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बाढ़ की चपेट में दर्जनभर गांव
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दुबौलिया क्षेत्र में कृषि योग्य जमीनों की कटान करती सरयू नदी
- फोटो : BASTI
बाढ़ की चपेट में दर्जनभर गांव, ग्रामीणों में दहशत
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। तटबंध व सरयू नदी के बीच बसे दर्जनभर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटवर्ती गांव के लोगों की नींद उड़ी हुई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने अनुसार सोमवार शाम पांच बजे तक जलस्तर 92.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर है।
जल आयोग के पूर्वानुमान बताते हैं कि जलस्तर और बढ़ेगा। पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हुआ कटरिया ठोकर नंबर एक पर बैकरोल (उल्टा पानी का बहाव) से करीब 70 मीटर क्षेत्रफल में अधिक दबाव बनाए है। यहां बाढ़ खंड लगातार मरम्मत कार्य में जुटा है। सुविखा बाबू से कटरिया, बंजरिया सूबी, विशुनदासपुर, खजांचीपुर, गौरा, दिलाशपुरा, दलपतपुर में खेती की जमीनें कटकर नदी में समा रही हैं। अति संवेदनशील कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध के पारा व मटिहा में ठोकरों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर, दिलाशपुर का पुरवा व अशोकपुर के कई पुरवे पानी से घिर गए।
जलस्तर बढ़ने की गति देखकर लग रहा है कि मंगलवार शाम तक ये गांव जलमग्न हो जाएंगे। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध तक पानी पहुंच चुका है। टकटकवा गांव की सुरक्षा के लिए बनाए गए रिंगबांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट है। अवर अभियंता संजय यादव ने बताया कटरिया ठोकर पर लगातार कैंप कर मरम्मत कराया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। मौके पर सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार, अवर अभियंता स्वपनिल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार तटबंध विहीन गांव के लिए कटान समस्या बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराने लगा है। कल्याणपुर, भरथापुर, बाघानाला, चांदपुर, फूलडीह, रिधौरा, लम्ती, रानीपुर, कठवनिया में बाढ़ का पानी धान के खेतों में तेजी से बढ़ रहा है। कल्याणपुर पड़ाव स्थित 12 हेक्टेयर डोंगरा रेजीमेंट (सेना) की जमीन जलमग्न हो गई है। इस जमीन का एग्रीमेंट कराकर किसान खेती करते हैं। बाढ़ खंड कटान रोकने की कोशिश कर रहा है। सरयू नदी का पानी रिहायसी इलाकों व रास्तों पर भरने लगा है। भरथापुर से बाघानाला व फूलडीह को जाने वाला मार्ग जलमग्न हो चुका है। बाघानाला भरथापुर में निर्माणाधीन डैंपनर डूब चुके हैं।
प्रमुख व मुख्य अभियंता ने किया सरयू तट पर पूजा-पाठ
विक्रमजोत। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन एके सिंह व मुख्य अभियंता गंडक आलोक जैन ने सोमवार को तटबंधों का निरीक्षण किया। बाघानाला गांव में तटबंध किनारे पंडित बुलाकर सरयू नदी तट पर पूजा-पाठ किया। अधिकारियों ने बताया कि सरयू मां से प्रार्थना की गई कि ग्रामीणों को बाढ़ का प्रकोप न झेलना पड़े और कामकाज चलता रहे। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता अवनीश साहू, अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार, सहायक अभियंता ज्ञानधर प्रसाद, अवर अभियंता दयाशंकर सिंह, जेबीएल श्रीवास्तव, आरके नायक आदि मौजूद रहे
रेनकट से जर्जर हुआ रामपुर-कलवारी तटबंध
कुदरहा। रामपुर कलवारी तटबंध पर रामपुर से लेकर टेगरिहा राजा तक दर्जनभर रेनकट बने हुए हैं। कट इतने बड़े हैं कि तटबंध पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। तटबंध की सुरक्षा के लिए बनी निगरानी चौकी पर ताला लटक रहा है। जलस्तर बढ़ने से पिपरपाती, चकिया, बैसिया, मटियरिया व कुदरहा गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ की जद में आ गई है। स्थानीय निवासी फतेह बहादुर पाल, ज्ञानदास, रामजनम यादव, अरुण पाल, पंकज यादव ने बताया कि हर साल जून से तटबंध के रेनकट भर दिया जाता था, लेकिन इस बार ऐसे नहीं हुआ। बाढ़ खंड सहायक अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि बंधे की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। खतरे जैसे संकेत नहीं मिले हैं।
विसुही नदी का जलस्तर बढ़ा, संपर्क मार्ग जलमग्न
गौर। विसुही नदी का जलस्तर बढ़ने से बेलवरिया जंगल से माझा मानपुर जाने वाला संपर्क जलमग्न हो गया है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण बिना नाव पानी पार कर रहे हैं। दूसरी ओर किसानों की धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। हर्रैया तहसीलदार चंद्रभूषण ने बताया कि बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए राजस्वकर्मियों को लगाया गया है। नदी पार करने के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ के लिए बना कंट्रोल रूम
बस्ती। जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना की गई है, जो कोविड-19 कंट्रोल रूम के साथ चलेगा। डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से संबंधित कोई समस्या या सूचना, जिला बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 05542-245725, 245262 व तहसील हर्रैया कंट्रोल रूम नंबर 05542- 235316, 6307632823 पर संपर्क किया जा सकता है।
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दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ने लगा है। तटबंध व सरयू नदी के बीच बसे दर्जनभर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तटवर्ती गांव के लोगों की नींद उड़ी हुई है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने अनुसार सोमवार शाम पांच बजे तक जलस्तर 92.90 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर है।
जल आयोग के पूर्वानुमान बताते हैं कि जलस्तर और बढ़ेगा। पिछले दिनों क्षतिग्रस्त हुआ कटरिया ठोकर नंबर एक पर बैकरोल (उल्टा पानी का बहाव) से करीब 70 मीटर क्षेत्रफल में अधिक दबाव बनाए है। यहां बाढ़ खंड लगातार मरम्मत कार्य में जुटा है। सुविखा बाबू से कटरिया, बंजरिया सूबी, विशुनदासपुर, खजांचीपुर, गौरा, दिलाशपुरा, दलपतपुर में खेती की जमीनें कटकर नदी में समा रही हैं। अति संवेदनशील कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद तटबंध के पारा व मटिहा में ठोकरों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर, दिलाशपुर का पुरवा व अशोकपुर के कई पुरवे पानी से घिर गए।
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जलस्तर बढ़ने की गति देखकर लग रहा है कि मंगलवार शाम तक ये गांव जलमग्न हो जाएंगे। किशुनपुर-मोजपुर रिंगबांध तक पानी पहुंच चुका है। टकटकवा गांव की सुरक्षा के लिए बनाए गए रिंगबांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। पशुपालकों के सामने चारे का संकट है। अवर अभियंता संजय यादव ने बताया कटरिया ठोकर पर लगातार कैंप कर मरम्मत कराया जा रहा है। जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है। मौके पर सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार, अवर अभियंता स्वपनिल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार तटबंध विहीन गांव के लिए कटान समस्या बनी हुई है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराने लगा है। कल्याणपुर, भरथापुर, बाघानाला, चांदपुर, फूलडीह, रिधौरा, लम्ती, रानीपुर, कठवनिया में बाढ़ का पानी धान के खेतों में तेजी से बढ़ रहा है। कल्याणपुर पड़ाव स्थित 12 हेक्टेयर डोंगरा रेजीमेंट (सेना) की जमीन जलमग्न हो गई है। इस जमीन का एग्रीमेंट कराकर किसान खेती करते हैं। बाढ़ खंड कटान रोकने की कोशिश कर रहा है। सरयू नदी का पानी रिहायसी इलाकों व रास्तों पर भरने लगा है। भरथापुर से बाघानाला व फूलडीह को जाने वाला मार्ग जलमग्न हो चुका है। बाघानाला भरथापुर में निर्माणाधीन डैंपनर डूब चुके हैं।
प्रमुख व मुख्य अभियंता ने किया सरयू तट पर पूजा-पाठ
विक्रमजोत। लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन एके सिंह व मुख्य अभियंता गंडक आलोक जैन ने सोमवार को तटबंधों का निरीक्षण किया। बाघानाला गांव में तटबंध किनारे पंडित बुलाकर सरयू नदी तट पर पूजा-पाठ किया। अधिकारियों ने बताया कि सरयू मां से प्रार्थना की गई कि ग्रामीणों को बाढ़ का प्रकोप न झेलना पड़े और कामकाज चलता रहे। इस मौके पर अधीक्षण अभियंता अवनीश साहू, अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार, सहायक अभियंता ज्ञानधर प्रसाद, अवर अभियंता दयाशंकर सिंह, जेबीएल श्रीवास्तव, आरके नायक आदि मौजूद रहे
रेनकट से जर्जर हुआ रामपुर-कलवारी तटबंध
कुदरहा। रामपुर कलवारी तटबंध पर रामपुर से लेकर टेगरिहा राजा तक दर्जनभर रेनकट बने हुए हैं। कट इतने बड़े हैं कि तटबंध पर पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। तटबंध की सुरक्षा के लिए बनी निगरानी चौकी पर ताला लटक रहा है। जलस्तर बढ़ने से पिपरपाती, चकिया, बैसिया, मटियरिया व कुदरहा गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल बाढ़ की जद में आ गई है। स्थानीय निवासी फतेह बहादुर पाल, ज्ञानदास, रामजनम यादव, अरुण पाल, पंकज यादव ने बताया कि हर साल जून से तटबंध के रेनकट भर दिया जाता था, लेकिन इस बार ऐसे नहीं हुआ। बाढ़ खंड सहायक अभियंता एसएन सिंह ने बताया कि बंधे की सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। खतरे जैसे संकेत नहीं मिले हैं।
विसुही नदी का जलस्तर बढ़ा, संपर्क मार्ग जलमग्न
गौर। विसुही नदी का जलस्तर बढ़ने से बेलवरिया जंगल से माझा मानपुर जाने वाला संपर्क जलमग्न हो गया है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण बिना नाव पानी पार कर रहे हैं। दूसरी ओर किसानों की धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई है। हर्रैया तहसीलदार चंद्रभूषण ने बताया कि बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए राजस्वकर्मियों को लगाया गया है। नदी पार करने के लिए नाव की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ के लिए बना कंट्रोल रूम
बस्ती। जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) की स्थापना की गई है, जो कोविड-19 कंट्रोल रूम के साथ चलेगा। डीएम आशुतोष निरंजन ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से संबंधित कोई समस्या या सूचना, जिला बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 05542-245725, 245262 व तहसील हर्रैया कंट्रोल रूम नंबर 05542- 235316, 6307632823 पर संपर्क किया जा सकता है।