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Basti News: कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक पहलुओं की दी जानकारी
Sat, 24 May 2025 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 24 May 2025 01:50 AM IST
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बस्ती। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के अंतर्गत आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का चौथा दिन उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिला कृषक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्राकृतिक खेती की विधियों को व्यापक रूप से फैलाना है। प्रशिक्षण में कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया गया।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी एवं शस्य वैज्ञानिक डॉ. हरिओम मिश्र ने की। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत और नीमास्त्र जैसे जैविक घोलों की निर्माण प्रक्रिया समझाई। घोलों के उपयोग की विधियों का प्रदर्शन भी किया। डॉ. वीबी सिंह ने फसल चक्र और अंतःफसल प्रणाली की जानकारी दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर ने जैविक कीट प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए गन्ने के टॉप बोरर सहित अन्य प्रमुख कीटों के नियंत्रण के लिए ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी अर्क, अग्नियस्थ्र और नीमास्त्र जैसे जैविक उपचारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में भाग ले रही कृषि सखियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और प्रेरणादायक बताया।
प्रसार वैज्ञानिक आर. वी. सिंह ने बताया कि प्राकृतिक विधियों से उत्पाद तैयार कर कृषि सखियां अपनी आमदनी में भी वृद्धि कर सकती हैं। प्रगतिशील किसान एवं मास्टर ट्रेनर राजेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रेरित करने वाला है और इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग मिलेगा।
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प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी एवं शस्य वैज्ञानिक डॉ. हरिओम मिश्र ने की। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत और नीमास्त्र जैसे जैविक घोलों की निर्माण प्रक्रिया समझाई। घोलों के उपयोग की विधियों का प्रदर्शन भी किया। डॉ. वीबी सिंह ने फसल चक्र और अंतःफसल प्रणाली की जानकारी दी। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर ने जैविक कीट प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए गन्ने के टॉप बोरर सहित अन्य प्रमुख कीटों के नियंत्रण के लिए ब्रह्मास्त्र, दशपर्णी अर्क, अग्नियस्थ्र और नीमास्त्र जैसे जैविक उपचारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में भाग ले रही कृषि सखियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक और प्रेरणादायक बताया।
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प्रसार वैज्ञानिक आर. वी. सिंह ने बताया कि प्राकृतिक विधियों से उत्पाद तैयार कर कृषि सखियां अपनी आमदनी में भी वृद्धि कर सकती हैं। प्रगतिशील किसान एवं मास्टर ट्रेनर राजेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास ग्रामीण महिलाओं को प्राकृतिक खेती की दिशा में प्रेरित करने वाला है और इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग मिलेगा।
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