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Basti News: लंपी को लेकर अलर्ट, जिले में पहुंची 24 हजार टीके की खेप
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बस्ती। लंपी स्किन डिजीज को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीमारी की दस्तक के बाद जिले का पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए शासन से 24 हजार टीके की पहली खेप जिले में पहुंच गई है। विभाग ने टीके सदर समेत सभी पशु अस्पतालों पर भेजने शुरू कर दिए हैं। पहले चरण में गो-आश्रय स्थलों और अधिक पशु घनत्व वाले गांवों में टीकाकरण किया जाएगा।
पश्चिमी यूपी के प्रभावित 20 से 25 जनपदों में लंपी के मामले सामने आने के बाद जिले में भी पशुपालन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग की ओर से शासन से 24 हजार टीके की मांग की गई थी। बृहस्पतिवार को लखनऊ से टीके की पूरी खेप जिले में पहुंची।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि 24 हजार टीके प्राप्त हुए हैं। इन्हें सदर पशु अस्पताल, हर्रैया, भानपुर, बनकटी समेत अन्य पशु अस्पतालों में भेजा जा रहा है। सभी ब्लॉकों में टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। पहले चरण में गो-आश्रय स्थलों और अधिक पशु घनत्व वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर पशु चिकित्सक और पैरावेट मौके पर पहुंचकर उसकी जांच करेंगे। लक्षण मिलने पर पशु का टीकाकरण कराया जाएगा। साथ ही संबंधित पशु को आइसोलेट किया जाएगा ताकि संक्रमण दूसरे पशुओं तक न पहुंच सके।
विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि पशु के शरीर पर गांठ, बुखार या बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर सूचना मिलने से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।
लंपी वायरल बीमारी, संपर्क में आने से बढ़ता है संक्रमण का खतरा
डिप्टी सीवीओ डॉ. प्रेम कुमार वर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज वायरल बीमारी है। संक्रमित पशु के संपर्क में आने से दूसरे पशुओं में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। बीमारी में गोवंश और महिषवंशीय पशुओं के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं। तेज बुखार के साथ दूध उत्पादन प्रभावित हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर पशु की मौत भी हो सकती है।पशुपालन विभाग के अनुसार, अभी तक जिले में लंपी का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि एहतियात के तौर पर सभी ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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पश्चिमी यूपी के प्रभावित 20 से 25 जनपदों में लंपी के मामले सामने आने के बाद जिले में भी पशुपालन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग की ओर से शासन से 24 हजार टीके की मांग की गई थी। बृहस्पतिवार को लखनऊ से टीके की पूरी खेप जिले में पहुंची।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि 24 हजार टीके प्राप्त हुए हैं। इन्हें सदर पशु अस्पताल, हर्रैया, भानपुर, बनकटी समेत अन्य पशु अस्पतालों में भेजा जा रहा है। सभी ब्लॉकों में टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। पहले चरण में गो-आश्रय स्थलों और अधिक पशु घनत्व वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई देने पर पशु चिकित्सक और पैरावेट मौके पर पहुंचकर उसकी जांच करेंगे। लक्षण मिलने पर पशु का टीकाकरण कराया जाएगा। साथ ही संबंधित पशु को आइसोलेट किया जाएगा ताकि संक्रमण दूसरे पशुओं तक न पहुंच सके।
विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि पशु के शरीर पर गांठ, बुखार या बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर सूचना मिलने से बीमारी को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी।
लंपी वायरल बीमारी, संपर्क में आने से बढ़ता है संक्रमण का खतरा
डिप्टी सीवीओ डॉ. प्रेम कुमार वर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज वायरल बीमारी है। संक्रमित पशु के संपर्क में आने से दूसरे पशुओं में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। बीमारी में गोवंश और महिषवंशीय पशुओं के शरीर पर गांठें पड़ जाती हैं। तेज बुखार के साथ दूध उत्पादन प्रभावित हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर पशु की मौत भी हो सकती है।पशुपालन विभाग के अनुसार, अभी तक जिले में लंपी का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि एहतियात के तौर पर सभी ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।