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हुजूर! मेरे पास न तो आवास है और न ही शौचालय
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बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में अंकिता से बात करते उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
- फोटो : BASTI
हुजूर! मेरे पास न तो आवास है और न ही शौचालय
माझाकला की महिला ने रोते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश से बयां की पीड़ा
उपमुख्यमंत्री के जाते ही प्रधान ने अंकिता पर झूठ बोलने का आरोप मढ़ा
- आवास शौचालय न होने की उप मुख्यमंत्री से की थी शिकायत
- प्रधान अंकिता के पास डकही में आवास होने का कर रहे दावा
बहादुरपुर। बाढ़ पीड़ितों को राहत पैकेट वितरित करने आये उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम में अचानक एक महिला जो माझाकला की रहने वाली थी, बिलखते हुए उनके पास पंहुच गयी। महिला को रोते देख उप मुख्यमंत्री ने उसे बैठाकर पानी पिलाया। इसके बाद उससे रोने का करण पूछा। महिला अंकिता निवासिनी माझाकला ब्लॉक कुदरहा ने उप मुख्यमंत्री से बताया कि उसके पास न तो आवास है और न ही शौचालय। उसके बाद हरकत में आए उप मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को महिला के अलावा बाढ़ में क्षतिग्रस्त आवासों में निवास करने वालों को मुख्यमंत्री आवास योजना के आवास देकर उनको सूचित करने का निर्देश दिया।
अंकिता की उपमुख्यमंत्री से की गई शिकायत प्रधान व प्रशासन को नागवार गुजरा। डिप्टी सीएम के जाने के बाद प्रधान प्रतिनिधि माझाकला रामभेज ने प्रशासन को बताया कि महिला झूठ बोल रही है, उसके पास आवास है। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दिया है। पीडी कमलेश सोनी, डीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव व बीडीओ बहादुरपुर सुनील कुमार आर्य बहादुरपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत कलवारी एहतमाली के राजस्व गांव डकही में स्थित आवास देखने पंहुच गए। उस आवास में मौजूद सुनीता पत्नी राजू ने बताया कि यहां उसका परिवार रहता है। अंकिता पत्नी राजबली का परिवार माझाकला के बैरियर पुरवे पर झोपड़ी में रहता है। इसी वर्ष गर्मी में आग लगने के कारण छप्पर जल भी गया था। ग्रामीणों ने भी बताया कि यह मकान तो राजू, राजबली व विजय के बीच बना जरूर है, लेकिन आपसी समझौते के तहत यहां सिर्फ राजू का ही परिवार रहता है जबकि विजय बंधे पर व राजबली का परिवार माझाकला में ही रहता है।
बीडीओ वर्षा वंग ने बताया कि माझाकला में जहां अंकिता व उसका परिवार रहता है, वह छप्पर है। राजस्व अभिलेख के अनुसार जमीन वन विभाग के नाम है। अंकिता का माझाकला में राशन कार्ड था, जिस पर वह आठ माह पहले तक राशन ले रही थी। इधर, राशन न लेने के कारण नाम कट गया है। वन विभाग की जमीन पर पक्का निर्माण संभव नहीं है। कहा कि उन्होंने ग्राम पंचायत कलवारी एहतमाली ब्लाक बहादुरपुर के सभी गांवों का परिवार रजिस्टर मांगा है। उससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि पीड़िता या उसके पति का नाम वहां दर्ज तो नहीं है। उच्चाधिकारी को शीघ्र पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बीडीओ बहादुरपुर सुनील कुमार आर्य ने बताया कि उपमुख्यमंत्री के जाने के बाद परियोजना निदेशक, डीडीओ के साथ वह डकही स्थित मकान की जांच करने गए थे, जिसे प्रधान प्रतिनिधि माझाकला की ओर से अंकिता का बताया गया था। जांच में वहां सिर्फ दो कमरे ही मिले। लोगों ने बताया कि अंकिता का पूरा परिवार माझाकला में ही रहता है।
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माझाकला की महिला ने रोते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश से बयां की पीड़ा
उपमुख्यमंत्री के जाते ही प्रधान ने अंकिता पर झूठ बोलने का आरोप मढ़ा
- आवास शौचालय न होने की उप मुख्यमंत्री से की थी शिकायत
- प्रधान अंकिता के पास डकही में आवास होने का कर रहे दावा
बहादुरपुर। बाढ़ पीड़ितों को राहत पैकेट वितरित करने आये उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम में अचानक एक महिला जो माझाकला की रहने वाली थी, बिलखते हुए उनके पास पंहुच गयी। महिला को रोते देख उप मुख्यमंत्री ने उसे बैठाकर पानी पिलाया। इसके बाद उससे रोने का करण पूछा। महिला अंकिता निवासिनी माझाकला ब्लॉक कुदरहा ने उप मुख्यमंत्री से बताया कि उसके पास न तो आवास है और न ही शौचालय। उसके बाद हरकत में आए उप मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को महिला के अलावा बाढ़ में क्षतिग्रस्त आवासों में निवास करने वालों को मुख्यमंत्री आवास योजना के आवास देकर उनको सूचित करने का निर्देश दिया।
अंकिता की उपमुख्यमंत्री से की गई शिकायत प्रधान व प्रशासन को नागवार गुजरा। डिप्टी सीएम के जाने के बाद प्रधान प्रतिनिधि माझाकला रामभेज ने प्रशासन को बताया कि महिला झूठ बोल रही है, उसके पास आवास है। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दिया है। पीडी कमलेश सोनी, डीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव व बीडीओ बहादुरपुर सुनील कुमार आर्य बहादुरपुर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत कलवारी एहतमाली के राजस्व गांव डकही में स्थित आवास देखने पंहुच गए। उस आवास में मौजूद सुनीता पत्नी राजू ने बताया कि यहां उसका परिवार रहता है। अंकिता पत्नी राजबली का परिवार माझाकला के बैरियर पुरवे पर झोपड़ी में रहता है। इसी वर्ष गर्मी में आग लगने के कारण छप्पर जल भी गया था। ग्रामीणों ने भी बताया कि यह मकान तो राजू, राजबली व विजय के बीच बना जरूर है, लेकिन आपसी समझौते के तहत यहां सिर्फ राजू का ही परिवार रहता है जबकि विजय बंधे पर व राजबली का परिवार माझाकला में ही रहता है।
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बीडीओ वर्षा वंग ने बताया कि माझाकला में जहां अंकिता व उसका परिवार रहता है, वह छप्पर है। राजस्व अभिलेख के अनुसार जमीन वन विभाग के नाम है। अंकिता का माझाकला में राशन कार्ड था, जिस पर वह आठ माह पहले तक राशन ले रही थी। इधर, राशन न लेने के कारण नाम कट गया है। वन विभाग की जमीन पर पक्का निर्माण संभव नहीं है। कहा कि उन्होंने ग्राम पंचायत कलवारी एहतमाली ब्लाक बहादुरपुर के सभी गांवों का परिवार रजिस्टर मांगा है। उससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि पीड़िता या उसके पति का नाम वहां दर्ज तो नहीं है। उच्चाधिकारी को शीघ्र पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बीडीओ बहादुरपुर सुनील कुमार आर्य ने बताया कि उपमुख्यमंत्री के जाने के बाद परियोजना निदेशक, डीडीओ के साथ वह डकही स्थित मकान की जांच करने गए थे, जिसे प्रधान प्रतिनिधि माझाकला की ओर से अंकिता का बताया गया था। जांच में वहां सिर्फ दो कमरे ही मिले। लोगों ने बताया कि अंकिता का पूरा परिवार माझाकला में ही रहता है।