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कबीर हत्याकांड: 36 उपद्रवियों से वसूल होगी क्षतिपूर्ति
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कबीर हत्याकांड: 36 उपद्रवियों से कराई जाएगी क्षतिपूर्ति
बस्ती। छात्रनेता कबीर तिवारी हत्याकांड के बाद हुए उपद्रव में सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की प्रशासन तैयारी कर रहा है। नुकसान का मूल्यांकन कर उन्हीं 36 आरोपियों से वसूली की जाएगी जिन पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में दिखे चेहरे की पहचान की गई है।
शिकायत के आधार पर वाहनों में तोड़फोड़ का आकलन आरटीओ आदि को शामिल कर कराया जाएगा। पुलिस चौकी, रोडवेज बसों आदि में तोड़फोड़ के आकलन के लिए एडीएम वित्त के नेतृत्व में गठित कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। शहर में नौ अक्तूबर को छात्रनेता कबीर तिवारी की हत्या के बाद शव कोतवाली से पोस्टमार्टम हाउस ले जाते समय जमकर हंगामा हुआ था। कुछ उपद्रवियों ने रोडवेज पुलिस चौकी का फर्नीचर व दस्तावेज सड़क पर फेंक कर आग लगा दी थी। रोडवेज परिसर में खड़ी बसों में तोड़फोड़ करने के साथ ही यात्रियों से मारपीट की थी। एआरएम रोडवेज, तत्कालीन एसओ नगर, एसओ वाल्टरगंज व चौकी प्रभारी रोडवेज की तहरीर पर अलग-अलग चार सौ से अधिक उपद्रवियों पर कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज हुए। इनमें सार्वजनिक व सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ करने के मुकदमे में 36 आरोपियों के विरुद्घ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई है।
2011 के शासनादेश पर अमल
आईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत केस दर्ज कर नुकसान की वसूली यूपी पब्लिक मनी रिकवरी एक्ट के तहत की जाएगी। वर्ष-2011 में इसे लेकर गृह विभाग ने शासनादेश भी जारी किया था, जिसमें एडीएम वित्त के जरिए यह कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाती है। तहसील से आरोपियों के खिलाफ वसूली आरसी जारी होती है। कुर्क अमीन संबंधित की संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई कराते हैं। इसके बाद नीलामी कराकर वसूली की जाती है।
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बस्ती। छात्रनेता कबीर तिवारी हत्याकांड के बाद हुए उपद्रव में सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई की प्रशासन तैयारी कर रहा है। नुकसान का मूल्यांकन कर उन्हीं 36 आरोपियों से वसूली की जाएगी जिन पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में दिखे चेहरे की पहचान की गई है।
शिकायत के आधार पर वाहनों में तोड़फोड़ का आकलन आरटीओ आदि को शामिल कर कराया जाएगा। पुलिस चौकी, रोडवेज बसों आदि में तोड़फोड़ के आकलन के लिए एडीएम वित्त के नेतृत्व में गठित कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। शहर में नौ अक्तूबर को छात्रनेता कबीर तिवारी की हत्या के बाद शव कोतवाली से पोस्टमार्टम हाउस ले जाते समय जमकर हंगामा हुआ था। कुछ उपद्रवियों ने रोडवेज पुलिस चौकी का फर्नीचर व दस्तावेज सड़क पर फेंक कर आग लगा दी थी। रोडवेज परिसर में खड़ी बसों में तोड़फोड़ करने के साथ ही यात्रियों से मारपीट की थी। एआरएम रोडवेज, तत्कालीन एसओ नगर, एसओ वाल्टरगंज व चौकी प्रभारी रोडवेज की तहरीर पर अलग-अलग चार सौ से अधिक उपद्रवियों पर कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज हुए। इनमें सार्वजनिक व सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ करने के मुकदमे में 36 आरोपियों के विरुद्घ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई है।
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2011 के शासनादेश पर अमल
आईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट के तहत केस दर्ज कर नुकसान की वसूली यूपी पब्लिक मनी रिकवरी एक्ट के तहत की जाएगी। वर्ष-2011 में इसे लेकर गृह विभाग ने शासनादेश भी जारी किया था, जिसमें एडीएम वित्त के जरिए यह कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाती है। तहसील से आरोपियों के खिलाफ वसूली आरसी जारी होती है। कुर्क अमीन संबंधित की संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई कराते हैं। इसके बाद नीलामी कराकर वसूली की जाती है।
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