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आश्रय स्थलों की जांच, कम मिले पशु
Fri, 24 May 2019 11:43 PM IST
राकेश पांडेय
बस्ती (ब्यूरो)
बस्ती (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Fri, 24 May 2019 11:43 PM IST
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आश्रय स्थलों की जांच, कम मिले पशु
- फोटो : अमर उजाला
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भानपुर (बस्ती)। सड़क से लेकर गांवों तक छुट्टा पशु घूम रहे हैं। जो फसलों को नष्ट करने के साथ ही हमलावर भी हो जाते हैं। इनके लिए जगह-जगह बनाए गए गोवंश आश्रय स्थलों की जांच के लिए शुुक्रवार को टीम निकली।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के प्रतिनिधि बालजी लाल श्रीवास्तव ने शुक्रवार को रामनगर ब्लॉक के परसोहिया और मझारी पश्चिम में बने गोवंश आश्रय स्थलों की जांच की। उन्होंने बताया कि टिनशेड, भूसा, पानी चारा आदि तो ठीक दिखे लेकिन पशुओं की संख्या काफी कम मिली। उन्होंने बताया कि परसोहिया में मात्र आठ जानवर ही मिले, जिनकी देखरेख के लिए चार कर्मी नियुक्त किए गए हैं। वहीं मझारी पश्चिम में मात्र पांच पशु ही पाए गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों से आश्रय स्थलों पर पशुओं की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए समुचित व्यवस्था करने की हिदायत भी दी गई है। उन्होंने बताया कि गोवंश आश्रय स्थलों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के प्रतिनिधि बालजी लाल श्रीवास्तव ने शुक्रवार को रामनगर ब्लॉक के परसोहिया और मझारी पश्चिम में बने गोवंश आश्रय स्थलों की जांच की। उन्होंने बताया कि टिनशेड, भूसा, पानी चारा आदि तो ठीक दिखे लेकिन पशुओं की संख्या काफी कम मिली। उन्होंने बताया कि परसोहिया में मात्र आठ जानवर ही मिले, जिनकी देखरेख के लिए चार कर्मी नियुक्त किए गए हैं। वहीं मझारी पश्चिम में मात्र पांच पशु ही पाए गए हैं। मौके पर मौजूद लोगों से आश्रय स्थलों पर पशुओं की संख्या बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए समुचित व्यवस्था करने की हिदायत भी दी गई है। उन्होंने बताया कि गोवंश आश्रय स्थलों की जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
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