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Basti News: हत्या में सगे भाइयों सहित तीनको उम्रकैद की सजा
Tue, 05 Nov 2024 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Nov 2024 12:31 AM IST
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छावनी क्षेत्र के रूपगढ़ में 22 जुलाई 2011 को हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक पर 59 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदान न करने पर दो वर्ष 10 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि छावनी थाना क्षेत्र के ग्राम रूपगढ़ निवासी धुपई मौर्य ने थाने मेंं 22 अप्रैल 2011 को जुबानी सूचना दी कि वह और उसके परिवार के लोग घरेलू कार्य में व्यस्त थे। गांव के रामचंदर व बाबूराम मौर्य व उसके बेटे राम सागर मौर्य और सुभाष जमीन बंटवारे की बात को लेकर उसके दरवाजे पर एक राय होकर चढ़ आए और लाठी-डंडे से मारने लगे।
शोर सुनकर गांव के लोग आ गए और बीच-बचाव किया। धुपई की सूचना पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली। बाद में वादी के सिर पर आई चोट के कारण 30 अप्रैल 2011 को इलाज के दौरान गोरखपुर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने धुपई की बहू श्रीमती मौर्या की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। मुकदमे के दौरान बाबूराम की मौत हो गई। अदालत ने हत्या व अन्य धाराओं का दोषी ठहराते हुए रामचंदर व दोनों सगे भाई रामसागर व सुभाष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने हत्या के मामले में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक पर 59 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदान न करने पर दो वर्ष 10 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि छावनी थाना क्षेत्र के ग्राम रूपगढ़ निवासी धुपई मौर्य ने थाने मेंं 22 अप्रैल 2011 को जुबानी सूचना दी कि वह और उसके परिवार के लोग घरेलू कार्य में व्यस्त थे। गांव के रामचंदर व बाबूराम मौर्य व उसके बेटे राम सागर मौर्य और सुभाष जमीन बंटवारे की बात को लेकर उसके दरवाजे पर एक राय होकर चढ़ आए और लाठी-डंडे से मारने लगे।
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शोर सुनकर गांव के लोग आ गए और बीच-बचाव किया। धुपई की सूचना पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर ली। बाद में वादी के सिर पर आई चोट के कारण 30 अप्रैल 2011 को इलाज के दौरान गोरखपुर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने धुपई की बहू श्रीमती मौर्या की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। मुकदमे के दौरान बाबूराम की मौत हो गई। अदालत ने हत्या व अन्य धाराओं का दोषी ठहराते हुए रामचंदर व दोनों सगे भाई रामसागर व सुभाष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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