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शहर के सड़कों की स्थिति खराब, चुप्पी साधे हैं जिम्मेदार

Mon, 11 Jul 2022 12:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:00 AM IST
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Meaningless Sarak Gadda mukti Abhiyan  in city
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान बेमतलब
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बस्ती। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान बेमतलब साबित हो रहा है। शहर में कोई सड़क ऐसी नहीं जो गड्ढों में तब्दील न हुई हो। लिहाजा लोगों को इन दिनों बारिश के दिनों में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक सड़कों पर नगर पालिका ने छह माह पहले 43 लाख की धनराशि खर्च की है जबकि पीडब्ल्यूडी ने 19 लाख रुपये खर्च किया है। फिर भी सड़कों की दशा सुधरने के बजाय जस -की- तस है।
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शहर की महत्वपूर्ण सड़क मालवीय मार्ग करीब तीन किलोमीटर तक गड्ढों में तब्दील है। रौता चौराहे से रोडवेज की ओर जाने पर तो एक मैरिज हाल के सामने दोनों ओर की सड़क पूरी तरह टूट कर बिखर हो चुकी है। यहां बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देते हैं। बारिश होने पर यहां आवागमन जानलेवा हो जाता है। इसी प्रकार रेलवे स्टेशन की सड़क की भी दशा खराब है। यहां की सड़क पर तो कई जगह पानी जमा है जिससे यात्रा कठिन हो गई है। गड्ढे भी लोगों का दर्द बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा दक्षिण दरवाजा से करुआ बाबा रोड, ब्लॉक रोड व जेल रोड पर भी गड्ढे बन चुके हैं।
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नगर पालिका ने खर्च की 43 लाख की धनराशि, नहीं बदली सड़कों की सूरत
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका प्रशासन ने शहर की तकरीबन 11 किमी सड़क पर गड्ढा मुक्ति के नाम पर लगभग 43 लाख रुपये खर्च कर दिया लेकिन, सड़कों की हालत दयनीय हो चुकी है। नगर पालिका परिषद के नवागत अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि सड़कें खराब हैं। यह संज्ञान में है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इन सड़कों को दुरुस्त करा दिया जाएगा। अस्थायी रूप से गड्ढों में मिट्टी व गिट्टी डलवा दी गई है।
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19 लाख खर्च होने के बावजूद सड़कों की स्थिति जर्जर
शहर के अमहट घाट पुल से गांधीनगर व रोडवेज होते हुए मकबूलगंज चौराहे तक 13 किमी व शहर के खौरहवा की सड़क पर छह माह पहले पीडब्ल्यूडी ने तकरीबन 19 लाख रुपये खर्च किए लेकिन यहां दोबारा गड्ढे बन गए हैं। पीडब्ल्यूडी के अभियंता हरे राम ने बताया कि इस दस किमी सड़क नवीनीकरण के लिए 3.3 करोड़ का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। जैसे ही धन आवंटित होगा काम शुरू कर दिया जाएगा।
लोगों ने सुनाई अपनी व्यथा
शहर के गांधी नगर निवासी महेंद्र यादव कहते हैं कि मालवीय मार्ग का रास्ता ही छोड़ दिए हैं। इसका कारण यह है कि सड़क से गुजरने में डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। कहा कि सरकार की गड्ढा मुक्ति का सच यहां नहीं दिखाई दे रहा है।

व्यवसायी आशुतोष दुबे कहते हैं कि मालवीय मार्ग ही नहीं एकाध सड़क को छोड़ दिया जाए तो शहर में कोई ऐसा मार्ग नहीं है जिस पर आसानी से चला जा सके। मगर जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं। आम जनता की सुनने वाला कोई नहीं है।
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