{"_id":"64135388430dc9d3b3041374","slug":"govt-inter-college-basti-news-c-7-1-87518-2023-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: सैनिक स्कूल के रूप में परिवर्तित होगा जीआईसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: सैनिक स्कूल के रूप में परिवर्तित होगा जीआईसी
Thu, 16 Mar 2023 11:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- आयुक्त के निर्देश पर भेजा गया था प्रस्ताव, शिक्षा निदेशक ने विद्यालय का परीक्षण कर मांगी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजकीय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में परिवर्तित किए जाने की कवायद तेज हो गई है। आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र की पहल पर करीब तीन माह पहले जीआईसी व सिद्धार्थनगर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय को सैनिक स्कूल के रूप में चयनित कर प्रस्ताव भेजा गया। अब इस पर शिक्षा निदेशक ने विभाग के जेडी से दोनों में से एक विद्यालय का मानक देखते हुए परीक्षण कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
आयुक्त ने ब्राउन फील्ड योजना में जिले के राजकीय इंटर कॉलेज तो ग्रीन प्रोजेक्ट में सिद्धार्थनगर के विद्यालय का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर निहित प्रक्रियानुसार व नियमानुसार मंडल के जनपद बस्ती व सिद्धार्थनगर के प्रस्तावित विद्यालयों में से किसी एक विद्यालय का चयन कराते हुए सभी जरूरी अभिलेखों, समिति के कार्यवृत्त की रिपोर्ट एवं स्पष्ट संस्तुति सहित उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।
-- -- -- --
विभाग के पत्र के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। यदि शासन स्तर से कोई निर्देश प्राप्त होता है तो नियमानुसार व मानक पर खरा उतरने वाले विद्यालय को ही संस्तुति दी जाएगी।
विज्ञापन
-योगेश्वर राम मिश्र, आयुक्त
-- -- --
समिति की बैठक कर सैनिक स्कूल खोलने का उचित प्रस्ताव निदेशक को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
-योगेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल
-- -
सैनिक स्कूल की विशेषता
सैनिक स्कूल मूल रूप से देश की रक्षा सेवाओं में योग्य अधिकारी तैयार करने के लिए बनाए गए स्कूल हैं। यह आवासीय विद्यालय होते हैं। इनका संचालन रक्षा मंत्रालय के अधीन, सैनिक स्कूल सोसाइटी के माध्यम से किया जाता है। यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करते हैं, तथा सीबीएसई पाठ्यक्रम का अनुसरण करते हैं। यह स्कूल राष्ट्रीय डिफेंस अकादमी और नौसेना अकादमी में अधिकारी वर्ग के पदों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। राजकीय विद्यालयों को सैनिक स्कूल में परिवर्तित किए जाने की कवायद तेज हो गई है। आयुक्त योगेश्वर राम मिश्र की पहल पर करीब तीन माह पहले जीआईसी व सिद्धार्थनगर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय को सैनिक स्कूल के रूप में चयनित कर प्रस्ताव भेजा गया। अब इस पर शिक्षा निदेशक ने विभाग के जेडी से दोनों में से एक विद्यालय का मानक देखते हुए परीक्षण कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
आयुक्त ने ब्राउन फील्ड योजना में जिले के राजकीय इंटर कॉलेज तो ग्रीन प्रोजेक्ट में सिद्धार्थनगर के विद्यालय का प्रस्ताव शासन को भेजा था। प्रस्ताव पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर निहित प्रक्रियानुसार व नियमानुसार मंडल के जनपद बस्ती व सिद्धार्थनगर के प्रस्तावित विद्यालयों में से किसी एक विद्यालय का चयन कराते हुए सभी जरूरी अभिलेखों, समिति के कार्यवृत्त की रिपोर्ट एवं स्पष्ट संस्तुति सहित उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया है।
विज्ञापन
विभाग के पत्र के संबंध में मुझे जानकारी नहीं है। यदि शासन स्तर से कोई निर्देश प्राप्त होता है तो नियमानुसार व मानक पर खरा उतरने वाले विद्यालय को ही संस्तुति दी जाएगी।
विज्ञापन
-योगेश्वर राम मिश्र, आयुक्त
समिति की बैठक कर सैनिक स्कूल खोलने का उचित प्रस्ताव निदेशक को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
-योगेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडल
सैनिक स्कूल की विशेषता
सैनिक स्कूल मूल रूप से देश की रक्षा सेवाओं में योग्य अधिकारी तैयार करने के लिए बनाए गए स्कूल हैं। यह आवासीय विद्यालय होते हैं। इनका संचालन रक्षा मंत्रालय के अधीन, सैनिक स्कूल सोसाइटी के माध्यम से किया जाता है। यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान करते हैं, तथा सीबीएसई पाठ्यक्रम का अनुसरण करते हैं। यह स्कूल राष्ट्रीय डिफेंस अकादमी और नौसेना अकादमी में अधिकारी वर्ग के पदों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करते हैं।