UP: हिंसक कुत्तों ने बालिका को नोच-नोचकर मार डाला...बचाव में उसने सिर-पैर मिट्टी से ढके, फिर भी उसे नहीं छोड़ा
कुत्तों से बचने के लिए बालिका ने अपना सिर व पैर मिट्टी से ढक लिया मगर हिंसक कुत्तों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। खेत में पाइप फैलाने गए उसके मामा ने अपनी मासूम भांजी को मृत हालत में पाया। पहले तो कई तरह की आशंका हुई, लेकिन पोस्टमार्टम में स्पष्ट हो गया कि कुत्तों के नोचने की वजह से उसकी मौत हुई।
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बस्ती के सोनहा थाना क्षेत्र के टेढींकुईयां गांव में ननिहाल आई 10 वर्ष की बालिका के साथ दिल दहला देने वाली घटना घटी। नानी के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर बाग में आम बीनने गई नूरशबा उर्फ शब्बों को आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। उसके चेहरे, गर्दन से लेकर पूरे शरीर को नोच डाला। उसके शरीर पर 45 से अधिक जख्म पाए गए।
कुत्तों से बचने के लिए बालिका ने अपना सिर व पैर मिट्टी से ढक लिया मगर हिंसक कुत्तों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। खेत में पाइप फैलाने गए उसके मामा ने अपनी मासूम भांजी को मृत हालत में पाया। पहले तो कई तरह की आशंका हुई, लेकिन पोस्टमार्टम में स्पष्ट हो गया कि कुत्तों के नोचने की वजह से उसकी मौत हुई। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने कुत्तों को पकड़वाने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
संतकबीरनगर जिले के बेलहर कला थाने के फूलपुर निवासी मैराजुन्निशा पत्नी गयासुद्दीन अपनी 10 वर्षीय बेटी नूरशबा उर्फ शब्बों को लेकर टेढींकुईयां गांव में अपने भाई इकबाल के घर आयी थी। रविवार तड़के शब्बो आम बीनने पास के बाग में गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो मां और ननिहाल के अन्य लोगों ने समझा कि कहीं खेलने लगी होगी। सुबह उसका बाग के पास गांव के लोगों ने कुत्तों के झुंड को एक शव को घेरे हुए देखा। गांव के लोगों की वहां भीड़ जुट गई।
उसी समय खेत में सिंचाई करने के लिए पाइप फैलाने शब्बो के मामा इकबाल पहुंच गए। भांजी का शव देख उसके पांच तले जमीन सरक गई। गांव के चौकीदार बुधिराम ने इसकी सूचना थाने पर दी। सूचना मिलते ही सीओ सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, एसएचओ मोतीलाल पहुंच गए। मिट्टी से सने शव की हालत देखकर कई तरह की आशंका होने लगी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, देर शाम पोस्टमार्टम में कुत्तों के नोचने से मौत होने की पुष्टि हुई। पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर सत्येद्र भूषण त्रिपाठी ने बताया कि रिर्पोट अभी प्राप्त नहीं है। आने पर अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जायेगी।
चार बहनों और एक भाई में दूसरे नंबर की थी नूरशबा
मुंबई रहने वाले गयासुद्दीन करीब तीन महीने पहले घर से काम पर गया था। तभी से उसकी पत्नी मिराजुन्निशा अपने बच्चों के साथ अपने भाइयों के घर आकर रह रही थी। जिनमें चार बेटियां नूर शबाना खातून 12वर्ष, नूर शबा उर्फ शब्बो 10 वर्ष, नूर फिजा 8 वर्ष आफिजा 6 वर्ष व डेढ वर्षीय बेटा कल्लू उर्फ आजम शामिल है।
गांव में फैली दहशत,समूह में बाहर निकलने की सलाह
टेढ़ीकुइया गांव में हिंसक कुत्तों का एक झुंड काफी दिनों से आतंक फैलाए हुए है। रविवार सुबह में ही उसी गांव के एक सात वर्षीय बालक को भी कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। गांव के मो. हासिम का सात वर्षीय बेटा मैनुद्दीन रविवार की सुबह पांच बजे अपने बाबा के पीछे-पीछे गांव के बाहर सरयू नहर के पास शौच के लिए गया था। वहां आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और काटने लगे। चीख पुकार सुनकर लोगों ने कुत्तों को खदेड़ कर उसे बचाया। मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिप्टी सीवीओ डा.बलराम चौरसिया ने बताया कि ग्रामीणों को जागरुक किया गया है कि वे बच्चों को अकेले न छोडें। बचाव के लिये दो तीन के समूह में ही बाहर निकलें।