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Basti News: बस्ती से अयोध्या तक देवभूमि की तरह सज गया हाईवे... हर-हर महादेव की गूंज
Thu, 01 Aug 2024 01:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 01 Aug 2024 01:20 AM IST
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हाईवे पर कप्तानगंज चौराहे पर कांवड़ियों की भीड़।
नंगे पैर पैदल चल रहे कांवड़िये, जगह-जगह भंडारा और भजन-कीर्तन की भरमार
बस्ती पहुंचने लगा शिवभक्तों का जत्था, अमहट पर डाल रहे डेरा, बढ़ रही संख्या
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। बस्ती से अयोध्या के बीच गोरखपुर-लखनऊ हाईवे देवभूमि की तरह सज गया है। जहां देेखो वहीं कांवड़ियों का हुजूम। कुछ सेवादार की भूमिका में हैं तो अधिकतर साधक बनकर भोले की भक्ति में कठिन तपस्या कर रहे हैं। श्रद्धा भाव देखते बन रहा है। नंगे पावों में एक नहीं कई-कई छाले हैं। मगर, भक्ति के जुनून में इसका एहसास नहीं हो रहा है। शिवभक्त हर-हर महादेव की गूंज करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
बुधवार से कांवड़ उत्सव का रंग गाढ़ा हो गया है। हाईवे पर बस्ती-अयोध्या लेन पर श्रद्धालुओं का निजी वाहनों से अयोध्या के सरयू तट पर पहुंचने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दूसरी लेन पर कांवड़ लेकर लौटने वालोें का तांता लगा हुआ है। शिवभक्तोें से हाईवे भर गया है। 80 किमी की इस दूरी में माहौल शिवमय बना हुआ है। जहां देखो वहीं भोलेशंकर के मनभावन गीत बज रहे हैं।
भजन-कीर्तन की बौछार हो रही है। जगह-जगह भंडारे का आयोजन चल रहा है। सेवा में तत्पर लोग शिवभक्तों को रोककर उनका आदर-सत्कार कर रहे हैं। बुधवार की शाम से कांवड़ियों का जत्था बस्ती पहुंचने लगा है। तिलकपुर शिवमंदिर और फुटहिया पर जमावड़ा शुरू हो गया है। यहां से निकलने के बाद कांवड़िये शहर के अमहट घाट पर डेरा डाल रहे हैं। अनुमान है कि बृहस्पतिवार की शाम तक बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम से लेकर अमहट, फुटहिया कांवड़ियों से भर जाएगा। रात्रि में जलाभिषेक शुरू होने के बाद ही शिवभक्तों की भीड़ कम होगी।
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दिन में आराम, रात में पदयात्रा
अयोध्या से कांवड़ के साथ प्रस्थान के बाद कांवड़िये अधिकतर पैदल यात्रा रात में कर रहे हैं। तपते सूर्य से बचने के लिए शिवभक्त दिन में हाईवे के किनारे होटल, ढाबा, स्कूल, कॉलेज एवं पेड़ों की छांव में आराम फरमा रहे हैं। सुबह-शाम मौसम में नरमी आने के बाद उनकी यात्रा फिर शुरू हो रही है। शिवभक्तों के कदम तब तक नहीं रुक रहे हैं जब तक थकान से तन-मन विह्वल नहीं हाे जा रहा है।
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यह स्थल बने कांवड़ियोें के पड़ाव
अयोध्या से नंगे पांव पैदल चलने के बाद कांवड़ियों का पहला पड़ाव जनपद सीमा घघौआ है। यहां घंटा-दो घंटा विश्राम के बाद कांवड़िये फिर से यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। इसके बाद अगला पड़ाव विक्रमजोत है। यहां कुछ देर थकान दूर करनेे के बाद यात्रा शुरू हो रही है तो फिर छावनी पहुंच रही है। इसके बाद हर्रैया, संसारीपुर, महराजगंज, कप्तानगंज, गड़हा गौतम पड़ाव पर रूकते हुए कांवड़िये तिलकपुर शिवमंदिर पहुंच रहे हैं। यहां शिवभक्तों की संख्या ज्यादा जुट रही है। फिर इसके आगे फुटहिया और अमहट पर डेरा जम रहा है। बृहस्पतिवार सुबह से ही शिवभक्त भद्रेश्वरनाथ धाम पहुंचने लगे हैं।
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एक घंटे में 3 से 5 किमी की हो रही यात्रा
कांवड़ यात्री सुरेंद्र कुमार, जितेंद्र और मालती आदि ने बताया कि शुरुआत में नंगे पांच चलने में दिक्कत नहीं होे रही है। लेकिन, 10- 15 किमी लगातार चलने के बाद पांव में छाले पड़ जा रहे हैं। शरीर भी थक जा रही है। फिर चलने की रफ्तार कम हो जा रही है। सामान्य ढंग से एक घंटे में 3 से 5 किमी तक चल पा रहे हैं। फिर कुछ देर के लिए बैठना पड़ रहा है। इनका कहना है कि भक्ति की शक्ति से ही कदम आगे बढ़ पा रहे हैं। वरना असहनीय दर्द चलने की इजाजत नहीं दे रहा है।
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भंडारों की है धूम, भजन-कीर्तन की बौछार
कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह भंडारों की धूम है। सेवादार कांवड़ियों के लिए जलपान एवं भोजन की निशुल्क व्यवस्था कर रहे हैं। रास्ते भर जत्थों के साथ डीजे लदा वाहन चल रहा है। इससे शिव भजनों की बौछार हो रही है। इसकी धुन में कांवड़िये नाचते-झूमते आगे बढ़ रहे हैं। हर्रैया से अयोध्या के बीच कांवड़ियों का रेला देखा जा रहा है। अगले दिन सुबह तक कांवड़ यात्रा का दृश्य और भव्य हो जाएगा।
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बस्ती पहुंचने लगा शिवभक्तों का जत्था, अमहट पर डाल रहे डेरा, बढ़ रही संख्या
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। बस्ती से अयोध्या के बीच गोरखपुर-लखनऊ हाईवे देवभूमि की तरह सज गया है। जहां देेखो वहीं कांवड़ियों का हुजूम। कुछ सेवादार की भूमिका में हैं तो अधिकतर साधक बनकर भोले की भक्ति में कठिन तपस्या कर रहे हैं। श्रद्धा भाव देखते बन रहा है। नंगे पावों में एक नहीं कई-कई छाले हैं। मगर, भक्ति के जुनून में इसका एहसास नहीं हो रहा है। शिवभक्त हर-हर महादेव की गूंज करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
बुधवार से कांवड़ उत्सव का रंग गाढ़ा हो गया है। हाईवे पर बस्ती-अयोध्या लेन पर श्रद्धालुओं का निजी वाहनों से अयोध्या के सरयू तट पर पहुंचने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दूसरी लेन पर कांवड़ लेकर लौटने वालोें का तांता लगा हुआ है। शिवभक्तोें से हाईवे भर गया है। 80 किमी की इस दूरी में माहौल शिवमय बना हुआ है। जहां देखो वहीं भोलेशंकर के मनभावन गीत बज रहे हैं।
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भजन-कीर्तन की बौछार हो रही है। जगह-जगह भंडारे का आयोजन चल रहा है। सेवा में तत्पर लोग शिवभक्तों को रोककर उनका आदर-सत्कार कर रहे हैं। बुधवार की शाम से कांवड़ियों का जत्था बस्ती पहुंचने लगा है। तिलकपुर शिवमंदिर और फुटहिया पर जमावड़ा शुरू हो गया है। यहां से निकलने के बाद कांवड़िये शहर के अमहट घाट पर डेरा डाल रहे हैं। अनुमान है कि बृहस्पतिवार की शाम तक बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम से लेकर अमहट, फुटहिया कांवड़ियों से भर जाएगा। रात्रि में जलाभिषेक शुरू होने के बाद ही शिवभक्तों की भीड़ कम होगी।
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दिन में आराम, रात में पदयात्रा
अयोध्या से कांवड़ के साथ प्रस्थान के बाद कांवड़िये अधिकतर पैदल यात्रा रात में कर रहे हैं। तपते सूर्य से बचने के लिए शिवभक्त दिन में हाईवे के किनारे होटल, ढाबा, स्कूल, कॉलेज एवं पेड़ों की छांव में आराम फरमा रहे हैं। सुबह-शाम मौसम में नरमी आने के बाद उनकी यात्रा फिर शुरू हो रही है। शिवभक्तों के कदम तब तक नहीं रुक रहे हैं जब तक थकान से तन-मन विह्वल नहीं हाे जा रहा है।
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यह स्थल बने कांवड़ियोें के पड़ाव
अयोध्या से नंगे पांव पैदल चलने के बाद कांवड़ियों का पहला पड़ाव जनपद सीमा घघौआ है। यहां घंटा-दो घंटा विश्राम के बाद कांवड़िये फिर से यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। इसके बाद अगला पड़ाव विक्रमजोत है। यहां कुछ देर थकान दूर करनेे के बाद यात्रा शुरू हो रही है तो फिर छावनी पहुंच रही है। इसके बाद हर्रैया, संसारीपुर, महराजगंज, कप्तानगंज, गड़हा गौतम पड़ाव पर रूकते हुए कांवड़िये तिलकपुर शिवमंदिर पहुंच रहे हैं। यहां शिवभक्तों की संख्या ज्यादा जुट रही है। फिर इसके आगे फुटहिया और अमहट पर डेरा जम रहा है। बृहस्पतिवार सुबह से ही शिवभक्त भद्रेश्वरनाथ धाम पहुंचने लगे हैं।
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एक घंटे में 3 से 5 किमी की हो रही यात्रा
कांवड़ यात्री सुरेंद्र कुमार, जितेंद्र और मालती आदि ने बताया कि शुरुआत में नंगे पांच चलने में दिक्कत नहीं होे रही है। लेकिन, 10- 15 किमी लगातार चलने के बाद पांव में छाले पड़ जा रहे हैं। शरीर भी थक जा रही है। फिर चलने की रफ्तार कम हो जा रही है। सामान्य ढंग से एक घंटे में 3 से 5 किमी तक चल पा रहे हैं। फिर कुछ देर के लिए बैठना पड़ रहा है। इनका कहना है कि भक्ति की शक्ति से ही कदम आगे बढ़ पा रहे हैं। वरना असहनीय दर्द चलने की इजाजत नहीं दे रहा है।
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भंडारों की है धूम, भजन-कीर्तन की बौछार
कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह भंडारों की धूम है। सेवादार कांवड़ियों के लिए जलपान एवं भोजन की निशुल्क व्यवस्था कर रहे हैं। रास्ते भर जत्थों के साथ डीजे लदा वाहन चल रहा है। इससे शिव भजनों की बौछार हो रही है। इसकी धुन में कांवड़िये नाचते-झूमते आगे बढ़ रहे हैं। हर्रैया से अयोध्या के बीच कांवड़ियों का रेला देखा जा रहा है। अगले दिन सुबह तक कांवड़ यात्रा का दृश्य और भव्य हो जाएगा।