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UP: गोरखपुर-अयोध्या हाईवे पर बनेंगे 12 फ्लाईओवर, खत्म होगा जाम का झाम- वन विभाग की NOC का इंतजार
Thu, 28 May 2026 03:04 PM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 28 May 2026 03:04 PM IST
सार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गोरखपुर, संतकबीरनगर व बस्ती सीमा के भीतर 12 दुर्घटना बाहुल्य जगहों पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था। वहां से मंजूरी भी मिल गई थी। चिह्नित स्थलों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ। पता चला कि वन विभाग की जमीन और पेड़ प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन की मांग किया।
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हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे-27 पर फ्लाईओवर के निर्माण में भूमि का मामला सुलझा लिया गया है। इससे फ्लाईओवर बनने का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना अब सेकेंड चरण में पहुंच गई है। फ्लाईओवर बनने से इस मार्ग पर चिह्नित स्थलों पर दुर्घटनाओं पर ब्रेक लगेगा।
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फ्लाईओवर के जाल से यातायात में हो रही किचकिच जल्द दूर होने की उम्मीद है। चालू सत्र में फ्लाईओवर के निर्माण कार्य शुरू होने की आस लगाए बैठे लोगों का इंतजार खत्म होने वाला है। भूमि मिलने के बाद अब मुआवजा की रकम संबंधित प्रक्रिया शुरू है।
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बता दें कि गोरखपुर-अयोध्या सीमा तक नेशनल हाईवे के आवागमन में सुधार के लिए कार्ययोजना बनी थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गोरखपुर, संतकबीरनगर व बस्ती सीमा के भीतर 12 दुर्घटना बाहुल्य जगहों पर फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था।
वहां से मंजूरी भी मिल गई थी। चिह्नित स्थलों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ। पता चला कि वन विभाग की जमीन और पेड़ प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन की मांग किया। वन विभाग को प्रभावित जमीन में पेड़ लगाने के लिए 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई।
वहां से मंजूरी भी मिल गई थी। चिह्नित स्थलों पर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सर्वे शुरू हुआ। पता चला कि वन विभाग की जमीन और पेड़ प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद वन विभाग ने आपत्ति दर्ज कराते हुए जमीन की मांग किया। वन विभाग को प्रभावित जमीन में पेड़ लगाने के लिए 25 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई।
हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पार्ट-वन की कार्रवाई पूरी होने के बाद परियोजना संबंधित पार्ट-टू कार्य शुरू है। बताया गया कि वन विभाग ने फाइल अनुमोदन के लिए नोडल कार्यालय स्टेट को भेज दिया है, वहां से भारत सरकार के पास अनुमोदन के लिए जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद मुआवजा की रकम जमा करेंगे। इसके बाद वन विभाग एनओसी जारी करेगा और निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बताया गया कि फ्लाईओवर पर काम शुरू होने से चिह्नित स्थलों पर यातायात व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। हाईवे के जाम से भी निजात और दुर्घटना से बचा जा सकता है। यही नहीं वाहन तेजी से फर्राटा भी भरेंगे। चयनित स्थलों पर स्पीड ब्रेकर के जरिये ही वाहनों की गति कम की जा रही है। आए दिन यहां हादसे भी हो रहे हैं। इससे निजात दिलाने को यह योजना बनी थी, जो वन विभाग की एनओसी मिलने तक निर्माण रुका हुआ है।
बताया गया कि फ्लाईओवर पर काम शुरू होने से चिह्नित स्थलों पर यातायात व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। हाईवे के जाम से भी निजात और दुर्घटना से बचा जा सकता है। यही नहीं वाहन तेजी से फर्राटा भी भरेंगे। चयनित स्थलों पर स्पीड ब्रेकर के जरिये ही वाहनों की गति कम की जा रही है। आए दिन यहां हादसे भी हो रहे हैं। इससे निजात दिलाने को यह योजना बनी थी, जो वन विभाग की एनओसी मिलने तक निर्माण रुका हुआ है।
खजनी में वन विभाग को दी गई 25 हेक्टेयर भूमि
प्रभावित क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध न होने के चलते आगे की कार्रवाई ठप हो गई थी। इसके बाद एनएचएआई के जरिये गोरखपुर जिले के खजनी तहसील के पथरहा मिश्र गांव में वन विभाग को प्रभावित क्षेत्र के बदले में 25 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई। राजस्व विभाग से यह जमीन वन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। अब यहां, वन विभाग प्रभावित हो रहे 2439 पेड़ के बदले 10 गुना पेड़ लगाएगा।
परियोजना पर एक नजर
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे के बस्ती जनपद में प्रस्तावित छह फ्लाईओवर के लिए 9.67 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को दे दी गई है। इसके अलावा संतकबीरनगर में बनने वाले तीन फ्लाईओवर के लिए 3.764 हेक्टेयर भूमि और गोरखपुर जिले के सीमा में बनने वाले तीन फ्लाईओवर के लिए 11.648 हेक्टेयर भूमि खजनी में दी जा चुकी है। भूमि मिलने के बाद वन विभाग ने शासन में फाइल भेज दी है।
प्रभावित क्षेत्रों में जमीन उपलब्ध न होने के चलते आगे की कार्रवाई ठप हो गई थी। इसके बाद एनएचएआई के जरिये गोरखपुर जिले के खजनी तहसील के पथरहा मिश्र गांव में वन विभाग को प्रभावित क्षेत्र के बदले में 25 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई गई। राजस्व विभाग से यह जमीन वन विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। अब यहां, वन विभाग प्रभावित हो रहे 2439 पेड़ के बदले 10 गुना पेड़ लगाएगा।
परियोजना पर एक नजर
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे के बस्ती जनपद में प्रस्तावित छह फ्लाईओवर के लिए 9.67 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को दे दी गई है। इसके अलावा संतकबीरनगर में बनने वाले तीन फ्लाईओवर के लिए 3.764 हेक्टेयर भूमि और गोरखपुर जिले के सीमा में बनने वाले तीन फ्लाईओवर के लिए 11.648 हेक्टेयर भूमि खजनी में दी जा चुकी है। भूमि मिलने के बाद वन विभाग ने शासन में फाइल भेज दी है।
गोरखपुर-अयोध्या हाईवे पर इन स्थानों पर प्रस्तावित है फ्लाईओवर
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे पर किमी. 182.8 से किमी. 252.86 तक 12 स्थलों पर फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसमें बस्ती सीमा के भीतर पॉलीटेक्निक चौराहा 1500 मीटर, परसा जाफर 1640 मीटर, विक्रमजोत 1340 मीटर, संसारीपुर 1450 मीटर, कप्तानगंज 1825 मीटर, तिलकपुर में 1320 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनेगा।
संतकबीरनगर में काठगंगा कांटे में 1490 मीटर, मगहर और दुर्गामंदिर मगहर मिलाकर 2270 मीटर लंबा फ्लाईओवर होगा। गोरखपुर जनपद सीमा में सहजनवा, दानापानी होटल के पास और थोकता रोड मिलाकर 4640 मीटर में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है।
गोरखपुर-अयोध्या नेशनल हाईवे पर किमी. 182.8 से किमी. 252.86 तक 12 स्थलों पर फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसमें बस्ती सीमा के भीतर पॉलीटेक्निक चौराहा 1500 मीटर, परसा जाफर 1640 मीटर, विक्रमजोत 1340 मीटर, संसारीपुर 1450 मीटर, कप्तानगंज 1825 मीटर, तिलकपुर में 1320 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनेगा।
संतकबीरनगर में काठगंगा कांटे में 1490 मीटर, मगहर और दुर्गामंदिर मगहर मिलाकर 2270 मीटर लंबा फ्लाईओवर होगा। गोरखपुर जनपद सीमा में सहजनवा, दानापानी होटल के पास और थोकता रोड मिलाकर 4640 मीटर में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है।
दो टोल से होती है 30 लाख रुपये की वसूली
नेशनल हाईवे पर दो टोल प्लाजा संचालित हैं। दोनों टोल से करीब 30 लाख रुपये की वसूली रोजाना होती है। शहर स्थित मड़वानगर टोल से 12 से 15 लाख रुपये जबकि हर्रैया के पास संचालित चौकड़ी टोल प्लाजा 15 से 18 लाख रुपये की वसूली रोजाना हो रही है।
दोनों टोल प्लाजा से करीब 24 घंटे में 13 से 14 हजार वाहन गुजरते हैं। पिछले कुछ साल से वाहनों का दबाव हाईवे पर लगातार बढ़ रहा है। इसको देखते हुए दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
नेशनल हाईवे पर दो टोल प्लाजा संचालित हैं। दोनों टोल से करीब 30 लाख रुपये की वसूली रोजाना होती है। शहर स्थित मड़वानगर टोल से 12 से 15 लाख रुपये जबकि हर्रैया के पास संचालित चौकड़ी टोल प्लाजा 15 से 18 लाख रुपये की वसूली रोजाना हो रही है।
दोनों टोल प्लाजा से करीब 24 घंटे में 13 से 14 हजार वाहन गुजरते हैं। पिछले कुछ साल से वाहनों का दबाव हाईवे पर लगातार बढ़ रहा है। इसको देखते हुए दुर्घटना बाहुल्य इलाकों में फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।
अनिल कुमार यादव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोले स्थानीय नागरिक व राहगीर
हाईवे पर तिलकपुर क्षेत्र में बाबा जागेश्वर शिव मंदिर है। रोजाना श्रद्धालु आते हैं। क्रॉसिंग के चलते दुर्घटना होती रहती है। यहां फ्लाईओवर होने से यातायात दुरुस्त होगी और आसानी से एक छोर से दूसरे छोर पर राहगीर पहुंच सकेंगे: अनिल कुमार यादव, मरहा
हाईवे पर तिलकपुर क्षेत्र में बाबा जागेश्वर शिव मंदिर है। रोजाना श्रद्धालु आते हैं। क्रॉसिंग के चलते दुर्घटना होती रहती है। यहां फ्लाईओवर होने से यातायात दुरुस्त होगी और आसानी से एक छोर से दूसरे छोर पर राहगीर पहुंच सकेंगे: अनिल कुमार यादव, मरहा
कमलेश मिश्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तिलकपुर क्षेत्र में एनएचएआई की ओर से प्रस्तावित फ्लाईओवर के बनने से आवागमन सुगम हो जाएगा। दुर्घटनाएं कम होंगी। अक्सर मंदिर पर मेला लगता है, भीड़ अत्याधिक होने के चलते दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अब राहत की उम्मीद है: कमलेश मिश्रा, तिलकपुर
राम जन्म उपाध्याय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज नगर पंचायत के साथ मुख्य बाजार है। यहां रोजाना भीड़ होती है। अक्सर क्रॉसिंग से गुजरने में वक्त लग जाता है। फ्लाईओवर बनने से एक-दूसरे छोर पर जाने में आसानी होगी। फ्लाईओवर काफी सहूलियत देगा। दुर्घटनाएं कम होंगी: रामजनम उपाध्याय, स्थानीय नागरिक
आशुतोष गौड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज बाजार होने के नाते खरीदारों की भीड़ अक्सर रहती है। हाईवे पर फ्लाईओवर नहीं है, ऐसे में क्रॉसिंग से ही लोग एक-दूसरे छोर पर जाते हैं। इससे जाम लग जाता है। कभी-कभी हादसे भी होते रहते हैं। फ्लाईओवर की सौगात राहत देगी: आशुतोष गौड़, राहगीर