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प्रदेश में शिक्षा का बाजारीकरण : राम नाईक
basti beauro
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:47 PM IST
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बस्ती। राज्यपाल रामनाईक ने उच्च शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा का बाजारीकरण कर दिया गया है। इससे भले ही कुछ लोगों को लाभ हो रहा हो, मगर राष्ट्रहित में यह ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह 25 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। इनमें से 18 विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह करा दिया है। शेष का भी जल्द हो जाएगा।
राज्यपाल शुक्रवार को मुख्य अतिथि के तौर पर सरस्वती विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित माधव प्रकल्प भवन का लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में उच्च शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है।
उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि कठिन परिश्रम करके शिक्षा प्राप्त करें, लेकिन किताबी कीड़ा न बनें। शिक्षा के साथ खेल-कूद में भी हिस्सा लें। व्यायाम करते रहें। उन्होंने कहा कि यह भगवान राम, कृष्ण और गौतम बुद्ध का क्षेत्र है। वर्ष 2014 में देश में जनक्रांति हुई है।
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इस भूमि से अनेक महापुरुष जुड़े हैं। इस लिए उनके नाम के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सभी को अधिकार है। भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है। उन्होंने कहा कि चीन औद्योगिक विकास में आगे है, लेकिन आने वाले दिनों में भारत उसे पीछे छोड़ देगा। भारत विश्व का सबसे युवा देश है।
विद्या भारती की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में 25 हजार विद्यालयों के माध्यम से 40 लाख छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। दुनिया में अन्य कोई ऐसी संस्था नहीं है, जो बिना किसी सरकारी सहयोग के अपने बलबूतेेेे पर शिक्षा का इतना बड़ा कार्य संचालित करती है।
आएसएस गोरक्ष प्रांत के सह-प्रांत संघचालक पृथ्वीराज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विद्या भारती और अखिल भारती संस्थान के माध्यम से विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। सीमावर्ती और वनवासी क्षेत्रों में संस्कार और एकल केंद्र चलाये जा रहे हैं, जहां पर गरीब विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।
इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। राज्यपाल रामनाईक ने प्रतिभावान छात्रों और अध्यापकों को सम्मानित किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य अरविंद सिंह चौहान, प्रबंधक डॉक्टर नागरदास मिश्र, अध्यक्ष पवन तुलस्यान, कोषाध्यक्ष डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व धायक दयाराम चौधरी सहित विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी, अभिभावक आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि वह 25 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। इनमें से 18 विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह करा दिया है। शेष का भी जल्द हो जाएगा।
राज्यपाल शुक्रवार को मुख्य अतिथि के तौर पर सरस्वती विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय के नवनिर्मित माधव प्रकल्प भवन का लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में उच्च शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है।
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उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि कठिन परिश्रम करके शिक्षा प्राप्त करें, लेकिन किताबी कीड़ा न बनें। शिक्षा के साथ खेल-कूद में भी हिस्सा लें। व्यायाम करते रहें। उन्होंने कहा कि यह भगवान राम, कृष्ण और गौतम बुद्ध का क्षेत्र है। वर्ष 2014 में देश में जनक्रांति हुई है।
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इस भूमि से अनेक महापुरुष जुड़े हैं। इस लिए उनके नाम के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सभी को अधिकार है। भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है। उन्होंने कहा कि चीन औद्योगिक विकास में आगे है, लेकिन आने वाले दिनों में भारत उसे पीछे छोड़ देगा। भारत विश्व का सबसे युवा देश है।
विद्या भारती की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश भर में 25 हजार विद्यालयों के माध्यम से 40 लाख छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। दुनिया में अन्य कोई ऐसी संस्था नहीं है, जो बिना किसी सरकारी सहयोग के अपने बलबूतेेेे पर शिक्षा का इतना बड़ा कार्य संचालित करती है।
आएसएस गोरक्ष प्रांत के सह-प्रांत संघचालक पृथ्वीराज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विद्या भारती और अखिल भारती संस्थान के माध्यम से विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। सीमावर्ती और वनवासी क्षेत्रों में संस्कार और एकल केंद्र चलाये जा रहे हैं, जहां पर गरीब विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।
इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। राज्यपाल रामनाईक ने प्रतिभावान छात्रों और अध्यापकों को सम्मानित किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य अरविंद सिंह चौहान, प्रबंधक डॉक्टर नागरदास मिश्र, अध्यक्ष पवन तुलस्यान, कोषाध्यक्ष डॉक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व धायक दयाराम चौधरी सहित विद्यालय के अध्यापक, विद्यार्थी, अभिभावक आदि मौजूद रहे।