया है जबकि अन्य ब्लॉक में 90 प्रतिशत से अधिक भुगतान किया गया है। यह भी निर्देश दिए हैं कि सर्वाधिक कम भुगतान वाले ब्लॉक में प्रत्येक केस में भुगतान न होने का कारण सहित रिपोर्ट देनी होगी। इसके आधार पर कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। कहा कि आशा की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि वह महिला के गर्भवती होने की पुष्टि होते ही उसका रजिस्ट्रेशन कराए। नाम, पता, आधार कार्ड, खाता नंबर आदि सभी सूचनाएं दर्ज की जाती हैं। इसलिए प्रसव के 24 घंटे के भीतर उसके खाते में धनराशि भेज दी जाए। आशा के मानदेय भुगतान की समीक्षा हुई। 3119 रुपये मानदेय प्रत्येक आशा को प्रति माह भुगतान को और बढ़ाने का एमओआईसी को निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया कि अपने कार्य क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक प्रसव की सूचना आशा को देनी होगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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महिला अस्पताल काउंसलर से जवाब तलब
परिवार नियोजन कार्यक्रम मामले में महिला अस्पताल में तैनात काउंसलर का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं। आईयूसीडी/परिवार नियोजन के विभिन्न साधन प्रयोग करने में जिला महिला अस्पताल का प्रतिशत 03 है। जबकि पूरे जिले का औसत प्रतिशत 19 है। इसके साथ ही उन्होंने हॉस्पिटल मैनेजर को भी नाटिस देने के निर्देश दिए हैं। कहा कि प्रत्येक माह की नौ तारीख को आयोजित होने मातृ दिवस को प्रभावी ढंग से संचालित करें।
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में लापरवाही
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना में 272 केस अप्रूवल के लिए पेंडिंग पाए जाने पर डीएम ने असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए हैं कि 112 केस की जांच कर अपूर्णता का कारण सहित रिपोर्ट दें। बैठक में सीडीओ अरविन्द पाण्डेय, सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा, डिप्टी सीएमओ डॉ. फखरेयार हुसेन, डॉ. सीके वर्मा, पुरुष एवं महिला अस्पताल के सीएमएस, सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन डीपीएम राकेश पाण्डेय ने किया।