{"_id":"62f541b5c09fd82dbc47447b","slug":"generator-operator-s-body-reached-after-18-days-from-dubai-basti-news-gkp4468344107","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti: दुबई से 18 दिन बाद पहुंचा जेनरेटर ऑपरेटर का शव, गांव में पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti: दुबई से 18 दिन बाद पहुंचा जेनरेटर ऑपरेटर का शव, गांव में पसरा सन्नाटा
Fri, 12 Aug 2022 10:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2022 10:23 AM IST
सार
रघऊपुर निवासी 25 वर्षीय दुर्गा प्रसाद नवंबर 2017 में दुबई गए थे। तभी से वह एडवांस यूनाइटेड कंपनी में जेनरेटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहे थे। 18 दिन पूर्व दुबई से मृतक की मां मीना देवी के पास फोन आया कि दुर्गा प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं हैं। हार्टअटैक के कारण उनकी मौत हो गई है।
विज्ञापन
रघऊपुर गांव के दुर्गा प्रसाद का दुबई में हार्टअटैक से मौत हो गई थी। घर पर शव पहुंचने पर रोते विलखत
- फोटो : BASTI
विस्तार
दुबई में नौकरी करने गए लालगंज थाना क्षेत्र के रघऊपुर निवासी दुर्गा प्रसाद का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। बृहस्पतिवार को 18 दिन बाद उनका शव दुबई से घर पहुंचा। जिसके बाद परिवारीजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों ने जिलाधिकारी से शव घर मंगवाने के लिए के लिए मदद मांगी थी।
विज्ञापन
रघऊपुर निवासी 25 वर्षीय दुर्गा प्रसाद नवंबर 2017 में दुबई गए थे। तभी से वह एडवांस यूनाइटेड कंपनी में जेनरेटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रहे थे। 18 दिन पूर्व दुबई से मृतक की मां मीना देवी के पास फोन आया कि दुर्गा प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं हैं। हार्टअटैक के कारण उनकी मौत हो गई है।
विज्ञापन
मौत की सूचना पाते ही परिवार के लोग रोने लगे। परिवारवालों का शव घर आने के इंतजार में रो-रोकर बुरा हाल था। बृहस्पतिवार को जैसे ही एंबुलेंस शव लेकर घर पहुंचा तो दिवंगत की पत्नी चंदा देवी, मां मीना देवी, पिता निर्मल प्रसाद, भाई पवन कुमार के अलावा अन्य परिवारीजन दहाड़े मार कर रोने लगे।
विज्ञापन
जानकारी होते ही मृतक के घर पर क्षेत्र के लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया। मृतक की पत्नी व माता को रोता देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। दुर्गा प्रसाद का पांच वर्षीय एक बेटा आर्यन है। पत्नी चंदा देवी कहती हैं कि 23 जुलाई की सुबह साढ़े सात बजे उनका फोन आया था।
फोन पर बेटे आर्यन से उन्होंने बात भी की थी। बेटे ने उनसे कपड़ा मांगा था। तब उन्होंने उनसे कहा था कि एक माह में वह घर आएंगे। लेकिन कहां पता था कि वह हमेशा के लिए छोड़कर चले जाएंगे।