फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Hands raised in prayer for peace in the nation were followed by a round of greetings and congratulations.

Basti News: मुल्क में अमन की दुआ के लिए उठे हाथ इबादत के बाद मुबारकबाद का सिलसिला

Fri, 29 May 2026 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 29 May 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
Hands raised in prayer for peace in the nation were followed by a round of greetings and congratulations.
बस्ती। ईद-उल-अजहा का पर्व बृहस्पतिवार को जनपद में धूमधाम के साथ मनाया गया। अकीदतमंदों ने सुबह बकरीद की नमाज अदा की। इसके बाद बधाइयों का दौर शुरू हुआ तो फिर थमने का नाम नहीं लिया। लोग एक दूसरे को गले लगकर मुबारकवाद दे रहे थे।
विज्ञापन

मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह की राह में नेक नियति के साथ अपने प्रिय के प्रतीक बकरे की कुर्बानी दी। इसके बाद गरीबों में जकात बांटने की रस्म पूरी की गई। इस त्योहार में हिंदुओं ने भी शिरकत की। बृहस्पतिवार से तीन दिनों तक मनाया जाने वाले इस पर्व को लेकर अकीदतमंदों का उत्साह देखते बन रहा है। सुबह से ही चहलकदमी तेज हो गई।
विज्ञापन

सिर पर टोपी, बदन पर कुर्ता पहने अकीदतमंद ईदगाह की ओर रुख कर गए। यहां बड़े अदब के साथ बकरीद की नमाज अदा की गई। कई मस्जिदों में सुबह छह बजे से ही नमाज का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के महरीखांवा, तुरकहिया, दरिया खां, दक्षिण दरवाजा, अस्पताल चौराहा आदि मस्जिदों और ईदगाहों पर नमाज अता करने के लिए मुस्लिम समुदाय की भीड़ जुटी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद कुर्बानी की रस्म पूरी की गई। दिन भर मेल मिलाप का दौर चला। लोग एक दूसरे घरों पर पहुंचकर त्योहार की बधाई दी। मेहमानों की मेजबानी में तरह-तरह के पकवान खिलाए गए। सेवई, मिष्ठान के साथ खुशियों का इजहार हुआ। कुर्बानी के लिए मशहूर यह पर्व तीन दिनों तक मनाया जाएगा। समुदाय के गरीब लोगों में कुर्बानी का मांस, वस्त्र और रुपये जकात के तौर पर दान किए गए। इसमें बूढे, जवान व कम उम्र के बच्चे तक शामिल रहे।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह पर्व अकीदत के साथ मनाया गया। रुधौली, हर्रैया, बनकटी, कप्तानगंज, मुंडेरवा, बभनान, भानपुर आदि क्षेत्रों में त्योहार का रंग परवान चढ़ा रहा। यहां मस्जिदों और ईदगाहों पर बकरीद की नमाज पढ़ी गई। गले लगकर लोग एक दूसरे को बधाई देते नजर आए। दिन भर कुर्बानी और पकवान की तैयारी से फुर्सत पाने के बाद शाम को अकीदतमंद सड़कों पर खुशियां बांटते दिखे।

नगर बाजार संवाद के अनुसार, इस्लाम धर्म में कुर्बानी अल्लाह के प्रति प्रेम, आज्ञाकारिता और त्याग का प्रतीक है। यह मुख्य रूप से पैगंबर इब्राहिम और उनके पुत्र इस्माइल की उस महान परीक्षा की याद में दी जाती है, जिसमें वे ईश्वर की राह में अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान करने के लिए तैयार हो गए थे। दुबौलिया संवाद के अनुसार, क्षेत्र के बैरागल, सैनिया, गुलौरीबुर्जग, विशेषरगंज, निदूरी, रानीपुर खुर्द, सेमरा मुस्तहकम, बसंतपुर, बभरौली बकरीद का पर्व अकीदत के साथ मनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed