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नवरात्र: कालरात्रि की अराधना में मगन रहे देवी भक्त, महाअष्टमी आज
Tue, 16 Apr 2024 03:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 16 Apr 2024 03:26 AM IST
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नवरात्र: कालरात्रि की आराधना में मगन रहे देवी भक्त,महाअष्टमी आज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयभ्यस्त्राहि नो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते।। नवरात्र के महाष्टमी पर मंगलवार को इन मंत्रों से महागौरी की पूजा की जाएगी। सोमवार को कालरात्रि की आराधना के लिए देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे दिन पूजा-अर्चना होती रही। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्त आज यानी मंगलवार को ही व्रत रखेंगे।
नवरात्रि के आठवें दिन महा अष्टमी मनाई जाती है और मां महागौरी की पूजा होती है।
पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि इस बार चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल को दोपहर 12.11 मिनट से शुरू होगी और 16 अप्रैल को दोपहर 01.23 पर समाप्त होगी। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए चैत्र नवरात्रि में महाष्टमी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। पंडित मिश्र के मुताबिक नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि महत्वपूर्ण माना जाती है। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन, हवन और व्रत का पारण किया जाता है। कहा जाता है कि यदि कोई नवरात्रि के नौ दिन व्रत और पूजा न कर पाए तो अष्टमी-नवमी पर पूजा करके माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।
मां दुर्गा के आठवां स्वरूप के कारण इन्हें आठवीं शक्ति भी कहा जाता है। वेद पुराणों के अनुसार इनके तेज से ही सम्पूर्ण जगत प्रकाशमान है। वहीं दुर्गा सप्तशती में वर्णित कथाओं के जब शुम्भ-निशुम्भ राक्षस के आतंक से लोग त्राही-त्राही करने लगे। तब देवताओं ने गंगा तट पर देवी महागौरी को ही पुकारा था और अपनी सुरक्षा को गुहार लगाई थी। जिसके बाद माता ने चंडिका रूप धारण कर उसका वध किया था और देवताओं को भयमुक्त किया था। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, ऐश्वर्य प्रदायिनी और चैतन्यमयी भी कहा जाता है।
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कल मनाई जाएगी रामनवमी
- चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि 16 अप्रैल को दोपहर 01:23 से शुरू होकर 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 03:14 तक रहेगी। ऐसे में नवरात्र की महानवमी 17 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन देवी की नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इसी दिन नवरात्र व्रत का पारण भी किया जाता है। चैत्र नवरात्र की महानवमी पर रामनवमी यानी प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
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बस्ती। सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते, भयभ्यस्त्राहि नो देवी दुर्गे देवी नमोस्तुते।। नवरात्र के महाष्टमी पर मंगलवार को इन मंत्रों से महागौरी की पूजा की जाएगी। सोमवार को कालरात्रि की आराधना के लिए देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरे दिन पूजा-अर्चना होती रही। प्रतिपदा और महाष्टमी का व्रत रखने वाले देवी भक्त आज यानी मंगलवार को ही व्रत रखेंगे।
नवरात्रि के आठवें दिन महा अष्टमी मनाई जाती है और मां महागौरी की पूजा होती है।
पंडित देवस्य मिश्र ने बताया कि इस बार चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल को दोपहर 12.11 मिनट से शुरू होगी और 16 अप्रैल को दोपहर 01.23 पर समाप्त होगी। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए चैत्र नवरात्रि में महाष्टमी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। पंडित मिश्र के मुताबिक नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि महत्वपूर्ण माना जाती है। अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन, हवन और व्रत का पारण किया जाता है। कहा जाता है कि यदि कोई नवरात्रि के नौ दिन व्रत और पूजा न कर पाए तो अष्टमी-नवमी पर पूजा करके माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।
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मां दुर्गा के आठवां स्वरूप के कारण इन्हें आठवीं शक्ति भी कहा जाता है। वेद पुराणों के अनुसार इनके तेज से ही सम्पूर्ण जगत प्रकाशमान है। वहीं दुर्गा सप्तशती में वर्णित कथाओं के जब शुम्भ-निशुम्भ राक्षस के आतंक से लोग त्राही-त्राही करने लगे। तब देवताओं ने गंगा तट पर देवी महागौरी को ही पुकारा था और अपनी सुरक्षा को गुहार लगाई थी। जिसके बाद माता ने चंडिका रूप धारण कर उसका वध किया था और देवताओं को भयमुक्त किया था। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, ऐश्वर्य प्रदायिनी और चैतन्यमयी भी कहा जाता है।
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कल मनाई जाएगी रामनवमी
- चैत्र शुक्ल की नवमी तिथि 16 अप्रैल को दोपहर 01:23 से शुरू होकर 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 03:14 तक रहेगी। ऐसे में नवरात्र की महानवमी 17 अप्रैल 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन देवी की नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इसी दिन नवरात्र व्रत का पारण भी किया जाता है। चैत्र नवरात्र की महानवमी पर रामनवमी यानी प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।