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Basti News: भूमि विवाद के मामलों की होने लगी सुनवाई... निस्तारित हुए 1325 प्रकरण
Sun, 15 Oct 2023 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 15 Oct 2023 01:05 AM IST
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देवरिया हत्याकांड के बाद मौके पर पहुंच रही सरकारी टीम
राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में आई तेजी, नियमित बैठ रहे मजिस्ट्रेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई में तेजी आई है। शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है। देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर में हुए हत्याकांड के बाद वर्षों पुरानी जमीनी विवाद की फाइलें खंगाली जा रही हैं। राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में होने वाली सुनवाई की समीक्षा शुरू हो गई है। खारिज दाखिल और वरासत से जुड़े मामले फटाफट निपटाए जा रहे हैं। जरूरत पर तहसील की टीम मौके पर भी पहुंच रही है।
महज 12 दिन के अंदर जिले की चारों तहसीलों में भूमि विवाद से संबंधित 1325 मुकदमे निस्तारित किए जा चुके हैं। इसमें अधिकतर खारिज दाखिल और वरासत के मामले हैं। लंबे समय से लंबित ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन गंभीर है। डीएम ने चकबंदी विभाग से जुड़े 3500 और राजस्व विभाग के 19000 मुकदमों को सूचीबद्ध करा लिया है। इनके निस्तारण के लिए संबंधित न्यायालयों के मजिस्ट्रेट को नियमित सुनवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर टीम भी गठित की गई है।
प्रत्येक नायब तहसीलदार को प्रतिदिन कम से कम पांच खारिज दाखिल के मामले निस्तारित करने हैं। तहसील स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों की सुनवाई में भी तेजी देखी जा रही है। अधिकारी-कर्मचारी खुद मौके पर जाकर सुलह-समझौते के आधार पर मामला खत्म करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद के लंबित मामलों को संज्ञान में लिया है। उन्होंने डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारियों को लंबित भूमि विवाद से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से जिला प्रशासन इन मामलों को लेकर गंभीर हो गया है।
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पहले मिलती थी तारिख, अब हो रही सुनवाई
कलक्ट्रेट सहित जिले की सभी चारों तहसीलों में वरासत, पुश्तैनी जमीन पर दूसरे का कब्जा, भाइयों में हुए बंटवारा समेत अन्य भूमि संबंधी कुल 19000 मामले लंबित थे। इसमें कई ऐसे मामले भी थे, जो बीते दो से तीन वर्ष से लंबित है। निस्तारण के लिए वादकारियों को हर बार तारीख पर तारीख मिलती थी। हर तारीख पर वादकारी इस उम्मीद से तहसील पहुुंचता था कि आज हाकिम कोई फैसला सुना देंगे, लेकिन तहसील पहुंचने के बाद वकील उन्हें अगली तारीख देकर घर भेज देते थे। अब यह परंपरा खत्म हो रही है। सुनवाई के लिए फाइल मजिस्ट्रेट के सामने पेश हो रही है। हर तारीख पर गवाही, बयान, समन, बहस आदि की कार्रवाई हो रही है। इससे वादकारी भी तसल्ली में हैं प्रक्रिया पूरी होने पर फैसला जल्द आएगा।
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संपूर्ण समाधान दिवस के 80 फीसदी मामले निस्तारित
चारों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों में से 80 फीसद मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। सदर तहसील में 65 में से 50, रुधौली में 21 में से 16, हर्रैया में 90 में से 75 और भानपुर में 110 में 89 मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। इसमें अधिकतर भूमि विवाद से संबंधित बताए जा रहे हैं।
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तहसील में भूमि संबंधी मुकदमों की स्थिति
बस्ती सदर- 10950 मुकदमा, निस्तारित- 1245
हर्रैया - 17251 मुकदमा- निस्तारित- 2640
भानपुर- 5133- निस्तारित- 980
रुधौली- 3630- निस्तारित- 675
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पांच हजार मुकदमे तीन वर्ष से अधिक पुराने
जिले में पांच हजार मुकदमे तीन वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। डीएम के निर्देश पर इनके निस्तारण में अधिक तेजी लाई गई है। लक्ष्य दिया गया है कि जिले भर में प्रतिमाह 3200 मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। जिला स्तर पर गठित टीम प्रतिदिन न्यायालयवार समीक्षा कर रही है।
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निपटाए गए चर्चित मामले
केस- एक
नायब तहसीलदार नगर स्वाति सिंह के नेतृत्व में कुदरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत माधोपुर के राजस्व गांव अमरौना में कब्जा की गई जमीन से अतिक्रमण हटवाया गया। इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यहां आराजी संख्या 176/2, में 0.0480 हेक्टेयर रकबा बंजर जमीन के रूप में दर्ज है। इस पर गांव के ही कुछ लोग कई साल से कब्जा किए थे। इसी जमीन पर पंचायत भवन का निर्माण प्रस्तावित है। शिकायत के बाद एसडीएम सदर विनोद पांडेय ने कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन अतिक्रमणकारी कब्जा हटाने को तैयार नहीं हुए। दो दिन पहले राजस्व कर्मियों की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और जमीन को कब्जा मुक्त कराया।
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केस- दो
लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरखौलिया उर्फ मटियारिया में दो दिन पहले राजस्व विभाग की टीम पुलिस प्रशासन के साथ पहुंची। टीम ने यहां विवादित भूमि का सीमांकन कर दोनों पक्षकारों को संतुष्ट कर रिपोर्ट बनाकर एसडीएम सदर को प्रेषित कर दिया। पीड़ित रत्नावती पत्नी फूलचंद लंबे समय से इस मामले के पटाक्षेप के लिए दौड़ रही थीं। भूमि विवाद खत्म होने से उनके इंदिरा आवास निर्माण का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है।
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इन्हें अभी न्याय का है इंतजार
केस- 3
चेनपुर निवासी आशुतोष शुक्ल की पैतृक जमीन सदर तहसील के मौजा नरहरिया के बाॅर्डर से सटे बस्ती खास में स्थित है। उन्होंने छह माह पहले धारा 24 के तहत जमीन की पैमाइश करवाई थी। राजस्व टीम ने उनके जमीन का चिह्नांकन कर पत्थर नसब की कार्रवाई सुनिश्चित की। मगर, वह अपनी जमीन पर निर्माण कराने चले तो फिर से विवाद हो गया। तभी से यह मामला लंबित है। अब वह तहसील प्रशासन के शरण में गए हैं। उनकी मांग है कि टीम मौके पर आकर पत्थर नसब की हुई उनकी जमीन पर निर्माण कार्य में आने वाली बाधा को खत्म कराएं।
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केस- चार
सदर तहसील के नरहरिया के रहने वाले राघव शरण पिता की मृत्यु के बाद से वरासत कराने के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार सॉऊघाट के न्यायालय में धारा 34 के तहत वरासत के लिए वाद दाखिल किया था। लगभग आठ महीने फाइल लंबित रखने के बाद तहसीलदार न्यायिक के यहां स्थानांतरित कर दी गई है। उनका आरोप है कि विपक्षी उनकी जमीन को हथियाना चाह रहे हैं। राजस्व न्यायालय तथ्यों की निष्पक्ष छानबीन कर उन्हें अपने पैतृक संपत्ति हकदार बनाए।
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तहसील स्तर पर स्थापित न्यायालयाें में लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सदर तहसील में प्रतिदिन मामलों में सुनवाई चल रही है। इधर एक सप्ताह में एक हजार से अधिक मामले निपटाए गए हैं।
- विनय प्रभाकर, एसडीएम, बस्ती सदर
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सभी तरह के भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी मामले के निस्तारण में कोई आपत्ति या दिक्कत हो तो वादकारी जिला प्रशासन को अवगत करा सकता है। उनकी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी।
-आंद्रा वामसी, डीएम
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राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में आई तेजी, नियमित बैठ रहे मजिस्ट्रेट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। भूमि विवाद के मामलों की सुनवाई में तेजी आई है। शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग सक्रिय हो गया है। देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर में हुए हत्याकांड के बाद वर्षों पुरानी जमीनी विवाद की फाइलें खंगाली जा रही हैं। राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में होने वाली सुनवाई की समीक्षा शुरू हो गई है। खारिज दाखिल और वरासत से जुड़े मामले फटाफट निपटाए जा रहे हैं। जरूरत पर तहसील की टीम मौके पर भी पहुंच रही है।
महज 12 दिन के अंदर जिले की चारों तहसीलों में भूमि विवाद से संबंधित 1325 मुकदमे निस्तारित किए जा चुके हैं। इसमें अधिकतर खारिज दाखिल और वरासत के मामले हैं। लंबे समय से लंबित ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन गंभीर है। डीएम ने चकबंदी विभाग से जुड़े 3500 और राजस्व विभाग के 19000 मुकदमों को सूचीबद्ध करा लिया है। इनके निस्तारण के लिए संबंधित न्यायालयों के मजिस्ट्रेट को नियमित सुनवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर टीम भी गठित की गई है।
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प्रत्येक नायब तहसीलदार को प्रतिदिन कम से कम पांच खारिज दाखिल के मामले निस्तारित करने हैं। तहसील स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों की सुनवाई में भी तेजी देखी जा रही है। अधिकारी-कर्मचारी खुद मौके पर जाकर सुलह-समझौते के आधार पर मामला खत्म करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भूमि विवाद के लंबित मामलों को संज्ञान में लिया है। उन्होंने डीएम और एसपी समेत अन्य अधिकारियों को लंबित भूमि विवाद से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से जिला प्रशासन इन मामलों को लेकर गंभीर हो गया है।
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पहले मिलती थी तारिख, अब हो रही सुनवाई
कलक्ट्रेट सहित जिले की सभी चारों तहसीलों में वरासत, पुश्तैनी जमीन पर दूसरे का कब्जा, भाइयों में हुए बंटवारा समेत अन्य भूमि संबंधी कुल 19000 मामले लंबित थे। इसमें कई ऐसे मामले भी थे, जो बीते दो से तीन वर्ष से लंबित है। निस्तारण के लिए वादकारियों को हर बार तारीख पर तारीख मिलती थी। हर तारीख पर वादकारी इस उम्मीद से तहसील पहुुंचता था कि आज हाकिम कोई फैसला सुना देंगे, लेकिन तहसील पहुंचने के बाद वकील उन्हें अगली तारीख देकर घर भेज देते थे। अब यह परंपरा खत्म हो रही है। सुनवाई के लिए फाइल मजिस्ट्रेट के सामने पेश हो रही है। हर तारीख पर गवाही, बयान, समन, बहस आदि की कार्रवाई हो रही है। इससे वादकारी भी तसल्ली में हैं प्रक्रिया पूरी होने पर फैसला जल्द आएगा।
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संपूर्ण समाधान दिवस के 80 फीसदी मामले निस्तारित
चारों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्राप्त शिकायतों में से 80 फीसद मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। सदर तहसील में 65 में से 50, रुधौली में 21 में से 16, हर्रैया में 90 में से 75 और भानपुर में 110 में 89 मामले निस्तारित कर दिए गए हैं। इसमें अधिकतर भूमि विवाद से संबंधित बताए जा रहे हैं।
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तहसील में भूमि संबंधी मुकदमों की स्थिति
बस्ती सदर- 10950 मुकदमा, निस्तारित- 1245
हर्रैया - 17251 मुकदमा- निस्तारित- 2640
भानपुर- 5133- निस्तारित- 980
रुधौली- 3630- निस्तारित- 675
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पांच हजार मुकदमे तीन वर्ष से अधिक पुराने
जिले में पांच हजार मुकदमे तीन वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। डीएम के निर्देश पर इनके निस्तारण में अधिक तेजी लाई गई है। लक्ष्य दिया गया है कि जिले भर में प्रतिमाह 3200 मुकदमों का निस्तारण किया जाएगा। जिला स्तर पर गठित टीम प्रतिदिन न्यायालयवार समीक्षा कर रही है।
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निपटाए गए चर्चित मामले
केस- एक
नायब तहसीलदार नगर स्वाति सिंह के नेतृत्व में कुदरहा क्षेत्र के ग्राम पंचायत माधोपुर के राजस्व गांव अमरौना में कब्जा की गई जमीन से अतिक्रमण हटवाया गया। इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। यहां आराजी संख्या 176/2, में 0.0480 हेक्टेयर रकबा बंजर जमीन के रूप में दर्ज है। इस पर गांव के ही कुछ लोग कई साल से कब्जा किए थे। इसी जमीन पर पंचायत भवन का निर्माण प्रस्तावित है। शिकायत के बाद एसडीएम सदर विनोद पांडेय ने कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन अतिक्रमणकारी कब्जा हटाने को तैयार नहीं हुए। दो दिन पहले राजस्व कर्मियों की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और जमीन को कब्जा मुक्त कराया।
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केस- दो
लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरखौलिया उर्फ मटियारिया में दो दिन पहले राजस्व विभाग की टीम पुलिस प्रशासन के साथ पहुंची। टीम ने यहां विवादित भूमि का सीमांकन कर दोनों पक्षकारों को संतुष्ट कर रिपोर्ट बनाकर एसडीएम सदर को प्रेषित कर दिया। पीड़ित रत्नावती पत्नी फूलचंद लंबे समय से इस मामले के पटाक्षेप के लिए दौड़ रही थीं। भूमि विवाद खत्म होने से उनके इंदिरा आवास निर्माण का रास्ता फिलहाल साफ हो गया है।
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इन्हें अभी न्याय का है इंतजार
केस- 3
चेनपुर निवासी आशुतोष शुक्ल की पैतृक जमीन सदर तहसील के मौजा नरहरिया के बाॅर्डर से सटे बस्ती खास में स्थित है। उन्होंने छह माह पहले धारा 24 के तहत जमीन की पैमाइश करवाई थी। राजस्व टीम ने उनके जमीन का चिह्नांकन कर पत्थर नसब की कार्रवाई सुनिश्चित की। मगर, वह अपनी जमीन पर निर्माण कराने चले तो फिर से विवाद हो गया। तभी से यह मामला लंबित है। अब वह तहसील प्रशासन के शरण में गए हैं। उनकी मांग है कि टीम मौके पर आकर पत्थर नसब की हुई उनकी जमीन पर निर्माण कार्य में आने वाली बाधा को खत्म कराएं।
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केस- चार
सदर तहसील के नरहरिया के रहने वाले राघव शरण पिता की मृत्यु के बाद से वरासत कराने के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार सॉऊघाट के न्यायालय में धारा 34 के तहत वरासत के लिए वाद दाखिल किया था। लगभग आठ महीने फाइल लंबित रखने के बाद तहसीलदार न्यायिक के यहां स्थानांतरित कर दी गई है। उनका आरोप है कि विपक्षी उनकी जमीन को हथियाना चाह रहे हैं। राजस्व न्यायालय तथ्यों की निष्पक्ष छानबीन कर उन्हें अपने पैतृक संपत्ति हकदार बनाए।
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तहसील स्तर पर स्थापित न्यायालयाें में लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सदर तहसील में प्रतिदिन मामलों में सुनवाई चल रही है। इधर एक सप्ताह में एक हजार से अधिक मामले निपटाए गए हैं।
- विनय प्रभाकर, एसडीएम, बस्ती सदर
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सभी तरह के भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिकता में है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी मामले के निस्तारण में कोई आपत्ति या दिक्कत हो तो वादकारी जिला प्रशासन को अवगत करा सकता है। उनकी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी।
-आंद्रा वामसी, डीएम