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Basti News: मैडम मानदेय दिलवा दीजिए... आ रहा रक्षाबंधन
Tue, 06 Aug 2024 02:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 06 Aug 2024 02:48 AM IST
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अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयो में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिको ने जिला प्रशासन को सौपा
आउटसोर्स कर्मचारी पहुंचे कलक्ट्रेट, सेवा प्रदाता कंपनी पर लगाया मनमानी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ने उनकी समस्या सुनने के लिए महिला एसडीएम सृष्टि सिंह को भेजा। आउटसोर्स कर्मचारी उन्हें ज्ञापन देते हुए बोले- मैडम मानदेय दिलवा दीजिए... रक्षाबंधन का त्योहार आ रहा है। मार्च से जुलाई तक का मानदेय नहीं मिला है।
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी के नेतृत्व ने कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताई। कहा कि उन्हें विभिन्न तरह की कटौती के बाद 8315 रुपये मानदेय मिलता है। सेवा प्रदाता कंपनी वह भी समय से नहीं दे रही है। उनके देयकों के भुगतान में मनमानी की जा रही है। ईपीएफ के नाम पर प्रत्येक माह उनके मानदेय से कटौती की जा रही है। लेकिन, कंपनी अपनी तरफ से ईपीएफ मद में 9 अक्तूबर 2023 से भुगतान नहीं कर रही है।
सेवा नियमावली का उल्लंघन करके नियोक्त अंशदान भी उनके मानदेय से ही काटा जा रहा है। आवेदन के समय 13072 रुपये मानदेय बताया गया। ईपीएफ आदि कटने के बाद 11078 रुपये का भुगतान होना चाहिए। मगर, कंपनी की ओर से केवल 8315 रुपये ही मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। लोगों ने मांग किया कि मानदेय से जीएसटी कटौती बंद की जाए। एसडीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी सोमवार कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ने उनकी समस्या सुनने के लिए महिला एसडीएम सृष्टि सिंह को भेजा। आउटसोर्स कर्मचारी उन्हें ज्ञापन देते हुए बोले- मैडम मानदेय दिलवा दीजिए... रक्षाबंधन का त्योहार आ रहा है। मार्च से जुलाई तक का मानदेय नहीं मिला है।
आउटसोर्स कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय द्विवेदी के नेतृत्व ने कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताई। कहा कि उन्हें विभिन्न तरह की कटौती के बाद 8315 रुपये मानदेय मिलता है। सेवा प्रदाता कंपनी वह भी समय से नहीं दे रही है। उनके देयकों के भुगतान में मनमानी की जा रही है। ईपीएफ के नाम पर प्रत्येक माह उनके मानदेय से कटौती की जा रही है। लेकिन, कंपनी अपनी तरफ से ईपीएफ मद में 9 अक्तूबर 2023 से भुगतान नहीं कर रही है।
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सेवा नियमावली का उल्लंघन करके नियोक्त अंशदान भी उनके मानदेय से ही काटा जा रहा है। आवेदन के समय 13072 रुपये मानदेय बताया गया। ईपीएफ आदि कटने के बाद 11078 रुपये का भुगतान होना चाहिए। मगर, कंपनी की ओर से केवल 8315 रुपये ही मानदेय का भुगतान किया जा रहा है। लोगों ने मांग किया कि मानदेय से जीएसटी कटौती बंद की जाए। एसडीएम ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
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