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Basti News: मोबाइल का डाटा मिला, दो एंगल पर केंद्रित हुई थानेदार की मौत की जांच
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वाल्टरगंज थानाध्यक्ष का आवास।-संवाद
बस्ती। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस की जांच अब अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। उनके मोबाइल फोन से डिलीट हुआ करीब एक साल का डाटा रिकवर हो गया है। बुधवार को गोरखपुर से पुलिस को कई जीबी डाटा रिकवर करके मिला है। अब पुलिस इसकी समीक्षा कर घटना से जुड़े सुराग तलाशेगी। इसी के साथ जांच दो प्रमुख एंगल पर केंद्रित हो गई है।
बीते शनिवार की शाम वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव मुख्यालय स्थित उनके सरकारी आवास पर फंदे से लटकता मिला था। शुरुआत में घटना की ठोस वजह सामने नहीं आई तो पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जुटाने की दिशा में काम किया। उनके मोबाइल फोन खंगाले गए तो उनमें कुछ डाटा डिलीट मिले।
इसकी तकनीकी जांच के लिए उनके मोबाइल फोन गोरखपुर भेजे गए थे, वहां से बुधवार की दोपहर में डाटा रिकवर करके प्राप्त हुआ है। इससे अब जांच की गति और तेज हो गई है। अब तक की जांच में यह लगभग तय हो चुका है कि थानाध्यक्ष को कुछ लोग ब्लैकमेल कर रहे थे।
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पुलिस के अनुसार करीब चार लोग फिलहाल रडार पर हैं। इनमें एक-दो लोग बस्ती के बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ बाहरी भी शामिल हैं। हालांकि, जांच के दायरे में आए लोगों में कोई भी पुलिस विभाग से जुड़ा नहीं है। पुलिस इनके साथ थानाध्यक्ष के संपर्क और बातचीत समेत अन्य गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
एक साल के डाटा में तलाशे जाएंगे अहम सुराग : थानाध्यक्ष की मोबाइल का करीब एक साल का रिकवर हुआ है, जिसकी अब पुलिस बारीकी से समीक्षा करेगी। इस अवधि में हुई बातचीत, संपर्क और अन्य डिजिटल गतिविधियों को जांच में शामिल किया जाएगा। रिकवर डाटा से सामने आने वाली जानकारी का मिलान पुलिस की ओर से अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों से भी किया जाएगा। इससे घटना से पहले की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दो पहलुओं पर पुलिस की नजर : पुलिस की जांच फिलहाल दो प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि इनमें किसी तरह के लेनदेन और निजी संबंधों से जुड़ा एंगल शामिल है। हालांकि अभी दोनों ही पहलुओं को लेकर पुलिस के पास अंतिम निष्कर्ष नहीं है। रिकवर मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। संवाद
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बीते शनिवार की शाम वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव मुख्यालय स्थित उनके सरकारी आवास पर फंदे से लटकता मिला था। शुरुआत में घटना की ठोस वजह सामने नहीं आई तो पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जुटाने की दिशा में काम किया। उनके मोबाइल फोन खंगाले गए तो उनमें कुछ डाटा डिलीट मिले।
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इसकी तकनीकी जांच के लिए उनके मोबाइल फोन गोरखपुर भेजे गए थे, वहां से बुधवार की दोपहर में डाटा रिकवर करके प्राप्त हुआ है। इससे अब जांच की गति और तेज हो गई है। अब तक की जांच में यह लगभग तय हो चुका है कि थानाध्यक्ष को कुछ लोग ब्लैकमेल कर रहे थे।
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पुलिस के अनुसार करीब चार लोग फिलहाल रडार पर हैं। इनमें एक-दो लोग बस्ती के बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ बाहरी भी शामिल हैं। हालांकि, जांच के दायरे में आए लोगों में कोई भी पुलिस विभाग से जुड़ा नहीं है। पुलिस इनके साथ थानाध्यक्ष के संपर्क और बातचीत समेत अन्य गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
एक साल के डाटा में तलाशे जाएंगे अहम सुराग : थानाध्यक्ष की मोबाइल का करीब एक साल का रिकवर हुआ है, जिसकी अब पुलिस बारीकी से समीक्षा करेगी। इस अवधि में हुई बातचीत, संपर्क और अन्य डिजिटल गतिविधियों को जांच में शामिल किया जाएगा। रिकवर डाटा से सामने आने वाली जानकारी का मिलान पुलिस की ओर से अब तक जुटाए गए अन्य साक्ष्यों से भी किया जाएगा। इससे घटना से पहले की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दो पहलुओं पर पुलिस की नजर : पुलिस की जांच फिलहाल दो प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित है। माना जा रहा है कि इनमें किसी तरह के लेनदेन और निजी संबंधों से जुड़ा एंगल शामिल है। हालांकि अभी दोनों ही पहलुओं को लेकर पुलिस के पास अंतिम निष्कर्ष नहीं है। रिकवर मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों की समीक्षा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। संवाद