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Basti News: आज आधीरात के बाद शुरू हो जाएगा भद्रेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक
Thu, 01 Aug 2024 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:30 AM IST
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भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर जिकजैक बैरिकेडिंग का जायजा लेते डीएम रवीश गुप्ता,एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी व
शुक्रवार दोपहर 3:26 बजे शुरू होगी सावन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
शिवरात्रि व्रत रखने वाले भी शुक्रवार को करेंगे अनुष्ठान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए तप कर रहे कांवड़ियों का जलाभिषेक बृहस्पतिवार की आधीरात से शुरू हो जाएगा। बुधवार से बड़ी संख्या में कांवड़िये भद्रेश्वरनाथ मंदिर की ओर बढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर तक मंदिर परिसर कांवड़ियों से भर जाने का अनुमान है। यद्यपि सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दो अगस्त को दोपहर 3:26 से शुरू होगी, जो कि अगले दिन तीन अगस्त को दोपहर 3:50 बजे समाप्त होगी।
विद्वानों का कहना है कि दो अगस्त शुक्रवार को सावन शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त रात 12:06 से 12:49 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य मोहित मिश्र ने बताया कि एक अगस्त को दोपहर में 3:30 बजे त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगा। 2 अगस्त को 3:27 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ होगा, जो 3 अगस्त को 3:51 बजे तक रहेगी।
इस साल सावन शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त को रखा जाएगा। लेकिन, चतुर्दशी तिथि दो दिन होने से कावड़िये 2 और 3 अगस्त दोनों दिन भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं। श्रद्धालुओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि भगवान शिव का अभिषेक शुभ मुहूर्त में ही करें।
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पंडित मिश्र ने बताया कि सावन महीने में की गई उपासना से शिवजी जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। इसी महीने में भक्त कांवड़ यात्रा कर पवित्र नदियों का जल शिवजी को चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर इसकी शुरुआत की थी। एक और मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान शिवजी के विषपान के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ था। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि श्रावण में भगवान शिव की विशेष उपासना की जाती है। पुराणों में इस महीने का जिक्र आया है और कहा गया है कि जो इस माह में आराधना करता है, उसे शिवजी प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।
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शिवरात्रि व्रत रखने वाले भी शुक्रवार को करेंगे अनुष्ठान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए तप कर रहे कांवड़ियों का जलाभिषेक बृहस्पतिवार की आधीरात से शुरू हो जाएगा। बुधवार से बड़ी संख्या में कांवड़िये भद्रेश्वरनाथ मंदिर की ओर बढ़ने लगे हैं। बृहस्पतिवार दोपहर तक मंदिर परिसर कांवड़ियों से भर जाने का अनुमान है। यद्यपि सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दो अगस्त को दोपहर 3:26 से शुरू होगी, जो कि अगले दिन तीन अगस्त को दोपहर 3:50 बजे समाप्त होगी।
विद्वानों का कहना है कि दो अगस्त शुक्रवार को सावन शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त रात 12:06 से 12:49 बजे तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य मोहित मिश्र ने बताया कि एक अगस्त को दोपहर में 3:30 बजे त्रयोदशी तिथि आरंभ हो जाएगा। 2 अगस्त को 3:27 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ होगा, जो 3 अगस्त को 3:51 बजे तक रहेगी।
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इस साल सावन शिवरात्रि का व्रत 2 अगस्त को रखा जाएगा। लेकिन, चतुर्दशी तिथि दो दिन होने से कावड़िये 2 और 3 अगस्त दोनों दिन भगवान शिव का अभिषेक कर सकते हैं। श्रद्धालुओं को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि भगवान शिव का अभिषेक शुभ मुहूर्त में ही करें।
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पंडित मिश्र ने बताया कि सावन महीने में की गई उपासना से शिवजी जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। इसी महीने में भक्त कांवड़ यात्रा कर पवित्र नदियों का जल शिवजी को चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान परशुराम ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर इसकी शुरुआत की थी। एक और मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान शिवजी के विषपान के बाद जलाभिषेक शुरू हुआ था। पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि श्रावण में भगवान शिव की विशेष उपासना की जाती है। पुराणों में इस महीने का जिक्र आया है और कहा गया है कि जो इस माह में आराधना करता है, उसे शिवजी प्रसन्न होकर मनोवांछित फल प्रदान करते हैं।