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Basti News: कान्हा के जन्मोत्सव पर फल और फूल भी खूब इतराए
Tue, 27 Aug 2024 01:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 27 Aug 2024 01:22 AM IST
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सेब के भाव 150 रुपये किलो बिका अमरूद, केला और नासपत्ती भी महंगा
गेंदा फूल-गुलाब की पंखुड़ियों ने भी रिझाया, खरीदने के दौरान टटोलनी पड़ी जेब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कान्हा के जन्मोत्सव पर फल और फूल भी खूब इतराए। अमरूद सेब के भाव 150 रुपये किलो बिका। गुलाब पंखुड़ी 20 रुपये में मुट्टी भर भी नहीं मिली तो डंठल के साथ बाजार पहुंचा एक गुलाब फूल 30 रुपये में कान्हा के दरबार आया। मोर पंख भी 100 से 200 रुपये में मिले।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की घरों में तैयारी थी तो बाजार में फूल और फल खूब उछाल मार रहे थे। फलों के भाव आसमान पर पहुंचे थे। लाल सेब का भाव सुनते ही खरीदारों का चेहरा भी लाल हो रहा था। खुले बाजार में 200 रुपये किलो सेब बिका। जबकि अमरूद भी भाव में पीछे हटने को तैयार नहीं था। 150 रुपये किलो अमरूद बिका। इसके अलावा केला 70 रुपये दर्जन तो नासपत्ती 200 रुपये किलो बिकी।
फलों की खरीदारी के समय लोगों को अपनी जेब टटोलनी पड़ी। लटकन के साथ बाजार पहुंचा खीरा ने ग्राहकों को खूब रिझाया। कान्हा की पालकी की शोभा बढ़ाने के लिए लटकन के साथ एक पीस खीरा 51 से 101 रुपये में बिका। दुकानदार गुड्डू ने बताया कि लता के साथ 60 पीस खीरा थोक मंडी से लाए थे। 35 बिक चुके हैं। शाम तक सब खत्म हो जाएगा। अमरूद की लोकल पैदावार कम हुई है। बाहर से इसकी आपूर्ति होने के कारण थोक मंडी में ही इसकी कीमत बढ़ी हुई है। त्योहार की वजह से इसके भाव में और उछाल आ गया है।
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गेंदा फूल का माला 60 और जड़ी की माला 30 रुपये में बिकी
फूलों की दुकानों पर खूब सजावट की गई थी। गुलाब की पंखुड़ी दुकानों पर कम पड़ गई। सुबह दस बजे के बाद 20 रुपये में मुट्टी भर भी पंखुड़ी नहीं मिली। गेंदा फूल का माला 60 तो अशोक के हरे पत्ते की जड़ी का माला 30 रुपये पीस बिका। डंठल के साथ एक गुलाब का फूल 30 रुपये से कम में नहीं मिला। गांधीनगर के सुनील माली ने बताया कि इस बार गुलाब पंखुड़ी की आपूर्ति कम हुई है। इसके अलावा फूल और माला का रेट सावन माह से ही बढ़ा हुआ है। इस बार बारिश की वजह से फूल की खेती प्रभावित हुई है। इस वजह से कीमत में उछाल आया है।
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गेंदा फूल-गुलाब की पंखुड़ियों ने भी रिझाया, खरीदने के दौरान टटोलनी पड़ी जेब
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कान्हा के जन्मोत्सव पर फल और फूल भी खूब इतराए। अमरूद सेब के भाव 150 रुपये किलो बिका। गुलाब पंखुड़ी 20 रुपये में मुट्टी भर भी नहीं मिली तो डंठल के साथ बाजार पहुंचा एक गुलाब फूल 30 रुपये में कान्हा के दरबार आया। मोर पंख भी 100 से 200 रुपये में मिले।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की घरों में तैयारी थी तो बाजार में फूल और फल खूब उछाल मार रहे थे। फलों के भाव आसमान पर पहुंचे थे। लाल सेब का भाव सुनते ही खरीदारों का चेहरा भी लाल हो रहा था। खुले बाजार में 200 रुपये किलो सेब बिका। जबकि अमरूद भी भाव में पीछे हटने को तैयार नहीं था। 150 रुपये किलो अमरूद बिका। इसके अलावा केला 70 रुपये दर्जन तो नासपत्ती 200 रुपये किलो बिकी।
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फलों की खरीदारी के समय लोगों को अपनी जेब टटोलनी पड़ी। लटकन के साथ बाजार पहुंचा खीरा ने ग्राहकों को खूब रिझाया। कान्हा की पालकी की शोभा बढ़ाने के लिए लटकन के साथ एक पीस खीरा 51 से 101 रुपये में बिका। दुकानदार गुड्डू ने बताया कि लता के साथ 60 पीस खीरा थोक मंडी से लाए थे। 35 बिक चुके हैं। शाम तक सब खत्म हो जाएगा। अमरूद की लोकल पैदावार कम हुई है। बाहर से इसकी आपूर्ति होने के कारण थोक मंडी में ही इसकी कीमत बढ़ी हुई है। त्योहार की वजह से इसके भाव में और उछाल आ गया है।
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गेंदा फूल का माला 60 और जड़ी की माला 30 रुपये में बिकी
फूलों की दुकानों पर खूब सजावट की गई थी। गुलाब की पंखुड़ी दुकानों पर कम पड़ गई। सुबह दस बजे के बाद 20 रुपये में मुट्टी भर भी पंखुड़ी नहीं मिली। गेंदा फूल का माला 60 तो अशोक के हरे पत्ते की जड़ी का माला 30 रुपये पीस बिका। डंठल के साथ एक गुलाब का फूल 30 रुपये से कम में नहीं मिला। गांधीनगर के सुनील माली ने बताया कि इस बार गुलाब पंखुड़ी की आपूर्ति कम हुई है। इसके अलावा फूल और माला का रेट सावन माह से ही बढ़ा हुआ है। इस बार बारिश की वजह से फूल की खेती प्रभावित हुई है। इस वजह से कीमत में उछाल आया है।