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Basti News: दीपावली, क्रिकेट विश्वकप की धूम में गेमिंग एप से लूट

Wed, 08 Nov 2023 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 08 Nov 2023 12:30 AM IST
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loot from gaming app
ऑनलाइन एप के जरिये गेमिंग, बेटिंग पर लग रहा दांव
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ज्यादा रकम दांव पर लगने के बाद बंद हो जाते हैं एप
विदेश में सर्वर होने की वजह से पुलिस नहीं लगा पा रही लगाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दीपावली, क्रिकेट विश्वकप की धूम में गेमिंग एप से लूट बड़ों से बच्चों तक को लालच में फंसाकर रकम लगवाई जा रही है। कम रकम पर ज्यादा मुनाफा देकर वापस करते हैं और ज्यादा रकम लगाते ही एप बंद कर देते हैं। सर्वर विदेशी में होने की वजह से पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाती। रेंज में इस तरह के तमाम मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। जुएं और सट्टेबाजी की चर्चा होने पर बदनामी के डर से ज्यादातर लोग पुलिस से इसकी शिकायत भी नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण इससे जुड़े लोग बेखौफ होकर धंधा कर रहे हैं।
यहां दीपावली पर बड़ी संख्या में लोग जुआ खेलते हैं। हफ्ते भर पहले से ही इसका सिलसिला शुरू हो जाता है। इसके अलावा क्रिकेट विश्वकप की खुमारी भी युवाओं के सिर चढ़कर बोल रही है। इसमें अब ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग एप भी बड़ी संख्या में चल रहे हैं। जानकार बताते हैं कि कई एप का तो सोशल मीडिया के जरिये नामी-गिरामी सिलेब्रेटी से प्रचार कराया जाता है, ताकि युवाओं को इन पर भरोसा हो जाए। इस तरह के चालीस से ज्यादा एप आजकल काफी प्रचलित हैं। जिन पर पांच से लेकर पांच लाख रुपये तक के दांव लगाए जा सकते हैं।
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प्रचलन में दो तरह के एप
इस समय दो तरह के एप काफी प्रचलन में हैं। एक में क्रिकेट की टीम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर दांव लगाया जाता है। इनमें से कुछ एप धोखाधड़ी को लेकर अपेक्षाकृत ज्यादा विश्वसनीय हैं, जिसमें लाखों लोग आजकल अच्छी-खासी रकम दांव पर लगा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा पढ़ाई करने वाले युवा वर्ग और टीन एजर्स की रुचि देखी जा रही है। खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर जीत-हार का दारोमदार होता है। इसे खेलने वाले बताते हैं कि अगर सावधानी से खेलें तो इसमें पूंजी हारने की संभावना कम रहती है। मगर, बेटिंग एप में तो सीधे आंख में धूल झोंककर रुपये एकाएक हजम करने की पूरी गुंजाइश होती है। मेले-प्रदर्शनी में अंकों पर सुई रुकने वाली चर्खी की तरह एप के अंक पर ऑनलाइन दांव लगाए जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा जोखिम है। किसी अंक पर ज्यादा रकम दांव पर लग जाने के बाद वह एप बंद कर दिए जाते हैं।
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बेटिंग एप में गंवा लाखों, मगर शिकायत नहीं की
शहर के एक मोहल्ले के निवासी विक्रम बताते हैं कि उनके जानने वाले तमाम लोग करीब डेढ़ साल से बेटिंग एप के जरिये जुआ खेलते आ रहे हैं। इसमें हर घंटे ड्राॅ निकलता है। जिस अंक पर दांव लगाए हैं, उसका ड्राॅ होने पर लगाई गई रकम का 36 गुना रुपये मिलते हैं। शुरुआत में वह रोज पांच-दस हजार जीत जाते थे। मगर, बीच-बीच में ज्यादा जीतने की लालच में जब बड़ी रकम दांव पर लगा देते थे तो अंक मिस हो जाता था। बाद में गंवाई रकम पाने के लिए फिर दांव लगाते गए और आखिरकार घर की सारी पूंजी गंवा चुके हैं। दो-ढाई लाख रुपये उधार लेकर हार चुके हैं।
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करना पड़ा लूट का नाटक

सोनहा थाना क्षेत्र का एक युवक मोबाइल फोन पर चलने वाला तीन पत्ती एप से जुआ खेलता था। उसमें वह घर के काम के लिए रखे साढ़े 39 हजार रुपये बिना किसी को बताए दांव पर लगा दिया और पूरी रकम हार गया। इस रकम की भरपाई के लिए वह घरेलू कार्य के लिए बैंक में रखी रकम निकालकर लाया और उसमें से 31 हजार रुपये झाड़ी में छिपाकर लूट होने का नाटक रच डाला। पुलिस ने छानबीन की और युवक से पूछताछ की तो उसने सारी कहानी बयां कर दी।
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खाते से कट गए 89 हजार रुपये

गांधीनगर का एक युवक फेसबुक पर एड देखकर मोबाइल फोन पर नंबर गेम वाला एप इंस्टाल कर लिया। उस एप के नियम-शर्तों के मुताबिक, उसने अपना बैंक एकाउंट लिंक कर दिया। कुछ दिन तक वह 100-200 रुपये दांव पर लगाता रहा। उसमें कभी एक हजार तो कभी 500 रुपये जीतता रहा। उसके बाद उसने दो से तीन हजार रुपये लगाना शुरू कर दिया। एक महीने बाद अचानक उसके खाते में जमा 89 हजार रुपये कट गए। इसकी उसने पुलिस से शिकायत की। साइबर सेल ने जांच की तो पता चला कि वह सारी रकम हार चुका है।

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कोट
ऑनलाइन गेम निजी तौर पर लोग खेलते हैं। इसमें अक्सर कोई बाहर का व्यक्ति शामिल नहीं होता है। दूसरे प्रांत या दूसरे देशों में बैठे इसके संचालक एप को ऑपरेट करते हैं। ज्यादातर मामलों में जीतने-हारने के बारे में कोई पुलिस को शिकायत करने नहीं आता है। जहां तक शहर में चलने वाले गिरोह का सवाल है तो ऐसे कुछ लोग पिछले दिनों पकड़े गए थे।
- गोपाल कृष्ण चौधरी, एसपी
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