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शराब तस्करी शबाब पर : सब्जी से कोयले तक में छिपा भेज रहे बॉर्डर पार
Tue, 05 Dec 2023 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Dec 2023 01:12 AM IST
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बिहार में शराब बिक्री पर प्रतिबंध और नेपाल में इसकी सस्ती कीमत के कारण तस्करी शबाब पर पहुंच गई है। नेपाल और बिहार के सीमावर्ती जिलों से तस्कर शराब पार करने लिए तरह-तरह के तरीके आजमा रहे हैं। हाल के दिनों में महराजगंज में कोयले और सब्जी के छिपा कर ले जाई जा रही शराब पकड़ी गई तो वहीं कुशीनगर में आलू-प्याज और मिर्च के बीच छिपाई गई शराब की शीशियां बरामद हुई हैं।
तमकुहीराज संवाद के मुताबिक सोमवार को एनएच-28 स्थित बिहार बॉर्डर के गोपालगंज जिले कुचायकोट थाने की पुलिस ने अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी। मैगी के गत्तों के बीच करीब 308 पेटी पंजाब निर्मित शराब की बरामद की गई। यह शराब बिहार भेजी जा रही थी। गोपालगंज के कुचायकोट थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
इससे पहले रविवार को पडरौना कोतवाली क्षेत्र से सटे बांसी दहवा के पास बिहार के धनहां थाने की पुलिस ने एक पिकअप में मिर्च की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही 1435 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की थी। यह शराब जूट के 12 बोरों में छिपाकर ले जाई जा रही थी।
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सामानों के बीच छीपाकर हो रही शराब की तस्करी
देवरिया से सटे बिहार के सीवान बॉर्ड पर भी ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं। तस्कर माल वाहनों और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वजह यह है कि जिले में इनको आसानी से इंट्री मिल जा रही है। बार्डर पर कुछ पकड़ लिए जाते हैं और कुछ अपने मिशन में सफल हो जाते हैं। अभी तक देवरिया में पकड़ी गई शराब के तस्करों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। सारी कार्रवाई सिर्फ कैरियर और वाहन चालकों तक ही सिमटी हुई है।
आए दिन पकड़ी जाती है हरियाणा निर्मित शराब की खेप
बार्डर पर पकड़ी गई अधिकांश शराब हरियाणा निर्मित रहती है। कुछ माह पूर्व लार की मेहरौना चौकी पर दूध के टैंकर में छिपाकर बिहार ले जाई जा रही शराब पुलिस ने पकड़ी थी। दो माह पूर्व चादर की गट्ठर में ले जाई जा रही शराब की बड़ी खेप लार पुलिस ने पकड़ी थी। वहीं ट्रक में सोफे के अंदर छिपाकर रखी गई 200 पेटी शराब बरामद हुई थी। पकड़े गए अधिकांश ट्रक, कंटेनर या लग्जरी वाहनों पर हरियाणा का ही नंबर लगा है।
नेपाल की सस्ती शराब देती है मोटा मुनाफा महराजगंज/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल की सीमा खुली होने के कारण तस्करी बढ़ रही है। नेपाल की सस्ती शराब भी पुलिस के लिए सिर दर्द बनी हुई है। कभी झोले तो कभी बोरे में सामान के बीच छिपाकर नेपाल से शराब लाई जाती है। सूत्रों के मुताबिक तस्कर नेपाल से शराब लाने में महिलाओं को भी लगा रहे हैं। महिलाएं बोरे में पत्तों के बीच में शराब की बाेतल रखकर सीमा पा करा देती हैं। करीब एक दर्जन नेपाली शराब के ब्रांड मात्र 30 रुपये से कम कीमत पर मिल जाते हैं। दूसरी तरफ भारत में देशी शराब 50-55 रुपये की शीशी बिक रही है।
इन सीमावर्ती इलाकों से होती है नेपाली शराब की तस्करी
सूत्रों के अनुसार, महराजगंज जिले में भारत-नेपाल के सीमावर्ती गांव जोगिया बारी, बैरिहा बाजार, चंडी थान, मुड़ीला, छपवा, बैरीहवा, सुंडी, हरदी डाली, खनुआ, शेख फरेंदा, फरेंदी तिवारी, तिलहवा, श्यामकाट, भगवानपुर, पिपरहिया, झिंगटी, असोगवा, बरगदवा, परसामालिक, ठूठीबारी, झुलनीपुर, शीतलपुर के पगडंडी रास्तों से कैरियर के जरिये तस्कर शराब मंगाते हैं।
नेपाल में पान से किराने की दुकान तक शराब उपलब्ध
सिद्धार्थनगर। नेपाल में 12 प्रतिशत अल्कोहल वाली शीशी 40 रुपये नेपाली / 25 रुपये भारतीय और 17 प्रतिशत अल्कोहल वाली शीशी 55 रुपये नेपाली/35 रुपये में भारतीय बिकती है, जबकि भारतीय देसी शराब की शीशी 60 रुपये मिलती है। बढ़नी में पान के दुकानदार ने बताया कि नेपाल की शराब बॉर्डर पार होती है तो भारतीय दर में 35 रुपये की शीशी 50 से 60 रुपये में बिक जाती है। नेपाल में शराब का लाइसेंस नहीं होता है वहां शराब पान और किराने की दुकान में भी बिकती है। बढ़नी पुलिस चौकी के प्रभारी सभाशंकर यादव ने बताया कि बॉर्डर पर डेढ़ माह में 112 शीशी शराब पकड़ी गई है।
आबकारी मंत्री ने दिए शराब तस्करी पर अंकुश के निर्देश
लखनऊ। देविरया और कुशीनगर में शराब के अवैध धंधे के मामलों का आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने भी संज्ञान लिया है। सोमवार को प्रमुख सचिव आबकारी, आबकारी आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने देवरिया और कुशीनगर समेत अन्य जिलों में ओवर रेटिंग तथा तस्करी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
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तमकुहीराज संवाद के मुताबिक सोमवार को एनएच-28 स्थित बिहार बॉर्डर के गोपालगंज जिले कुचायकोट थाने की पुलिस ने अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी। मैगी के गत्तों के बीच करीब 308 पेटी पंजाब निर्मित शराब की बरामद की गई। यह शराब बिहार भेजी जा रही थी। गोपालगंज के कुचायकोट थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है।
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इससे पहले रविवार को पडरौना कोतवाली क्षेत्र से सटे बांसी दहवा के पास बिहार के धनहां थाने की पुलिस ने एक पिकअप में मिर्च की बोरियों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही 1435 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की थी। यह शराब जूट के 12 बोरों में छिपाकर ले जाई जा रही थी।
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सामानों के बीच छीपाकर हो रही शराब की तस्करी
देवरिया से सटे बिहार के सीवान बॉर्ड पर भी ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं। तस्कर माल वाहनों और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वजह यह है कि जिले में इनको आसानी से इंट्री मिल जा रही है। बार्डर पर कुछ पकड़ लिए जाते हैं और कुछ अपने मिशन में सफल हो जाते हैं। अभी तक देवरिया में पकड़ी गई शराब के तस्करों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। सारी कार्रवाई सिर्फ कैरियर और वाहन चालकों तक ही सिमटी हुई है।
आए दिन पकड़ी जाती है हरियाणा निर्मित शराब की खेप
बार्डर पर पकड़ी गई अधिकांश शराब हरियाणा निर्मित रहती है। कुछ माह पूर्व लार की मेहरौना चौकी पर दूध के टैंकर में छिपाकर बिहार ले जाई जा रही शराब पुलिस ने पकड़ी थी। दो माह पूर्व चादर की गट्ठर में ले जाई जा रही शराब की बड़ी खेप लार पुलिस ने पकड़ी थी। वहीं ट्रक में सोफे के अंदर छिपाकर रखी गई 200 पेटी शराब बरामद हुई थी। पकड़े गए अधिकांश ट्रक, कंटेनर या लग्जरी वाहनों पर हरियाणा का ही नंबर लगा है।
नेपाल की सस्ती शराब देती है मोटा मुनाफा महराजगंज/सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल की सीमा खुली होने के कारण तस्करी बढ़ रही है। नेपाल की सस्ती शराब भी पुलिस के लिए सिर दर्द बनी हुई है। कभी झोले तो कभी बोरे में सामान के बीच छिपाकर नेपाल से शराब लाई जाती है। सूत्रों के मुताबिक तस्कर नेपाल से शराब लाने में महिलाओं को भी लगा रहे हैं। महिलाएं बोरे में पत्तों के बीच में शराब की बाेतल रखकर सीमा पा करा देती हैं। करीब एक दर्जन नेपाली शराब के ब्रांड मात्र 30 रुपये से कम कीमत पर मिल जाते हैं। दूसरी तरफ भारत में देशी शराब 50-55 रुपये की शीशी बिक रही है।
इन सीमावर्ती इलाकों से होती है नेपाली शराब की तस्करी
सूत्रों के अनुसार, महराजगंज जिले में भारत-नेपाल के सीमावर्ती गांव जोगिया बारी, बैरिहा बाजार, चंडी थान, मुड़ीला, छपवा, बैरीहवा, सुंडी, हरदी डाली, खनुआ, शेख फरेंदा, फरेंदी तिवारी, तिलहवा, श्यामकाट, भगवानपुर, पिपरहिया, झिंगटी, असोगवा, बरगदवा, परसामालिक, ठूठीबारी, झुलनीपुर, शीतलपुर के पगडंडी रास्तों से कैरियर के जरिये तस्कर शराब मंगाते हैं।
नेपाल में पान से किराने की दुकान तक शराब उपलब्ध
सिद्धार्थनगर। नेपाल में 12 प्रतिशत अल्कोहल वाली शीशी 40 रुपये नेपाली / 25 रुपये भारतीय और 17 प्रतिशत अल्कोहल वाली शीशी 55 रुपये नेपाली/35 रुपये में भारतीय बिकती है, जबकि भारतीय देसी शराब की शीशी 60 रुपये मिलती है। बढ़नी में पान के दुकानदार ने बताया कि नेपाल की शराब बॉर्डर पार होती है तो भारतीय दर में 35 रुपये की शीशी 50 से 60 रुपये में बिक जाती है। नेपाल में शराब का लाइसेंस नहीं होता है वहां शराब पान और किराने की दुकान में भी बिकती है। बढ़नी पुलिस चौकी के प्रभारी सभाशंकर यादव ने बताया कि बॉर्डर पर डेढ़ माह में 112 शीशी शराब पकड़ी गई है।
आबकारी मंत्री ने दिए शराब तस्करी पर अंकुश के निर्देश
लखनऊ। देविरया और कुशीनगर में शराब के अवैध धंधे के मामलों का आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने भी संज्ञान लिया है। सोमवार को प्रमुख सचिव आबकारी, आबकारी आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने देवरिया और कुशीनगर समेत अन्य जिलों में ओवर रेटिंग तथा तस्करी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए।