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Basti News: हत्या के जुर्म में एक को आजीवन कारावास, दूसरा छह माह क प्रोबेशन पर रिहा
Sat, 30 Mar 2024 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 30 Mar 2024 12:36 AM IST
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- साक्ष्य के अभाव में न्यायाधीश ने तीन महिला आरोपियों को किया दोष मुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। फास्ट ट्रैक प्रथम न्यायालय के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने हत्यारोपी हरिश्चंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए आदेश दिया कि इसे न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि दूसरे आरोपी सूरज को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया गया है।
एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि मामला छावनी थाना क्षेत्र के देवखर गांव की है। यहां के जगदंबा प्रसाद पांडेय ने 15 सितंबर 2020 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के सूरज, पूजा, अमन, सरिता, कलावती व हरिश्चंद्र से जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही है। उक्त लोग एक राय होकर लोहे की रॉड व अन्य हथियार लेकर घर पर चढ़ आए और गाली-गलौच करने लगे। जब जगदंबा की पत्नी सुशीला ने मना किया तो सूरज ने लोहे की रॉड से सुशीला पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
आनन-फानन सुशीला को सीएचसी विक्रमजोत ले जाया गया। जहां स्थिति गंभीर देखकर चिकित्सक ने लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के लिए ले जाते समय सुशीला की मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सूरज, अमन, पूजा, सरिता, कलावती व हरिश्चन्द्र पर केस दर्ज किया। पुलिस ने सूरज, पूजा, अमन, सरिता, कलावती व हरिश्चंद्र के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान आरोपी अमन को किशोर करार देते हुए उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दी गई। मामले में 13 गवाहों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त हरिश्चंद्र को आजीवन कारावास व सूरज को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया। जबकि अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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बस्ती। फास्ट ट्रैक प्रथम न्यायालय के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने हत्यारोपी हरिश्चंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाते हुए आदेश दिया कि इसे न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि दूसरे आरोपी सूरज को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया गया है।
एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि मामला छावनी थाना क्षेत्र के देवखर गांव की है। यहां के जगदंबा प्रसाद पांडेय ने 15 सितंबर 2020 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव के सूरज, पूजा, अमन, सरिता, कलावती व हरिश्चंद्र से जमीन को लेकर पुरानी रंजिश चल रही है। उक्त लोग एक राय होकर लोहे की रॉड व अन्य हथियार लेकर घर पर चढ़ आए और गाली-गलौच करने लगे। जब जगदंबा की पत्नी सुशीला ने मना किया तो सूरज ने लोहे की रॉड से सुशीला पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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आनन-फानन सुशीला को सीएचसी विक्रमजोत ले जाया गया। जहां स्थिति गंभीर देखकर चिकित्सक ने लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के लिए ले जाते समय सुशीला की मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सूरज, अमन, पूजा, सरिता, कलावती व हरिश्चन्द्र पर केस दर्ज किया। पुलिस ने सूरज, पूजा, अमन, सरिता, कलावती व हरिश्चंद्र के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान आरोपी अमन को किशोर करार देते हुए उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को प्रेषित कर दी गई। मामले में 13 गवाहों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त हरिश्चंद्र को आजीवन कारावास व सूरज को छह माह के प्रोबेशन पर रिहा कर दिया। जबकि अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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