{"_id":"68fa8dbb0b55e271f9018b36","slug":"lord-chitragupta-was-worshipped-with-due-rituals-along-with-pen-worship-basti-news-c-207-1-sgkp1006-146304-2025-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: कलम पूजा के साथ विधि-विधान से पूजे गए भगवान चित्रगुप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: कलम पूजा के साथ विधि-विधान से पूजे गए भगवान चित्रगुप्त
Fri, 24 Oct 2025 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 24 Oct 2025 01:49 AM IST
विज्ञापन
चित्रगुप्त मंदिर पर आयोजित कलम पूजा में शामिल कायस्थ समाज के लोग- विज्ञप्ति
बस्ती। धर्मशाला रोड स्थित चित्रगुप्त मंदिर पर बृहस्पतिवार को विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलम पूजा का आयोजन किया गया। चित्रगुप्त मंदिर समिति और कायस्थ वाहिनी अंतरराष्ट्रीय की ओर से कलम पूजा, आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन संध्या के साथ ही सहभोज का आयोजन किया गया।
मंदिर समिति के सुरेंद्र मोहन वर्मा ने कहा कि भाई दूज के दिन चित्रगुप्त महाराज की पूजा का विधान है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यम द्वितीया के नाम से भी प्रसिद्ध है। हर वर्ष इस दिन चित्रगुप्त पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि चित्रगुप्त महाराज देवताओं के लेखपाल यानी मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करने वाले हैं। इस दिन नई लेखनी या कलम को चित्रगुप्त महाराज का प्रतिरूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। हमारा दायित्व है कि हम नेक राह पर चलें
कायस्थ वाहिनी अंतरराष्ट्रीय के प्रमुख पंकज भैय्या ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त ज्ञान के देवता हैं। भगवान चित्रगुप्त को यमराज का सहायक देव माना जाता है। यमलोक के राजा यमराज को कर्मों के आधार पर जीव को दंड या मुक्ति देने में कोई समस्या न हो, इसलिए चित्रगुप्त भगवान हर व्यक्ति के कर्मों का लेखा-जोखा लिखकर यमदेव के कार्यों में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मदेव के अंश से न होकर संपूर्ण काया से हुआ था इसलिए चित्रगुप्त जी को कायस्थ कहा गया। कलम पूजा के बाद प्रसिद्ध कथा वाचक सौरभ श्रीवास्तव ने भगवान चित्रगुप्त की कथा सुनाई। कायस्थ वाहिनी के प्रदेश महासचिव मनीष श्रीवास्तव, उपसचिव कमलेश श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अंकुर वर्मा, अनूप खरे, राजेश चित्रगुप्त, मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ कौशल किशोर श्रीवास्तव, कैलाश मोहन श्रीवास्तव, रूपम, अखिलेश श्रीवास्तव, सुभाष श्रीवास्तव, श्रवण श्रीवास्तव, सौरभ बोस आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मंदिर समिति के सुरेंद्र मोहन वर्मा ने कहा कि भाई दूज के दिन चित्रगुप्त महाराज की पूजा का विधान है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यम द्वितीया के नाम से भी प्रसिद्ध है। हर वर्ष इस दिन चित्रगुप्त पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि चित्रगुप्त महाराज देवताओं के लेखपाल यानी मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करने वाले हैं। इस दिन नई लेखनी या कलम को चित्रगुप्त महाराज का प्रतिरूप मानकर उसकी पूजा की जाती है। हमारा दायित्व है कि हम नेक राह पर चलें
विज्ञापन
कायस्थ वाहिनी अंतरराष्ट्रीय के प्रमुख पंकज भैय्या ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त ज्ञान के देवता हैं। भगवान चित्रगुप्त को यमराज का सहायक देव माना जाता है। यमलोक के राजा यमराज को कर्मों के आधार पर जीव को दंड या मुक्ति देने में कोई समस्या न हो, इसलिए चित्रगुप्त भगवान हर व्यक्ति के कर्मों का लेखा-जोखा लिखकर यमदेव के कार्यों में सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मदेव के अंश से न होकर संपूर्ण काया से हुआ था इसलिए चित्रगुप्त जी को कायस्थ कहा गया। कलम पूजा के बाद प्रसिद्ध कथा वाचक सौरभ श्रीवास्तव ने भगवान चित्रगुप्त की कथा सुनाई। कायस्थ वाहिनी के प्रदेश महासचिव मनीष श्रीवास्तव, उपसचिव कमलेश श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अंकुर वर्मा, अनूप खरे, राजेश चित्रगुप्त, मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ कौशल किशोर श्रीवास्तव, कैलाश मोहन श्रीवास्तव, रूपम, अखिलेश श्रीवास्तव, सुभाष श्रीवास्तव, श्रवण श्रीवास्तव, सौरभ बोस आदि उपस्थित रहे।

चित्रगुप्त मंदिर पर आयोजित कलम पूजा में शामिल कायस्थ समाज के लोग- विज्ञप्ति