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Basti News: मछली पालन की विधियों की मिली जानकारी
Fri, 21 Apr 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 21 Apr 2023 01:04 AM IST
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महाविद्यालय की पहल पर महराजगंज जिले से शैक्षिक भ्रमण से लौटे विद्यार्थी।
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बस्ती। शिवहर्ष किसान पीजी कॉलेज के प्राणि विज्ञान विभाग के एमएससी द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने महराजगंज जिले में स्थित मेधा मत्स्य प्रजनन केंद्र का शैक्षिक भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने भ्रमण को पढ़ाई के लहजे से ज्ञानवर्द्धक बताया। प्रजनन केंद्र में विद्यार्थियों ने मछली पालन की विभिन्न विधियों और अवस्थाओं का अध्ययन किया।
मेधा मत्स्य केंद्र के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बताया कि आधुनिक तकनीक के सहारे अब कम जगह में मत्स्य पालन किया जा सकता है। घर की छत पर अस्थायी टैंक बनाकर भी मछलियों का पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। नर-मादा मछली में अंतर बताते हुए कहा कि नर अक्सर पतले होते हैं, लेकिन मादाओं की तुलना में बड़े आकार के होते हैं और वे अधिक चमकीले रंग के होते हैं। उनका पृष्ठीय और गुदा पंख मादाओं की तुलना में अधिक नुकीला और बड़ा होता है। डॉ. संजय ने मछलियों को इंजेक्शन देने और पैकिंग के तरीकों के बारे में जानकारी दी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रीना पाठक ने बताया कि पहली बार विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण पर भेजा गया था। उनसे मिले फीडबैक काफी सकारात्मक हैं। महाविद्यालय इसे अन्य कक्षाओं में लागू कर बच्चों के शैक्षिक भ्रमण को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रहा है। इस मौके पर प्राणि विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुस्मिता श्रीवास्तव, डॉ. सपना रानी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, हरि नारायण चौहान, डॉ. आयुषी मिश्रा, नरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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मेधा मत्स्य केंद्र के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बताया कि आधुनिक तकनीक के सहारे अब कम जगह में मत्स्य पालन किया जा सकता है। घर की छत पर अस्थायी टैंक बनाकर भी मछलियों का पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है। नर-मादा मछली में अंतर बताते हुए कहा कि नर अक्सर पतले होते हैं, लेकिन मादाओं की तुलना में बड़े आकार के होते हैं और वे अधिक चमकीले रंग के होते हैं। उनका पृष्ठीय और गुदा पंख मादाओं की तुलना में अधिक नुकीला और बड़ा होता है। डॉ. संजय ने मछलियों को इंजेक्शन देने और पैकिंग के तरीकों के बारे में जानकारी दी। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रीना पाठक ने बताया कि पहली बार विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण पर भेजा गया था। उनसे मिले फीडबैक काफी सकारात्मक हैं। महाविद्यालय इसे अन्य कक्षाओं में लागू कर बच्चों के शैक्षिक भ्रमण को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रहा है। इस मौके पर प्राणि विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुस्मिता श्रीवास्तव, डॉ. सपना रानी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, हरि नारायण चौहान, डॉ. आयुषी मिश्रा, नरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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