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Basti News: डग्गामार वाहन ः सवारी भरकर वसूला जा रहा मनमाना किराया

Wed, 19 Mar 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 19 Mar 2025 12:07 AM IST
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Illegal vehicles: Arbitrary fares are being charged after filling them with passengers
रेलवे स्टेशन के स्लाइडिंग सीढ़ी के पास से ही यात्रियों को ट्रैक करने के लिए खड़े टैक्सी चालक
संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। मंगलवार की सुबह 10 बजे छपरा-मथुरा एक्सप्रेस के रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर यात्री ट्रेन से उतर कर गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। ओवरब्रिज और परिसर में अवसर की ताक में खड़े डग्गामार वाहनों के एजेंट, टैक्सी और टेंपो चालक यात्रियों को घेरना शुरू कर दिया।
कम किराया व जल्दी गंतव्य तक पहुंचने का झांसा देकर टैक्सी में महिला-पुरुष दो यात्रियों को बैठा लिया। टैक्सी मेंं बैठाने के बाद डुमरियागंज के दो सवारियों का किराया चार सौ रुपये बताने पर यात्री नाराज होकर उतरने लगे। कई टैक्सी वाले घेर कर यात्री को समझाने पर दो यात्री का तीन सौ रुपये किराया पर यात्री मान गया।
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रोडवेज स्टेशन के बारह कुछ दूरी पर स्थित तिराहे से रेलवे स्टेशन रोड पर बढ़ने पर लाइन से सड़क के दोनों तरफ प्राइवेट बस, टैक्सी और टेंपो खड़े नजर आए। इन वाहनों के चालक बांसी, सिद्धार्थनगर, कलवारी, अयोध्या के लिए आवाज लगा रहे थे।
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एक सवारी ने अयोध्या का किराया पूछा तो टैक्सी चालक उसके पीछे पड़ गया। कुछ देर मोलभाव के बाद टैक्सी में बैठ गया। यहां खड़े होने वाले प्राइवेट वाहनोंं के चालक-परिचालक रोडवेज डिपो के आसपास घूमते नजर आते हैं।
रोडवेज डिपो पर पर उतरते ही यात्रियों से पूछते हैं कहां जाना है। यात्री के गंतव्य बताने पर ये रोडवेज की बस अभी न होेने की बात कहकर जल्द और कम किराया में पहुंचाने की बात कहकर यात्रियों को झांसा देते हैँ। बड़ेवन और टोल प्लाजा पर डग्गामार वाहनों की मनमानी खूब देखने को मिली। बड़ेवन पर मंगलवार को दोपहर दो बजे कई प्राइवेट बसें व टैक्सी खड़ी नजर आईं। थोड़ी ही दूरी पर यातायात पुलिस भी नजर आई। आसपास से यात्रियों को बुलाकर बस में जल्दी पहुंचाने की बात कर बैठाया जा रहा था। यात्रियों के पूछने पर यात्रियों से तीन से चार सौ लखनऊ का किराया बताया गया।

किराया न मालूम होने की वजह से यात्री बस में बैठते नजर आए। यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर प्राइवेट वाहन के मालिक जहां मालामाल हो रहे हैं, वहीं परिवहन विभाग को इससे राजस्व की हानि हो रही है। परिवहन निगम की बसों को यात्री नहीं मिल रहे हैं।
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